औद्यागिक विवाद अधिनियम 1947
इस कानून का उद्देश्य औद्योगिक विवादों की जांच, उनका निपटारा और कुछ दूसरी व्यवस्थाएं करना है। इसके मूल में सामाजिक न्यास की भावना है। औद्योगिक संबंधो में एक उचित स्तर पर सौहाद्र्र और सम्बन्ध बने रहे यही प्रयत्न होता है। इस कानून के अधीन अनेक अधिकारी स्थापित किये गये हैं और विशद कानून बनाए गए हैं। हड़ताल, तालाबंदी, छटनी आदि के लिए नियम बनाए हैं।
इस कानून के तहत निम्नलिखित को विवाद की परिभाषा में सम्मिलित किया जाता है -
- श्रमिकों एवं मालिकों के बीच विवाद
- मालिकों एवं मालिकों के बीच विवाद
- श्रामिकों एवं श्रमिकों के बीच विवाद
