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Group C, Group D और Workshop कर्मचारियों हेतु भर्ती के नियम
अप्रेन्टिस एवं प्रोबेशनर की सेवा शर्ते और नियम
अप्रेन्टिस एवं प्रोबेशनर की सेवा शर्ते और नियम
प्रशिक्षु (अप्रेन्टिस) - प्रशिक्षु से आशय ऐसे व्यक्ति जिसे किसी व्यवसाय या व्यापार
से सम्बद्ध प्रशिक्षण के लिए नियुक्त किया
जाता है ताकि उसे सरकारी सेवा में नियोजित किया जा सके। प्रशिक्षण के दौरान सरकार की ओर से उन्हें मासिक दर से वृतिका (स्टाइपंड)
दी जाती है किन्त वह किसी विभाग के केडर की मूल रिक्ति में नियोजित नहीं होता।
विशेष श्रणी के प्रशिक्षु - रेल पर विशेष वर्ग के
प्रशिक्षुओं की भर्ती संघ लोक सेवा आयोग के माध्यम से की जाती है जिन्हें विहित प्रशिक्षण के उपरान्त राजपत्रित सेवा समूह ‘क’ में नियोजित किया जाता है।
मेंकेनिक अप्रेन्टिस - इस श्रेणी के प्रशिक्षुओं की
भर्ती ट्रेड अप्रेन्टिस अधिनियम 1961 के प्रावधानों के अनुसार ही की जाती
है और इसी अधिनियम के तहत इनकी सेवा शर्तें निर्धारित होती हैं। रेलवे में इसकी
भर्ती सामान्यतः कारखानों में की जाती है।
परीवीक्षाधीन (प्रोबेशनर) - ऐसे व्यक्ति जिन्हें किसी विभाग के केडर की मूल रिक्ति में नियुक्ति प्रदान करन के उद्देश्य से रेलवे भर्ती बोर्डों के माध्यम से चयन कर प्रशिक्षण हेतु नामित
किया जाता है, इसमें सम्मिलित होत
हैं - प्रोबेशनर स्टेशन
मास्टर, प्रोबेशनर पथ
निरीक्षक, प्रोबेशनर निर्माण
निरीक्षक, प्रोबेशनर वाणिज्य
लिपिक इत्यादि।
प्रशिक्षु एवं
परीवीक्षाधीन (प्रोबेशनर) की सेवा शर्तें
- प्रशिक्षण के दौरान रेल मंत्रालय द्वारा समय समय
पर निर्धारित दर से स्टाइपंड का भुगतान किया जाता है।
- निर्धारित डाक्टरी परीक्षा पास करना अनिवार्य
होता है।
- स्वास्थ्य सेवाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती है।
- प्रशासन के साथ इन्हें एक अनुबंध भरना होता है।
- निर्धारित सिक्युरिटी डिपोजिट करनी होती है।
- सीधे भर्ती हुए प्रशिक्षु व परीवीक्षाधीन को
प्रशिक्षण के दौरान मकान किराया भत्ता
एवं शहर प्रतिकर भत्ता नहीं प्रदान किया जाता है लेकिन स्थाई व अस्थाई रेल कर्मचारी जो प्रशिक्षु में चयनित हो जाए तो इन्हें
नियमानुसार दौरान मकान किराया एवं शहर प्रतिकर भत्ता प्रदान किया जाता है।
- प्रशिक्षुओं की वरिष्ठता परीक्षा में प्राप्त
योग्यता क्रम में आंकी जाती है।
- विशेष श्रेणी प्रशिक्षुओं को पूरे स्टाइपंड पर
वर्ष में 1 माह की छुट्टी प्रदान की
जा सकती है। इससे अधिक अवधि की छुट्टी बीमारी के आधार पर दी जा सकती है किन्तु अधिक अवधि के लिए
स्टाइपंड नहीं दिया जाता है।
- कारखानों में अप्रेन्टिस मेकेनिक को एक वर्ष में
16 दिन तक पूरे स्टाइपंड पर
तथा चिकित्सा प्रमाण पर 20 दिन तक
आधे स्टाइपंड पर छुट्टी प्रदान की जा सकती है। ट्रेड अप्रेन्टिस को पूरी
वृतिका में 12 दिन तक और आधी वृतिका में 15 दिन तक चिकित्सा प्रमाण पत्र पर छुट्टी दी जाती है।
- अन्य सभी विभागों मे अराजपत्रित पदों के लिए
प्रशिक्षणाधीन अप्रेन्टिसों एवं प्रोबेशनरों जैसे - रेलपथ निरीक्षक, गाड़ी परीक्षक, स्टेशन
मास्टर, वाणिज्य लिपिक इत्यादि को
जिन्हें कि प्रशिक्षण के बाद ग्रुप ‘सी’ पदों पर नियुक्त किया जाता है, को वर्ष में 16 दिन तक
पूरे स्टाइपंड पर और चिकित्सा प्रमाण पत्र पर 20 दिन तक
आधे स्टाइपंड पर छुट्टी प्रदान की जाती है।
- सभी अप्रेन्टिसों को बिना स्टाइपंड पर
महाप्रबंधक असाधारण छुट्टी प्रदान करने में सक्षम है।
- ड्यूटी पर घायल होन पर प्रशिक्षुओं को अस्पताली
छुट्टी दी जाती है।
- प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण के बाद सेवा में
व्यवधान के बिना समायोजित कर लेने पर उनके छुट्टी लेखे की पुनः परिगणना की
जाती है और ऐसे मामलों मं प्रशिक्षणकाल की सम्पूर्ण अवधि को एक स्पेल मानते हुए सामान्य नियमों के अनसार छुट्टी का केडिट प्रदान किया जाता है तथा
प्रशिक्षणकाल में ली गई छुट्टियों को डेबिट (कम) कर दिया जाता है।
अप्रेन्टिस एवं प्रोबेशनर को
पास की सुविधा
ग्रुप ‘सी’ वेतनमान में प्रशिक्षुओं और प्रोबेशनरों को समय
समय पर निर्धारित वेतन सीमाओं के अनुसार उनकी प्रशिक्षुता पूरी होने पर उन्हें नियुक्त किए जान वाले पद या
ग्रेड के न्यूनतम वेतनमान के आधार पर केवल स्वयं के लिए निर्धारित दर्जा का पास एक सेट जारी करने का नियम है। यदि कोई रेल कर्मचारी
अपनी पिछली सेवा में रहते हुए अप्रेंटिस चयनित हो जाता है तो उसे अप्रेंटिस अवधि
के दौरान पिछली सेवा
के आधार पर पास एवं पी.टी.ओ. यथावत मिलते रहेंगे जिसमें परिवारके सदस्य एवं आश्रित भी शामिल होगें।
अप्रेन्टिस एवं प्रोबेशनर
को मंहगाई भत्ता अप्रेन्टिस एवं प्रोबेशनरो को उन्हें मिलन
वाले स्टाइपंड पर मंहगाई भत्ता सामान्य नियमों के अनसार दिया जाता है।
अप्रेन्टिस एवं प्रोबेशनर
के लिए यात्रा भत्ता के नियम
- विशेष श्रेणी के प्रशिक्षु जब प्रशिक्षण हेत एक मुख्यालय से दुसरे
मुख्यालय को जाएं तो उन्हें यात्रा की अवधि के लिए ही यात्रा भत्ता दय होगा। इसके अतिरिक्त न तो उन्हें कार्य ग्रहण समय दिया जाएगा और न
ही स्थानान्तरण की तरह यात्रा भत्ता लेकिन जब वे प्रशिक्षण के उद्देश्य से एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन को जाते हैं, और वह
अवधि 6 हफ्ते से अधिक नहीं हो तो उन्हें टूर पर समझा जाएगा तथा जब
वे स्टाफ कालेज वडोदरा में प्रशिक्षण के लिए जाते हैं और जितनी अवधि के लिए प्रशिक्षण लेते हैं, उन्हें
यात्रा एवं दैनिक भत्ता दिया जाएगा। दैनिक
भत्ते में से मैस शुल्क वसूल किया जाएगा।
- मेकेनिक प्रशिक्षु उस अवधि के लिए जब वह प्रशिक्षण हेत अपने मुख्यालय से बाहर रहते
हैं, यात्रा एवं दैनिक भत्ता लेने के पात्र होंग किन्त शर्त है कि उनकी यात्रा
प्रशिक्षण का एक अंग हो तथा उन्हें रहने के लिए मुफ्त आवास व्यवस्था उपलब्ध नहीं कराई गई हो लेकिन
यह रियायत केवल उन्हीं यांत्रिक प्रशिक्षुओं को अनमेय होगी जिन्हं उनके मुख्यालय पर मुफ्त खाना और ठहरने की सुविधा दी गई थी
तथा जिन्हें घटी हुई दरों पर स्टाइपंड प्रदान किया गया।
