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रेलवे कर्मचारियों के लिए Injury on Duty (IOD) नियमावली भाग–3

रेलवे कर्मचारियों के लिए Injury on Duty (IOD) नियमावली

भाग–3 : Work Related Illness & Injury Leave (WRIIL) – सम्पूर्ण मार्गदर्शिका

आधिकारिक संदर्भ: Railway Board Letter No. E(P&A)I-2019/CPC/LE-2, दिनांक 23.04.2019 (RBE No. 64/2019) द्वारा Railway Services (Liberalised Leave) Rules, 1949 में संशोधन कर Work Related Illness & Injury Leave (WRIIL) का प्रावधान किया गया।


1. WRIIL क्या है?

WRIIL (Work Related Illness & Injury Leave) ऐसी विशेष अवकाश व्यवस्था है, जो उन रेलवे कर्मचारियों के लिए बनाई गई है जिन्हें सरकारी कार्य (Work Related) के कारण बीमारी (Illness) या चोट (Injury) हुई हो।

यह सामान्य Medical Leave, Earned Leave या Half Pay Leave से अलग एक विशेष श्रेणी की अवकाश है।


2. WRIIL क्यों लागू की गई?

7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के बाद रेलवे बोर्ड ने पाया कि पहले से लागू Special Disability Leave एवं Hospital Leave जैसी व्यवस्थाओं को सरल एवं एकीकृत करने की आवश्यकता है।

इसी उद्देश्य से रेलवे बोर्ड ने 23 अप्रैल 2019 से WRIIL लागू की।


3. किस नियम के अंतर्गत WRIIL जोड़ी गई?

Railway Services (Liberalised Leave) Rules, 1949 में संशोधन करते हुए Rule 552 को Work Related Illness & Injury Leave (WRIIL) के रूप में प्रतिस्थापित किया गया।

साथ ही—

  • Rule 553 – Omitted

  • Rule 554 – Omitted

  • Rule 555 – Quarantine Leave – Deleted

अर्थात पुराने Hospital Leave एवं Special Disability Leave के प्रावधान समाप्त कर नई व्यवस्था लागू की गई।


4. WRIIL किन मामलों में दी जा सकती है?

रेलवे बोर्ड के आदेश के अनुसार WRIIL उन मामलों में दी जा सकती है जहाँ सक्षम प्राधिकारी यह स्वीकार करता है कि कर्मचारी की बीमारी या चोट कार्य-संबंधित (Work Related) है।

यह Leave स्वतः नहीं मिलती।

प्रत्येक मामले में सक्षम प्राधिकारी द्वारा निर्णय लिया जाता है।


5. WRIIL कौन स्वीकृत करता है?

WRIIL प्रदान करने का अधिकार उसी प्राधिकारी के पास होता है जो संबंधित कर्मचारी को Leave स्वीकृत करने के लिए सक्षम है।

आमतौर पर निम्न अभिलेखों का परीक्षण किया जाता है—

  • Medical Certificate

  • Injury Report

  • Departmental Report

  • Railway Medical Officer की राय

  • उपलब्ध साक्ष्य


6. WRIIL के दौरान Leave Salary

Railway Board के संशोधित Rule 552 के अनुसार—

(क) सामान्य रेलवे कर्मचारी

  • अस्पताल में भर्ती रहने की अवधि के दौरान Full Pay and Allowances

  • अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद भी नियमों में वर्णित सीमा तक Full Pay देय हो सकता है।

(ख) RPF/RPSF

RPF/RPSF कर्मियों के लिए Rule 552 में पृथक प्रावधान किए गए हैं।

  • अधिकारियों के लिए अलग व्यवस्था।

  • अधिकारियों से नीचे के कर्मचारियों के लिए अलग व्यवस्था।

इनका विस्तृत विवरण Rule 552 में दिया गया है।


7. Leave Account पर प्रभाव

Rule 552(4) का एक महत्वपूर्ण प्रावधान यह है कि—

जिस अवधि में कर्मचारी WRIIL पर रहता है, उस अवधि के दौरान उसके Leave Account में Leave on Average Pay (LAP) अथवा Leave on Half Average Pay (LHAP) का नया क्रेडिट नहीं जुड़ता।

यह प्रावधान कर्मचारियों के लिए जानना अत्यंत आवश्यक है।


8. यदि कर्मचारी को Employees' Compensation प्राप्त हो

Rule 552(3) के अनुसार—

यदि किसी कर्मचारी पर Employees' Compensation Act, 1923 लागू होता है और उसे उस अधिनियम के अंतर्गत Compensation प्राप्त होता है, तो WRIIL के अंतर्गत देय Leave Salary में नियमों के अनुसार समायोजन किया जाएगा।


9. क्या WRIIL स्वतः मिल जाती है?

नहीं।

निम्न परिस्थितियाँ आवश्यक होती हैं—

  • बीमारी या चोट का Work Related होना।

  • सक्षम प्राधिकारी द्वारा स्वीकृति।

  • Medical Authority की पुष्टि।

  • उपलब्ध अभिलेखों का परीक्षण।


10. पुराने नियमों में क्या परिवर्तन हुआ?

23.04.2019 के संशोधन के बाद—

पुरानी व्यवस्थावर्तमान व्यवस्था
Hospital LeaveWRIIL
Special Disability LeaveWRIIL
Rule 553Omitted
Rule 554Omitted

यह संशोधन Leave Rules को सरल एवं एकीकृत बनाने के उद्देश्य से किया गया।


महत्वपूर्ण बिंदु

✔ WRIIL केवल कार्य-संबंधी बीमारी या चोट के मामलों में लागू होती है।

✔ यह सामान्य Medical Leave नहीं है।

✔ प्रत्येक मामला सक्षम प्राधिकारी द्वारा परीक्षण के बाद ही स्वीकृत किया जाता है।

✔ Rule 552 वर्तमान में WRIIL का मुख्य नियम है।


आधिकारिक संदर्भ

  1. Railway Board Letter No. E(P&A)I-2019/CPC/LE-2, दिनांक 23.04.2019.

  2. RBE No. 64/2019 – Railway Services (Liberalised Leave) Rules, 1949 में संशोधन।

  3. Railway Services (Liberalised Leave) Rules, 1949 – Rule 552 (Work Related Illness & Injury Leave).


रेलवे कर्मचारियों के लिए Injury on Duty (IOD) नियमावली भाग–2

रेलवे कर्मचारियों के लिए Injury on Duty (IOD) नियमावली

भाग–2 : Injury on Duty (IOD) का कानूनी आधार एवं लागू नियम

महत्वपूर्ण सूचना: इस अध्याय में केवल Injury on Duty (IOD) से संबंधित मूल कानूनी एवं प्रशासनिक आधार का अध्ययन किया गया है। आगामी अध्यायों में प्रत्येक Rule, Railway Board Letter एवं RBE का क्रमवार विश्लेषण किया जाएगा।


1. Injury on Duty (IOD) का उद्देश्य

भारतीय रेलवे में लाखों कर्मचारी विभिन्न प्रकार के जोखिमपूर्ण कार्य करते हैं, जैसे—

  • ट्रैक रखरखाव
  • लोको संचालन
  • यार्ड शंटिंग
  • सिग्नल एवं दूरसंचार कार्य
  • ओएचई (OHE) अनुरक्षण
  • दुर्घटना राहत कार्य (ART/ARME)
  • पुल एवं भवन निर्माण
  • विद्युत एवं यांत्रिक कार्य

इन कार्यों के दौरान यदि कोई कर्मचारी घायल हो जाता है, तो उसके उपचार, अवकाश तथा अन्य प्रशासनिक कार्यवाही के लिए रेलवे ने विभिन्न नियम बनाए हैं।


2. Injury on Duty के लिए एक ही नियम नहीं है

यह समझना आवश्यक है कि "Injury on Duty Rules" नाम से रेलवे में कोई एक स्वतंत्र नियमावली (Single Code) नहीं है।

IOD से संबंधित प्रावधान विभिन्न नियम पुस्तकों एवं रेलवे बोर्ड के आदेशों में दिए गए हैं।

मुख्य स्रोत हैं—

  • Indian Railway Establishment Code (IREC)
  • Railway Services (Leave) Rules
  • Railway Board Instructions
  • Injury on Duty Policy & Procedure
  • Indian Railway Medical Manual (IRMM)

इसलिए किसी भी IOD मामले का निर्णय केवल एक नियम देखकर नहीं किया जा सकता।


3. IREC का महत्व

IOD मामलों में सबसे अधिक उद्धृत नियमों में से एक है—

IREC Volume-I

Rule 615

इस नियम में ड्यूटी के दौरान घायल रेलवे कर्मचारियों के लिए विशेष नर्सिंग (Special Nursing) का प्रावधान किया गया है।

यदि अधिकृत रेलवे चिकित्साधिकारी यह प्रमाणित करता है कि विशेष नर्सिंग आवश्यक है, तो नियमानुसार उसका व्यय रेलवे द्वारा वहन किया जा सकता है।


4. Leave Rules का महत्व

IOD का अर्थ केवल चिकित्सा सुविधा नहीं है।

यदि कर्मचारी कार्य करने में असमर्थ हो जाता है, तो उसके अवकाश (Leave) का प्रश्न भी उत्पन्न होता है।

इसी उद्देश्य से रेलवे Leave Rules में विशेष प्रावधान किए गए हैं।

समय-समय पर रेलवे बोर्ड ने इन नियमों में संशोधन भी किए हैं।


5. Work Related Illness & Injury Leave (WRIIL)

सातवें वेतन आयोग के बाद रेलवे बोर्ड ने Leave Rules में संशोधन करते हुए Work Related Illness & Injury Leave (WRIIL) लागू की।

यह व्यवस्था उन मामलों के लिए है जहाँ बीमारी अथवा चोट का संबंध कर्मचारी के सरकारी कार्य से हो।

Railway Board Letter

No. E(P&A)I-2019/CPC/LE-2

Date : 23.04.2019


6. IOD घोषित कौन करता है?

यह अत्यंत महत्वपूर्ण प्रश्न है।

किसी कर्मचारी के आवेदन मात्र से Injury on Duty घोषित नहीं किया जाता।

निर्णय संबंधित सक्षम रेलवे प्राधिकारी द्वारा उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर लिया जाता है।

सामान्यतः निम्नलिखित दस्तावेज देखे जाते हैं—

  • Accident Report
  • Medical Report
  • Supervisor Report
  • Duty Record
  • Attendance
  • उपलब्ध साक्ष्य

7. Railway Medical Officer की भूमिका

Railway Medical Officer सामान्यतः निम्न बिंदुओं पर अपनी राय देता है—

  • चोट की प्रकृति
  • गंभीरता
  • उपचार की अवधि
  • कार्य करने की क्षमता
  • अस्थायी अथवा स्थायी अक्षमता
  • Fitness / Unfitness

यह रिपोर्ट आगे की पूरी प्रशासनिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण आधार बनती है।


8. IOD स्वीकार होने पर क्या होता है?

यदि सक्षम प्राधिकारी मामले को Injury on Duty स्वीकार करता है, तो मामले की प्रकृति एवं लागू नियमों के अनुसार कर्मचारी को निम्न लाभ प्राप्त हो सकते हैं—

  • चिकित्सा सुविधा
  • WRIIL (जहाँ लागू हो)
  • विशेष नर्सिंग (IREC Rule 615 के अनुसार)
  • मेडिकल बोर्ड
  • अन्य वैधानिक लाभ

इनमें से प्रत्येक लाभ संबंधित नियमों की पात्रता पर निर्भर करता है।


9. किन विषयों पर अभी चर्चा नहीं की जा रही?

इस अध्याय में जानबूझकर निम्न विषय शामिल नहीं किए गए हैं—

  • Home to Duty Accident
  • Duty to Home Accident
  • Notional Extension Theory
  • Court Judgments

इन विषयों पर अलग अध्याय लिखा जाएगा और केवल वहीं शामिल किया जाएगा जहाँ रेलवे बोर्ड के आधिकारिक निर्देश या लागू विधिक आधार उपलब्ध हों।


इस अध्याय के मुख्य बिंदु

✔ Injury on Duty कोई एक नियम नहीं, बल्कि विभिन्न नियमों का समुच्चय है।

✔ IREC Rule 615 चिकित्सा एवं विशेष नर्सिंग से संबंधित महत्वपूर्ण नियम है।

✔ Leave संबंधी मामलों में WRIIL लागू होती है।

✔ प्रत्येक IOD मामले का निर्णय तथ्यों एवं सक्षम प्राधिकारी द्वारा किया जाता है।

✔ Injury on Duty का प्रत्येक दावा अलग-अलग तथ्यों के आधार पर परीक्षण किया जाता है।


संदर्भ (References)

  1. Indian Railway Establishment Code (IREC), Volume-I – Rule 615 (Railway Employees Injured on Duty).
  2. Railway Board Letter No. E(P&A)I-2019/CPC/LE-2 dated 23.04.2019 – Work Related Illness & Injury Leave (WRIIL) संबंधी संशोधन.

रेलवे कर्मचारियों के लिए Injury on Duty (IOD) नियमावली – भाग 1

रेलवे कर्मचारियों के लिए Injury on Duty (IOD) नियमावली – भाग 1

Injury on Duty (IOD) क्या है? नियम, परिभाषा एवं कानूनी आधार


भारतीय रेलवे विश्व के सबसे बड़े नियोक्ताओं में से एक है। लाखों रेलवे कर्मचारी प्रतिदिन ट्रैक, लोको, कोचिंग, सिग्नल, विद्युत, इंजीनियरिंग, परिचालन, चिकित्सा, सुरक्षा तथा प्रशासनिक कार्यों में लगे रहते हैं। इन कार्यों की प्रकृति को देखते हुए ड्यूटी के दौरान दुर्घटना (Accident) या शारीरिक चोट (Injury) की संभावना बनी रहती है।

ऐसी परिस्थितियों में रेलवे कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए विभिन्न नियम बनाए गए हैं। इन नियमों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ड्यूटी के दौरान घायल कर्मचारी को उचित चिकित्सा सुविधा, अवकाश तथा अन्य वैधानिक लाभ उपलब्ध कराए जा सकें।

भारतीय रेल में APAR Grading, Benchmark, Promotion एवं Representation – Complete Guide

APAR Grading System (APAR ग्रेडिंग प्रणाली)

APAR में केवल टिप्पणी (Remarks) ही नहीं लिखी जाती, बल्कि कर्मचारी के कार्य निष्पादन का समग्र मूल्यांकन (Overall Assessment) भी किया जाता है।

विभिन्न सेवाओं एवं श्रेणियों के अनुसार मूल्यांकन का प्रारूप अलग हो सकता है, पर सामान्यतः निम्न प्रकार की ग्रेडिंग प्रणाली अपनाई जाती है—

  • Outstanding

  • Very Good

  • Good

  • Average

  • Below Average (जहाँ लागू हो)

महत्वपूर्ण: APAR की ग्रेडिंग तथा उसका उपयोग संबंधित Railway Board/DOP&T के लागू निर्देशों एवं सेवा नियमों के अनुसार किया जाता है। किसी भी पदोन्नति या चयन के लिए आवश्यक Benchmark संबंधित नियमों के अनुसार निर्धारित होता है।

भारतीय रेल में APAR प्रक्रिया: Self Appraisal, Reporting, Reviewing एवं HRMS Guide

 APAR की संपूर्ण प्रक्रिया (APAR Workflow)

भारतीय रेल में APAR एक Systematic Performance Evaluation Process है। इसका उद्देश्य केवल कर्मचारी को अंक देना नहीं, बल्कि उसके कार्य निष्पादन का वस्तुनिष्ठ (Objective) मूल्यांकन करना तथा भविष्य के विकास (Career Development) के लिए मार्गदर्शन प्रदान करना है।

सामान्यतः APAR निम्न चरणों में पूरा किया जाता है—

  1. Self Appraisal

  2. Reporting Authority द्वारा मूल्यांकन

  3. Reviewing Authority द्वारा समीक्षा

  4. Accepting Authority द्वारा अनुमोदन (जहाँ लागू हो)

  5. APAR का अभिलेखीकरण (Record Maintenance)

  6. आवश्यकता होने पर संचार (Communication) एवं Representation

भारतीय रेल में APAR क्या है? उद्देश्य, ACR से अंतर, HRMS एवं SPARROW प्रणाली

किसी भी बड़े संगठन की सफलता उसके कर्मचारियों की कार्यकुशलता (Performance), उत्तरदायित्व (Accountability) तथा निरंतर विकास (Continuous Development) पर निर्भर करती है। कर्मचारियों के कार्य निष्पादन का निष्पक्ष मूल्यांकन न केवल उनकी व्यक्तिगत प्रगति के लिए आवश्यक है, बल्कि संगठन की दक्षता एवं पारदर्शिता बनाए रखने के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

भारतीय रेल (Indian Railways), जो विश्व के सबसे बड़े सार्वजनिक परिवहन संगठनों में से एक है, अपने कर्मचारियों के वार्षिक कार्य निष्पादन का मूल्यांकन Annual Performance Appraisal Report (APAR) प्रणाली के माध्यम से करती है।

APAR केवल एक वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट नहीं है, बल्कि यह कर्मचारी के पूरे वर्ष के कार्य, उपलब्धियों, व्यवहार, नेतृत्व क्षमता, ईमानदारी (Integrity), तकनीकी दक्षता तथा भविष्य की संभावनाओं का समग्र मूल्यांकन है। वर्तमान में भारतीय रेल में APAR प्रक्रिया को डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म (HRMS एवं SPARROW) के माध्यम से अधिक पारदर्शी, समयबद्ध एवं उत्तरदायी बनाया गया है।

भारतीय रेल में Selection Register (चयन रजिस्टर): तैयारी, संधारण एवं कार्यालयी प्रक्रिया

भारतीय रेल में विभिन्न पदों पर विभागीय चयन (Departmental Selection), पदोन्नति (Promotion), सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा (LDCE) तथा अन्य चयन प्रक्रियाएँ समय-समय पर आयोजित की जाती हैं। इन सभी चयन प्रक्रियाओं का व्यवस्थित एवं प्रमाणिक रिकॉर्ड बनाए रखने के लिए Selection Register (चयन रजिस्टर) का संधारण किया जाता है।

Selection Register Personnel Department का एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक अभिलेख (Administrative Record) है। यह चयन प्रक्रिया के प्रत्येक चरण का रिकॉर्ड सुरक्षित रखता है तथा भविष्य में संदर्भ (Reference), Audit, Vigilance एवं न्यायालयीन मामलों में महत्वपूर्ण साक्ष्य (Evidence) का कार्य करता है।

भारतीय रेल में Zonal, Divisional एवं Workshop Training Centres: संगठन, कार्य एवं महत्व

भारतीय रेल विश्व के सबसे बड़े रेल नेटवर्कों में से एक है। इसके सुरक्षित, कुशल एवं आधुनिक संचालन के लिए कर्मचारियों का नियमित प्रशिक्षण (Training) अत्यंत आवश्यक है। नई तकनीकों, सुरक्षा मानकों, सूचना प्रौद्योगिकी (Information Technology), मानव संसाधन प्रबंधन (Human Resource Management) तथा बदलते कार्य वातावरण के अनुरूप कर्मचारियों का ज्ञान एवं कौशल निरंतर विकसित किया जाता है।

इसी उद्देश्य से भारतीय रेल में Railway Board के अधीन केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थानों (Centralised Training Institutes) के साथ-साथ प्रत्येक Zonal Railway, Divisional Railway तथा प्रमुख Workshops में प्रशिक्षण केन्द्र (Training Centres) स्थापित किए गए हैं।

भारतीय रेलवे में नियत कालिक मेडिकल परीक्षा (PME – Periodical Medical Examination) : संपूर्ण मार्गदर्शिका

भारतीय रेलवे में संरक्षा (Safety) सर्वोच्च प्राथमिकता है। विशेषकर संरक्षा श्रेणी (Safety Category) के कर्मचारियों का शारीरिक एवं मानसिक रूप से पूर्णतः स्वस्थ होना अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से रेलवे प्रशासन द्वारा समय-समय पर कर्मचारियों की नियत कालिक मेडिकल परीक्षा (Periodical Medical Examination – PME) कराई जाती है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कर्मचारी अपने पद के लिए चिकित्सकीय रूप से पूर्णतः सक्षम (Medically Fit) हैं।

PME के लिए कर्मचारी को निर्धारित समय पर रेलवे चिकित्सालय में उपस्थित होकर स्वास्थ्य परीक्षण कराना तथा आवश्यक चिकित्सकीय प्रमाण-पत्र प्राप्त करना अनिवार्य होता है।

भारतीय रेल में Seniority Register (वरिष्ठता रजिस्टर): तैयारी, संधारण एवं संशोधन

 भारतीय रेल में वरिष्ठता (Seniority) का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। अधिकांश पदोन्नतियाँ, विभागीय चयन, स्थानांतरण, स्क्रीनिंग, प्रतिनियुक्ति तथा अन्य अनेक सेवा संबंधी मामलों में वरिष्ठता का विशेष महत्व होता है। इसलिए प्रत्येक विभाग एवं कैडर के लिए Seniority Register (वरिष्ठता रजिस्टर) का संधारण किया जाता है।

Seniority Register केवल कर्मचारियों की सूची नहीं है, बल्कि यह Personnel Department का एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक अभिलेख (Administrative Record) है। इसके आधार पर पदोन्नति पैनल (Promotion Panel), चयन सूची (Selection List), पात्रता (Eligibility) तथा अनेक प्रशासनिक निर्णय लिए जाते हैं।

भारतीय रेल में Cadre Register एवं Vacancy Register का संधारण (Maintenance Procedure): व्यावहारिक मार्गदर्शिका

 Personnel Department में Cadre Register तथा Vacancy Register दो ऐसे मूलभूत अभिलेख (Basic Administrative Records) हैं जिनके आधार पर भर्ती (Recruitment), पदोन्नति (Promotion), मानव संसाधन योजना (Manpower Planning), कैडर समीक्षा (Cadre Review) तथा आरक्षण रोस्टर (Reservation Roster) जैसी महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्यवाहियाँ की जाती हैं।

यदि इन रजिस्टरों का संधारण सही ढंग से न किया जाए, तो रिक्तियों का गलत निर्धारण, भर्ती में विलम्ब, पदोन्नति विवाद तथा Audit Objection जैसी समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं।

इस लेख में Cadre Register एवं Vacancy Register के व्यावहारिक संधारण (Practical Maintenance) की प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाया गया है।

भारतीय रेल में Vacancy Register (रिक्ति रजिस्टर): उद्देश्य, संधारण एवं महत्व

भारतीय रेल में मानव संसाधन प्रबंधन (Human Resource Management) का प्रमुख उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक स्वीकृत पद (Sanctioned Post) पर समय पर योग्य कर्मचारी उपलब्ध हों। इसके लिए रिक्त पदों (Vacancies) का सही एवं अद्यतन रिकॉर्ड बनाए रखना आवश्यक होता है।

इसी उद्देश्य से Personnel Department द्वारा Vacancy Register (रिक्ति रजिस्टर) का संधारण किया जाता है। यह रजिस्टर किसी भी समय उपलब्ध रिक्तियों की वास्तविक स्थिति दर्शाता है तथा भर्ती (Recruitment), पदोन्नति (Promotion), विभागीय चयन (Selection) एवं मानव संसाधन योजना (Manpower Planning) का आधार बनता है।

भारतीय रेल में कैडर रजिस्टर (Cadre Register): उद्देश्य, संधारण एवं महत्व

भारतीय रेल में मानव संसाधन प्रबंधन (Human Resource Management) का आधार सही एवं अद्यतन अभिलेख (Records) हैं। किसी भी कैडर में स्वीकृत पदों (Sanctioned Strength), कार्यरत कर्मचारियों (Men in Position), रिक्तियों (Vacancies), पदोन्नति (Promotion) तथा भर्ती (Recruitment) का सही विवरण उपलब्ध कराने के लिए Cadre Register (कैडर रजिस्टर) का संधारण किया जाता है।

Cadre Register Personnel Department का एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रशासनिक अभिलेख (Administrative Record) है। यह किसी भी कैडर की वर्तमान स्थिति का प्रमाणिक रिकॉर्ड प्रस्तुत करता है तथा भर्ती, पदोन्नति, कैडर समीक्षा (Cadre Review) और मानव संसाधन योजना (Manpower Planning) का आधार बनता है।

भारतीय रेल में Recruitment Indent की तैयारी (Preparation of Recruitment Indent): चरणबद्ध प्रक्रिया

Recruitment Indent केवल एक पत्र (Letter) या प्रस्ताव (Proposal) नहीं है, बल्कि यह भारतीय रेल की भर्ती प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक दस्तावेज है। इसकी तैयारी में किसी भी प्रकार की त्रुटि होने पर पूरी भर्ती प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

इसी कारण Personnel Department Recruitment Indent तैयार करने से पूर्व प्रत्येक तथ्य का सावधानीपूर्वक परीक्षण करता है। रिक्तियों की संख्या, भर्ती का स्रोत, आरक्षण रोस्टर, Recruitment Rules तथा सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति जैसे सभी बिंदुओं का सत्यापन आवश्यक होता है।

भारतीय रेल में भर्ती नियम (Recruitment Rules - RRs): संरचना, प्रमुख प्रावधान एवं महत्व

भारतीय रेल (Indian Railways) विश्व के सबसे बड़े नियोक्ताओं (Employers) में से एक है। इतने विशाल संगठन में विभिन्न विभागों, सेवाओं एवं पदों पर भर्ती, पदोन्नति तथा नियुक्ति की प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और नियमबद्ध बनाने के लिए प्रत्येक पद के लिए Recruitment Rules (RRs) निर्धारित किए जाते हैं।

Recruitment Rules किसी भी पद के लिए यह निर्धारित करते हैं कि उस पद पर भर्ती कैसे होगी, कौन पात्र होगा, किस माध्यम से नियुक्ति की जाएगी तथा पदोन्नति की प्रक्रिया क्या होगी। इसलिए Recruitment Rules को किसी भी भर्ती प्रणाली की आधारशिला (Foundation of Recruitment System) माना जाता है।

Personnel Department के लिए Recruitment Rules सबसे महत्वपूर्ण संदर्भ दस्तावेजों (Reference Documents) में से एक हैं। Vacancy Assessment, Recruitment Indent, Departmental Selection, Promotion, Seniority एवं Eligibility Verification जैसे लगभग सभी कार्य इन्हीं नियमों के आधार पर किए जाते हैं।

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