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LIMBS (Legal Information Management & Briefing System)

LIMBS (Legal Information Management & Briefing System) भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय (Department of Legal Affairs, Ministry of Law & Justice) द्वारा विकसित एक वेब-आधारित (Web-based) कानूनी प्रबंधन प्रणाली है। इसका उद्देश्य भारत सरकार के मंत्रालयों एवं विभागों, जिनमें भारतीय रेलवे भी शामिल है, के न्यायालयीन मामलों का डिजिटल प्रबंधन, निगरानी तथा समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करना है।

भारतीय रेलवे में सेवा संबंधी विवाद, संविदा (Contract), भूमि, दुर्घटना दावा, निविदा, पेंशन, पदोन्नति, वरिष्ठता तथा अन्य प्रशासनिक मामलों से संबंधित अनेक प्रकरण विभिन्न न्यायालयों एवं न्यायाधिकरणों में विचाराधीन रहते हैं। इन मामलों की प्रभावी निगरानी एवं समय पर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए रेलवे में LIMBS का उपयोग किया जाता है।

निलम्बन (Suspension) - अनुशासन एवं अपील नियम

निलम्बन (Suspension) – रेलवे कर्मचारियों के लिए संपूर्ण नियम

निलम्बन (Suspension) रेलवे प्रशासन द्वारा अपनाई जाने वाली एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्यवाही (Administrative Action) है। इसका उद्देश्य किसी कर्मचारी को दण्डित करना नहीं, बल्कि विभागीय जांच, आपराधिक मामले अथवा प्रशासनिक हितों की रक्षा करते हुए निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना है। निलम्बन के दौरान कर्मचारी सेवा (Service) में बना रहता है, किन्तु उसे अपने पद के कार्यों का निर्वहन करने तथा सामान्य रूप से कार्यालय में कार्य करने की अनुमति नहीं होती। अतः निलम्बन को दण्ड (Punishment) नहीं माना जाता, बल्कि यह केवल एक अंतरिम (Interim) व्यवस्था है।

8. रेलवे कर्मचारियों की नौकरी के दौरान पढ़ाई एवं शैक्षणिक योग्यता से जुड़े नियम | सम्पूर्ण मार्गदर्शिका (भाग-8)

परिशिष्ट (Appendix)

परिशिष्ट–A : उच्च शैक्षणिक योग्यता से संबंधित Railway Board के महत्वपूर्ण आदेश

क्रमपत्र संख्या / RBEविषयपुस्तक में संदर्भ
1RBE No. 191/2017Service Record में Higher Educational Qualification की Recordingभाग–2
2RBE No. 07/2018RBE 191/2017 का स्पष्टीकरणभाग–2
3Railway Board द्वारा समय-समय पर जारी अन्य संबंधित आदेशआवश्यकता अनुसारविभिन्न अध्याय

नोट: प्रत्येक आदेश का नवीनतम संशोधन (यदि कोई हो) भी अवश्य देखें।

परिशिष्ट–B : उच्च शिक्षा से संबंधित प्रमुख भारतीय कानून एवं विनियम

  1. University Grants Commission Act, 1956
  2. UGC Regulations (समय-समय पर संशोधित)
  3. UGC (Online Programmes) Regulations
  4. UGC (Open and Distance Learning Programmes) Regulations
  5. AICTE Regulations (जहाँ लागू हों)
  6. NCTE Regulations (जहाँ लागू हों)
  7. AIU Equivalence Guidelines (विदेशी Degrees के लिए)

परिशिष्ट–C : भारतीय रेलवे के प्रमुख सेवा नियम

उच्च शिक्षा से संबंधित विषयों का अध्ययन करते समय निम्न नियम विशेष रूप से उपयोगी हैं—

  • Railway Servants (Conduct) Rules, 1966
  • Railway Servants (Discipline & Appeal) Rules, 1968
  • Indian Railway Establishment Code (IREC)
  • Indian Railway Establishment Manual (IREM)
  • संबंधित Recruitment Rules
  • संबंधित Departmental Circulars

परिशिष्ट–D : उच्च शिक्षा प्रारम्भ करने से पहले कर्मचारी की चेकलिस्ट

प्रवेश लेने से पहले निम्न प्रश्न स्वयं से अवश्य पूछें—

☐ क्या विश्वविद्यालय विधि द्वारा स्थापित है?

☐ क्या Course मान्यता प्राप्त है?

☐ क्या यह Degree भविष्य में मेरे उद्देश्य के लिए उपयोगी होगी?

☐ क्या मेरी ड्यूटी प्रभावित तो नहीं होगी?

☐ क्या किसी विशेष प्रशासनिक अनुमति की आवश्यकता है?

☐ क्या मैंने संबंधित Recruitment Rules देख लिए हैं?

☐ क्या मैंने सभी दस्तावेजों की प्रतियाँ सुरक्षित रख ली हैं?

☐ क्या भविष्य में आवश्यकता होने पर मैं मूल प्रमाणपत्र प्रस्तुत कर सकूँगा?

परिशिष्ट–E : नौकरी के दौरान उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए Do's & Don'ts

क्या करें (Do's)

✔ केवल मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय में प्रवेश लें।

✔ प्रवेश से पहले Course की वैधता जाँच लें।

✔ सरकारी कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

✔ सभी मूल प्रमाणपत्र सुरक्षित रखें।

✔ आवश्यक होने पर दस्तावेजों का सत्यापन कराएँ।

✔ नवीनतम Railway Board आदेशों का अध्ययन करें।

✔ भविष्य की भर्ती के Recruitment Rules पहले देखें।

क्या न करें (Don'ts)

✘ बिना मान्यता वाले संस्थान में प्रवेश न लें।

✘ केवल सोशल मीडिया की जानकारी पर भरोसा न करें।

✘ फर्जी प्रमाणपत्र का उपयोग कभी न करें।

✘ यह न मानें कि हर Degree से Promotion मिल जाएगी।

✘ सरकारी ड्यूटी की उपेक्षा न करें।

✘ पुराने Circular के आधार पर अंतिम निर्णय न लें।

परिशिष्ट–F : इस पुस्तक में प्रयुक्त संक्षिप्त शब्द (Abbreviations)

संक्षिप्त रूपपूर्ण नाम
RBERailway Board Establishment Circular
IRECIndian Railway Establishment Code
IREMIndian Railway Establishment Manual
DARDiscipline & Appeal Rules Proceedings
UGCUniversity Grants Commission
DEBDistance Education Bureau
AICTEAll India Council for Technical Education
NCTENational Council for Teacher Education
AIUAssociation of Indian Universities
NOCNo Objection Certificate
ODLOpen and Distance Learning

परिशिष्ट–G : महत्वपूर्ण आधिकारिक वेबसाइटें

नवीनतम नियमों की पुष्टि के लिए सदैव आधिकारिक स्रोतों का उपयोग करें।

  • Railway Board
  • Indian Railways
  • University Grants Commission (UGC)
  • Distance Education Bureau (DEB)
  • AICTE
  • NCTE
  • Association of Indian Universities (AIU)

परिशिष्ट–H : लेखक की ओर से

रेलवे सेवा केवल नियमों का पालन करने तक सीमित नहीं है। एक जागरूक कर्मचारी वह है जो अपने अधिकारों और दायित्वों—दोनों को समान रूप से समझता है। उच्च शिक्षा उसी जागरूकता का एक महत्वपूर्ण आधार है।

इस पुस्तक का उद्देश्य किसी विशेष निर्णय के लिए प्रेरित करना नहीं, बल्कि कर्मचारियों को प्रमाणिक, नियम-आधारित और व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराना है, ताकि वे स्वयं सही निर्णय ले सकें।

यदि इस पुस्तक के अध्ययन के बाद कोई कर्मचारी—

  • सही विश्वविद्यालय का चयन कर सके,
  • सेवा नियमों को समझ सके,
  • अनावश्यक विवादों से बच सके,
  • और अपनी शैक्षणिक उन्नति को सेवा दायित्वों के साथ संतुलित कर सके,

तो इस पुस्तक का उद्देश्य सफल माना जाएगा।


7. रेलवे कर्मचारियों की नौकरी के दौरान पढ़ाई एवं शैक्षणिक योग्यता से जुड़े नियम | सम्पूर्ण मार्गदर्शिका (भाग-7)

भाग–7 : महत्वपूर्ण संदर्भ, उपयोगी संसाधन एवं अंतिम निष्कर्ष

इस पुस्तक में रेलवे कर्मचारी द्वारा नौकरी के दौरान उच्च शिक्षा प्राप्त करने से संबंधित विभिन्न नियमों, Railway Board के आदेशों, शैक्षणिक मान्यता, Service Record, व्यावहारिक परिस्थितियों तथा सामान्य भ्रांतियों का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है।

इस अंतिम अध्याय का उद्देश्य पाठक को उन आधिकारिक स्रोतों की जानकारी देना है, जहाँ से वह भविष्य में भी नवीनतम एवं प्रमाणिक जानकारी प्राप्त कर सके।

Case–1 : उच्च शिक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण Railway Board आदेश

उच्च शैक्षणिक योग्यता के संबंध में निम्न Railway Board आदेश विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं—

(1) RBE No. 191/2017

विषय : Service Record में उच्च शैक्षणिक योग्यता के अभिलेखन (Recording of Higher Educational Qualification) के संबंध में दिशा-निर्देश।

मुख्य उद्देश्य :

  • उच्च शैक्षणिक योग्यता का रिकॉर्ड संधारित करना।
  • प्रमाणपत्रों का सत्यापन।
  • भविष्य के विवादों से बचाव।
  • सभी रेलों में एकरूपता स्थापित करना।

(2) RBE No. 07/2018

विषय : RBE No. 191/2017 के संबंध में स्पष्टीकरण।

मुख्य उद्देश्य :

  • व्यावहारिक कठिनाइयों का समाधान।
  • रिकॉर्डिंग प्रक्रिया को स्पष्ट करना।
  • कर्मचारियों एवं प्रशासन दोनों के लिए एक समान व्यवस्था सुनिश्चित करना।

Case–2 : अध्ययन के दौरान किन प्रमुख नियमों का अध्ययन करना चाहिए?

यदि कोई रेलवे कर्मचारी नौकरी के दौरान उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहता है, तो उसे निम्न नियमों का अध्ययन अवश्य करना चाहिए—

  • Railway Servants (Conduct) Rules, 1966
  • Railway Servants (Discipline & Appeal) Rules, 1968
  • Indian Railway Establishment Code (IREC)
  • संबंधित Recruitment Rules
  • Railway Board के लागू Circulars एवं RBE Orders

Case–3 : शैक्षणिक मान्यता के लिए किन संस्थाओं के नियम महत्वपूर्ण हैं?

उच्च शिक्षा के संबंध में निम्न संस्थाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है—

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC)

  • विश्वविद्यालयों की वैधानिक व्यवस्था।
  • उच्च शिक्षा संबंधी विनियम।

Distance Education Bureau (DEB)

  • Distance एवं Online Education से संबंधित व्यवस्था (जहाँ लागू हो)।

All India Council for Technical Education (AICTE)

  • तकनीकी शिक्षा से संबंधित मानक।

National Council for Teacher Education (NCTE)

  • शिक्षक शिक्षा (Teacher Education) संबंधी नियम।

Association of Indian Universities (AIU)

  • विदेशी Degrees की Equivalence (जहाँ लागू हो)।

Case–4 : भविष्य में नियमों का अद्यतन (Updation) कैसे करें?

रेलवे नियम समय-समय पर संशोधित होते रहते हैं।

इसलिए कर्मचारी को निम्न सिद्धांत अपनाना चाहिए—

  • किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले नवीनतम Railway Board आदेश देखें।
  • संबंधित Recruitment Notification का अध्ययन करें।
  • विश्वविद्यालय की वर्तमान मान्यता की पुष्टि करें।
  • पुराने Circular के स्थान पर नया आदेश जारी हुआ है या नहीं, इसकी जाँच करें।

Case–5 : इस पुस्तक का अंतिम संदेश

उच्च शिक्षा केवल पदोन्नति या नौकरी बदलने का माध्यम नहीं है।

यह—

  • ज्ञान बढ़ाने का माध्यम है।
  • कार्यकुशलता विकसित करने का माध्यम है।
  • प्रशासनिक समझ को मजबूत करने का माध्यम है।
  • बेहतर निर्णय क्षमता विकसित करने का माध्यम है।
  • व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक विकास का आधार है।

रेलवे कर्मचारी यदि नियमों की सही जानकारी के साथ उच्च शिक्षा प्राप्त करता है, तो उसका लाभ केवल उसे ही नहीं, बल्कि पूरे संगठन को प्राप्त होता है।

भारतीय रेलवे विश्व के सबसे बड़े सार्वजनिक परिवहन संगठनों में से एक है। ऐसे विशाल संगठन में सेवा नियमों, प्रशासनिक प्रक्रियाओं तथा शैक्षणिक योग्यताओं का सही ज्ञान प्रत्येक कर्मचारी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

यह पुस्तक इसी उद्देश्य से तैयार की गई है कि रेलवे कर्मचारी, Establishment Branch, Personnel Department, विभागीय परीक्षा के अभ्यर्थी तथा प्रशासनिक अधिकारी—सभी एक ही स्थान पर प्रमाणिक, व्यवस्थित एवं नियम-आधारित जानकारी प्राप्त कर सकें।

इस पुस्तक में जहाँ भी Railway Board के स्पष्ट आदेश उपलब्ध हैं, उन्हें प्राथमिकता दी गई है। जहाँ कोई सामान्य आदेश उपलब्ध नहीं है, वहाँ अनुमान लगाने के बजाय वही तथ्य प्रस्तुत किए गए हैं जो उपलब्ध नियमों, वैधानिक प्रावधानों तथा प्रशासनिक सिद्धांतों से समर्थित हैं।

आशा है कि यह पुस्तक रेलवे कर्मचारियों के लिए केवल अध्ययन सामग्री ही नहीं, बल्कि एक विश्वसनीय संदर्भ ग्रंथ (Trusted Reference Guide) के रूप में भी उपयोगी सिद्ध होगी।

महत्वपूर्ण अस्वीकरण (Disclaimer)

यह पुस्तक भारतीय रेलवे के कर्मचारियों को उच्च शैक्षणिक योग्यता से संबंधित नियमों, प्रक्रियाओं एवं प्रशासनिक सिद्धांतों की जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार की गई है।

यद्यपि इसमें उपलब्ध जानकारी को Railway Board के आदेशों, भारतीय रेलवे के सेवा नियमों तथा संबंधित वैधानिक प्रावधानों के आधार पर यथासंभव शुद्ध एवं अद्यतन रखने का प्रयास किया गया है, फिर भी समय-समय पर नियमों, नीतियों एवं प्रशासनिक निर्देशों में संशोधन हो सकते हैं।

अतः किसी भी सेवा संबंधी निर्णय, दावा, आवेदन या प्रशासनिक कार्रवाई से पूर्व संबंधित Railway Board के नवीनतम आदेश, Recruitment Rules, भारतीय रेलवे के लागू सेवा नियम तथा संबंधित सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी अद्यतन निर्देशों का अवश्य अध्ययन करें।

इस पुस्तक का उद्देश्य आधिकारिक आदेशों का स्थान लेना नहीं, बल्कि उनके अध्ययन एवं सही अनुप्रयोग में सहायता प्रदान करना है।

6. रेलवे कर्मचारियों की नौकरी के दौरान पढ़ाई एवं शैक्षणिक योग्यता से जुड़े नियम | सम्पूर्ण मार्गदर्शिका (भाग-6)

भाग–6 : रेलवे कर्मचारियों के लिए चरणबद्ध मार्गदर्शिका (Step-by-Step Practical Guide)

नौकरी के दौरान उच्च शिक्षा प्राप्त करना केवल किसी विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने तक सीमित नहीं है। यदि कर्मचारी प्रारम्भ से ही सही योजना बनाए, मान्यता प्राप्त संस्थान का चयन करे तथा रेलवे सेवा नियमों का पालन करे, तो भविष्य में अधिकांश प्रशासनिक एवं कानूनी समस्याओं से बचा जा सकता है।

इस अध्याय का उद्देश्य रेलवे कर्मचारियों को एक व्यावहारिक मार्गदर्शिका उपलब्ध कराना है, ताकि वे उच्च शिक्षा प्राप्त करने से पहले, अध्ययन के दौरान तथा शैक्षणिक योग्यता प्राप्त करने के बाद आवश्यक सावधानियों का पालन कर सकें।

5. रेलवे कर्मचारियों की नौकरी के दौरान पढ़ाई एवं शैक्षणिक योग्यता से जुड़े नियम | सम्पूर्ण मार्गदर्शिका (भाग-5)

Case–1 : क्या NOC के बिना पढ़ाई करना नियमों का उल्लंघन है?

भ्रांति

"यदि रेलवे कर्मचारी बिना NOC के किसी Course में प्रवेश लेता है, तो यह सेवा नियमों का उल्लंघन है।"

वास्तविक स्थिति

यह कथन प्रत्येक परिस्थिति में सही नहीं है।

Railway Board द्वारा ऐसा कोई सामान्य आदेश उपलब्ध नहीं है जिसमें प्रत्येक प्रकार की उच्च शिक्षा के लिए अनिवार्य रूप से NOC प्राप्त करना आवश्यक बताया गया हो।

NOC की आवश्यकता संबंधित परिस्थितियों पर निर्भर करती है, जैसे—

  • क्या कर्मचारी कार्यालय समय में अध्ययन करना चाहता है?
  • क्या Study Leave की आवश्यकता है?
  • क्या किसी विशेष प्रशासनिक सुविधा की मांग की जा रही है?

यदि कर्मचारी अपने निजी समय में अध्ययन कर रहा है और सरकारी कार्य प्रभावित नहीं हो रहा है, तो प्रत्येक मामले में NOC अनिवार्य है, ऐसा कोई सामान्य Railway Board आदेश उपलब्ध नहीं है।

निष्कर्ष

भ्रांति पूर्णतः सही नहीं है।


Case–2 : क्या Distance Education की Degree रेलवे में मान्य नहीं होती?

भ्रांति

"रेलवे केवल Regular Degree को ही स्वीकार करता है।"

वास्तविक स्थिति

Railway Board द्वारा ऐसा कोई सामान्य आदेश उपलब्ध नहीं है जिसमें सभी Distance Degrees को अस्वीकार किया गया हो।

मुख्य प्रश्न यह नहीं है कि Degree Distance Mode से प्राप्त हुई है या Regular Mode से।

मुख्य प्रश्न यह है—

  • क्या विश्वविद्यालय मान्यता प्राप्त है?
  • क्या Course वैध है?
  • क्या संबंधित सेवा नियम उस योग्यता को स्वीकार करते हैं?

यदि इन प्रश्नों का उत्तर "हाँ" है, तो संबंधित सेवा प्रयोजन के लिए उस Degree पर विचार किया जा सकता है।

निष्कर्ष

यह भ्रांति भी सही नहीं है।


Case–3 : क्या Degree मिलते ही Promotion का अधिकार बन जाता है?

भ्रांति

"यदि कर्मचारी ने MBA, M.Tech., LL.B. या अन्य उच्च शिक्षा प्राप्त कर ली, तो उसे पदोन्नति मिलनी ही चाहिए।"

वास्तविक स्थिति

यह सबसे सामान्य गलतफहमियों में से एक है।

भारतीय रेलवे में पदोन्नति केवल शैक्षणिक योग्यता के आधार पर नहीं दी जाती।

Promotion का निर्णय संबंधित—

  • Recruitment Rules,
  • Promotion Rules,
  • Seniority,
  • Selection Procedure,
  • Suitability,
  • Medical Standards (जहाँ लागू हों)

आदि के आधार पर किया जाता है।

केवल Degree प्राप्त करने से स्वतः पदोन्नति का अधिकार उत्पन्न नहीं होता।

निष्कर्ष

यह धारणा गलत है।

Case–4 : क्या Service Record में दर्ज नहीं होने पर Degree का कोई महत्व नहीं रहता?

भ्रांति

"यदि नौकरी के दौरान प्राप्त शैक्षणिक योग्यता Service Record में दर्ज नहीं हुई, तो वह Degree भविष्य में किसी काम की नहीं रहेगी।"

वास्तविक स्थिति

यह धारणा पूरी तरह सही नहीं है।

Service Record का उद्देश्य कर्मचारी के सेवा संबंधी विवरणों का अभिलेखन (Record Maintenance) है। किसी शैक्षणिक योग्यता का Service Record में दर्ज होना प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हो सकता है, विशेषकर तब जब उसका उपयोग किसी सेवा प्रयोजन—जैसे विभागीय चयन, पदोन्नति या अन्य पात्रता—के लिए किया जाना हो।

किन्तु केवल इस आधार पर कि किसी समय वह योग्यता Service Record में दर्ज नहीं हुई, यह नहीं कहा जा सकता कि वह शैक्षणिक योग्यता स्वतः अमान्य या निरर्थक हो गई।

यदि कर्मचारी के पास वैध एवं मान्यता प्राप्त शैक्षणिक प्रमाणपत्र उपलब्ध हैं, तो संबंधित नियमों के अनुसार आवश्यकता होने पर उनका सत्यापन एवं उपयोग किया जा सकता है।

निष्कर्ष

Service Record में प्रविष्टि महत्वपूर्ण है, लेकिन वही किसी Degree की वैधता का एकमात्र आधार नहीं है।


Case–5 : क्या केवल Graduation करने से सभी पदों के लिए पात्रता मिल जाती है?

भ्रांति

"एक बार Graduation हो जाए तो रेलवे के सभी पदों के लिए आवेदन किया जा सकता है।"

वास्तविक स्थिति

यह धारणा भी सही नहीं है।

भारतीय रेलवे में प्रत्येक पद के लिए अलग-अलग Recruitment Rules होते हैं। किसी पद के लिए केवल Graduation पर्याप्त हो सकती है, जबकि किसी अन्य पद के लिए—

  • विशेष विषय (Specific Discipline),
  • तकनीकी योग्यता,
  • अनुभव,
  • प्रशिक्षण,
  • चिकित्सा मानक,
  • या अन्य अतिरिक्त पात्रताएँ

निर्धारित हो सकती हैं।

अतः केवल Graduation प्राप्त कर लेने से सभी पदों के लिए पात्रता स्वतः प्राप्त नहीं हो जाती।

निष्कर्ष

प्रत्येक पद की पात्रता उसके Recruitment Rules से निर्धारित होती है, केवल Degree से नहीं।


Case–6 : क्या Open University की Degree हमेशा Regular Degree के बराबर होती है?

भ्रांति

"Open University की प्रत्येक Degree स्वतः Regular Degree के समान होती है।"

वास्तविक स्थिति

यह कथन भी प्रत्येक परिस्थिति में सही नहीं है।

किसी Degree की स्वीकार्यता इस बात पर निर्भर करेगी कि—

  • विश्वविद्यालय मान्यता प्राप्त है।
  • संबंधित Programme नियामक संस्था द्वारा अनुमोदित है।
  • जिस उद्देश्य के लिए Degree का उपयोग किया जा रहा है, उसके नियम उसे स्वीकार करते हैं।

कुछ मामलों में Regular एवं Distance/Online Programme के लिए अलग-अलग पात्रता शर्तें भी निर्धारित हो सकती हैं।

अतः केवल "Open University" शब्द के आधार पर कोई सामान्य निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

निष्कर्ष

Open University की Degree की स्वीकार्यता संबंधित नियमों एवं उद्देश्य पर निर्भर करती है।


Case–7 : क्या नौकरी के दौरान पढ़ाई करने के लिए विभाग को हमेशा सूचना देना आवश्यक है?

भ्रांति

"यदि कर्मचारी विभाग को सूचना दिए बिना पढ़ाई करता है, तो वह स्वतः दोषी माना जाएगा।"

वास्तविक स्थिति

Railway Board द्वारा ऐसा कोई सामान्य आदेश उपलब्ध नहीं है जो प्रत्येक प्रकार की उच्च शिक्षा के लिए प्रत्येक कर्मचारी पर पूर्व सूचना देना अनिवार्य घोषित करता हो।

हाँ, यदि अध्ययन के कारण—

  • कार्यालय समय प्रभावित होता है,
  • अवकाश की आवश्यकता होती है,
  • विशेष प्रशासनिक सुविधा चाहिए,
  • या किसी नियम के अनुसार अनुमति अपेक्षित है,

तो संबंधित नियम लागू होंगे।

इसलिए प्रत्येक परिस्थिति को उसके तथ्यों के आधार पर देखा जाएगा।

निष्कर्ष

प्रत्येक मामले में पूर्व सूचना अनिवार्य है, ऐसा कोई सामान्य Railway Board आदेश उपलब्ध नहीं है।


Case–8 : क्या विश्वविद्यालय द्वारा Degree मिल जाने के बाद रेलवे उसे अस्वीकार नहीं कर सकता?

भ्रांति

"यदि विश्वविद्यालय ने Degree दे दी है, तो रेलवे उसे हर स्थिति में स्वीकार करेगा।"

वास्तविक स्थिति

यह धारणा सही नहीं है।

विश्वविद्यालय Degree प्रदान करता है, लेकिन रेलवे यह निर्धारित करता है कि उस Degree का सेवा प्रयोजन के लिए उपयोग किया जा सकता है या नहीं।

उदाहरण के लिए—

  • संबंधित पद के Recruitment Rules में वह योग्यता निर्धारित होनी चाहिए।
  • Degree मान्यता प्राप्त होनी चाहिए।
  • यदि किसी विशेष विषय (Discipline) की आवश्यकता है, तो Degree उसी विषय की होनी चाहिए।
  • जहाँ आवश्यक हो, दस्तावेजों का सत्यापन भी किया जा सकता है।

इसलिए विश्वविद्यालय द्वारा Degree प्रदान कर देना और रेलवे द्वारा उसे किसी विशेष सेवा प्रयोजन के लिए स्वीकार करना—दो अलग-अलग विषय हैं।

निष्कर्ष

Degree की शैक्षणिक वैधता और उसकी सेवा संबंधी स्वीकार्यता दो अलग-अलग प्रश्न हैं।


Case–9 : क्या नौकरी के दौरान प्राप्त Degree के आधार पर वेतन (Pay) या वेतनवृद्धि (Increment) स्वतः मिल जाती है?

भ्रांति

"यदि रेलवे कर्मचारी नौकरी के दौरान Graduation, Post Graduation, MBA, M.Tech., Ph.D. या अन्य उच्च शैक्षणिक योग्यता प्राप्त कर लेता है, तो उसे स्वतः अतिरिक्त वेतन या वेतनवृद्धि मिल जाती है।"

वास्तविक स्थिति

यह धारणा सही नहीं है।

भारतीय रेलवे में केवल उच्च शैक्षणिक योग्यता प्राप्त कर लेने से स्वतः अतिरिक्त वेतन, अतिरिक्त वेतनवृद्धि (Additional Increment) अथवा विशेष वित्तीय लाभ का अधिकार उत्पन्न नहीं होता।

यदि किसी विशेष पद, सेवा, कैडर या Railway Board के किसी विशेष आदेश में ऐसी व्यवस्था की गई हो, तो वही लागू होगी। अन्यथा केवल Degree प्राप्त करने के आधार पर अतिरिक्त वित्तीय लाभ का दावा नहीं किया जा सकता।

निष्कर्ष

उच्च शैक्षणिक योग्यता प्राप्त करने से स्वतः वेतन या अतिरिक्त वेतनवृद्धि नहीं मिलती। वित्तीय लाभ केवल लागू नियमों एवं Railway Board के आदेशों के अनुसार ही प्राप्त होंगे।


Case–10 : क्या विभाग कर्मचारी को उच्च शिक्षा प्राप्त करने से रोक सकता है?

भ्रांति

"रेलवे प्रशासन चाहे तो किसी कर्मचारी को आगे पढ़ने से पूरी तरह रोक सकता है।"

वास्तविक स्थिति

Railway Board द्वारा ऐसा कोई सामान्य आदेश उपलब्ध नहीं है जो कर्मचारियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने से सामान्य रूप से प्रतिबंधित करता हो।

रेलवे प्रशासन का उद्देश्य उच्च शिक्षा को रोकना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि—

  • सरकारी कार्य प्रभावित न हो।
  • सेवा अनुशासन बना रहे।
  • लागू नियमों का पालन हो।
  • प्रशासनिक कार्य में बाधा उत्पन्न न हो।

यदि कर्मचारी इन दायित्वों का पालन करता है, तो केवल उच्च शिक्षा प्राप्त करने के कारण उसे रोका जाना सामान्य नियम नहीं है।

निष्कर्ष

रेलवे प्रशासन का नियंत्रण अध्ययन पर नहीं, बल्कि सेवा दायित्वों के पालन पर होता है।


Case–11 : क्या उच्च शैक्षणिक योग्यता छिपाने से भविष्य में कोई समस्या नहीं होगी?

भ्रांति

"यदि अभी Degree की जानकारी विभाग को नहीं देंगे, तो भविष्य में कभी भी उसका उपयोग कर लेंगे।"

वास्तविक स्थिति

यह सोच उचित नहीं है।

यदि भविष्य में किसी सेवा प्रयोजन के लिए शैक्षणिक योग्यता का उपयोग किया जाना है, तो संबंधित नियमों, दस्तावेजों के सत्यापन तथा विभागीय अभिलेखों का महत्व बढ़ जाता है।

यदि कर्मचारी लंबे समय तक किसी योग्यता को छिपाए रखता है और बाद में उसका उपयोग करना चाहता है, तो परिस्थितियों के अनुसार अतिरिक्त सत्यापन, स्पष्टीकरण अथवा अन्य प्रशासनिक प्रक्रिया आवश्यक हो सकती है।

निष्कर्ष

शैक्षणिक योग्यता के संबंध में पारदर्शिता रखना सदैव उचित प्रशासनिक व्यवहार है।


Case–12 : क्या एक ही Degree सभी सरकारी विभागों में समान रूप से मान्य होती है?

भ्रांति

"यदि रेलवे ने Degree स्वीकार कर ली, तो वह सभी सरकारी विभागों में स्वतः मान्य होगी।"

वास्तविक स्थिति

यह निष्कर्ष सही नहीं है।

प्रत्येक सरकारी विभाग, आयोग, संस्था अथवा भर्ती एजेंसी अपने-अपने Recruitment Rules एवं पात्रता शर्तों के अनुसार निर्णय लेती है।

एक ही Degree विभिन्न विभागों में अलग-अलग प्रयोजनों के लिए अलग प्रकार से स्वीकार की जा सकती है।

उदाहरण के लिए—

  • किसी विभाग में Graduation पर्याप्त हो सकती है।
  • दूसरे विभाग में उसी Graduation के साथ विशेष विषय (Subject) भी आवश्यक हो सकता है।
  • किसी पद के लिए अनुभव भी अनिवार्य हो सकता है।

निष्कर्ष

किसी Degree की स्वीकार्यता संबंधित विभाग के नियमों पर निर्भर करती है।


Case–13 : क्या केवल विश्वविद्यालय की मान्यता देखना पर्याप्त है?

भ्रांति

"यदि विश्वविद्यालय मान्यता प्राप्त है, तो उसके सभी Courses स्वतः मान्य होंगे।"

वास्तविक स्थिति

यह धारणा भी पूर्णतः सही नहीं है।

शैक्षणिक योग्यता का मूल्यांकन करते समय निम्नलिखित सभी बातों पर ध्यान देना चाहिए—

  • क्या विश्वविद्यालय मान्यता प्राप्त है?
  • क्या संबंधित Course भी विधिवत अनुमोदित है?
  • क्या उस अवधि में वह Programme वैध था?
  • क्या संबंधित नियामक संस्था ने उसे स्वीकृति प्रदान की थी?
  • क्या संबंधित सेवा नियम उस योग्यता को स्वीकार करते हैं?

इन सभी प्रश्नों का उत्तर सकारात्मक होना आवश्यक है।

निष्कर्ष

केवल विश्वविद्यालय की मान्यता पर्याप्त नहीं है; संबंधित Programme की वैधता एवं सेवा नियम भी समान रूप से महत्वपूर्ण हैं।


Case–14 : क्या सोशल मीडिया या YouTube पर दी गई जानकारी को अंतिम नियम मान लेना चाहिए?

भ्रांति

"यदि किसी YouTube चैनल, Facebook पोस्ट, WhatsApp संदेश या सोशल मीडिया पर कोई जानकारी दी गई है, तो वही अंतिम नियम है।"

वास्तविक स्थिति

यह सबसे खतरनाक भ्रांतियों में से एक है।

सोशल मीडिया पर उपलब्ध जानकारी उपयोगी हो सकती है, लेकिन उसे आधिकारिक नियम नहीं माना जा सकता।

किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले निम्न स्रोतों का अध्ययन करना चाहिए—

  • Railway Board के आधिकारिक आदेश।
  • Indian Railway Establishment Code.
  • Railway Servants (Conduct) Rules.
  • Recruitment Rules.
  • संबंधित विश्वविद्यालय एवं नियामक संस्थाओं के आधिकारिक निर्देश।

निष्कर्ष

सोशल मीडिया जानकारी का स्रोत हो सकता है, लेकिन नियमों का विकल्प नहीं। अंतिम निर्णय सदैव अधिकृत दस्तावेज़ों के आधार पर ही किया जाना चाहिए।


इस अध्याय में यह स्पष्ट हुआ कि रेलवे कर्मचारियों के बीच प्रचलित अनेक धारणाएँ वास्तविक नियमों से मेल नहीं खातीं। उच्च शिक्षा से संबंधित किसी भी निर्णय में अनुमान, सुनी-सुनाई बातों या सोशल मीडिया की जानकारी पर निर्भर रहने के बजाय Railway Board के आदेश, सेवा नियम, भर्ती नियम तथा संबंधित शैक्षणिक नियामक संस्थाओं के आधिकारिक प्रावधानों का अध्ययन करना ही सुरक्षित और उचित मार्ग है।

4. रेलवे कर्मचारियों की नौकरी के दौरान पढ़ाई एवं शैक्षणिक योग्यता से जुड़े नियम | सम्पूर्ण मार्गदर्शिका (भाग-4)

भाग–4 : विशेष परिस्थितियाँ (Special Situations)

पिछले अध्यायों में हमने यह समझा कि रेलवे कर्मचारी नौकरी के दौरान उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकता है, बशर्ते वह लागू सेवा नियमों, शैक्षणिक मान्यता तथा सरकारी दायित्वों का पालन करे। किन्तु व्यवहार में अनेक ऐसे प्रश्न सामने आते हैं, जिनका उत्तर केवल सामान्य नियमों से नहीं दिया जा सकता।

उदाहरण के लिए—

  • क्या Study Leave लेकर ही उच्च शिक्षा प्राप्त की जा सकती है?
  • क्या Deputation पर रहते हुए पढ़ाई की जा सकती है?
  • यदि कर्मचारी प्रशिक्षण (Training) पर है, तो क्या वह किसी Course में प्रवेश ले सकता है?
  • क्या विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही (DAR) लंबित होने पर उच्च शिक्षा प्राप्त की जा सकती है?
  • क्या Bond Period के दौरान उच्च शिक्षा पर कोई प्रभाव पड़ता है?
  • क्या विभाग NOC देने से मना कर सकता है?
  • यदि कर्मचारी की ड्यूटी शिफ्ट (Shift Duty) में है, तो क्या Evening Course किया जा सकता है?

इन प्रश्नों का उत्तर प्रत्येक मामले के तथ्यों तथा लागू नियमों के आधार पर निर्धारित होता है। इसलिए इस अध्याय का उद्देश्य किसी सामान्य निष्कर्ष पर पहुँचना नहीं, बल्कि प्रत्येक विशेष परिस्थिति का नियम आधारित विश्लेषण प्रस्तुत करना है।

Case–1 : क्या Study Leave लेकर ही उच्च शिक्षा प्राप्त की जा सकती है?

स्थिति

एक कर्मचारी का मानना है कि यदि उसे नौकरी के दौरान कोई Degree या Diploma करना है, तो पहले Study Leave स्वीकृत कराना अनिवार्य है।

प्रश्न:  क्या उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए Study Leave लेना आवश्यक है?

वर्तमान नियम क्या कहते हैं?

नहीं।

Study Leave और Higher Studies एक ही विषय नहीं हैं।

Study Leave भारतीय रेलवे स्थापना संहिता (Indian Railway Establishment Code) के अंतर्गत उपलब्ध एक विशेष प्रकार का अवकाश है, जिसका उद्देश्य कुछ परिस्थितियों में कर्मचारी को उच्च अध्ययन अथवा विशेष प्रशिक्षण का अवसर प्रदान करना है।

दूसरी ओर, अनेक कर्मचारी बिना Study Leave के भी Distance Learning, Online Education, Evening Classes या अपने अवकाश के समय में उच्च शिक्षा प्राप्त करते हैं।

अतः प्रत्येक उच्च शिक्षा के लिए Study Leave आवश्यक नहीं है।

हाँ, यदि Course की प्रकृति ऐसी है कि कर्मचारी को नियमित रूप से ड्यूटी से अनुपस्थित रहना पड़े, तब Study Leave या अन्य उपयुक्त अवकाश का प्रश्न उत्पन्न हो सकता है।

इस नियम से कर्मचारी को क्या लाभ मिलेगा?

  • प्रत्येक Course के लिए Study Leave लेने की आवश्यकता नहीं होती।
  • कर्मचारी निजी समय में अपनी शिक्षा जारी रख सकता है।
  • Distance, Online एवं अन्य लचीले (Flexible) अध्ययन माध्यमों का उपयोग किया जा सकता है।

इस नियम से क्या लाभ नहीं मिलेगा?

  • Study Leave के बिना नियमित ड्यूटी से अनुपस्थित रहने का अधिकार प्राप्त नहीं होगा।
  • प्रत्येक कर्मचारी को Study Leave स्वीकृत होना अनिवार्य नहीं है।
  • केवल प्रवेश (Admission) लेने से Study Leave का अधिकार उत्पन्न नहीं होता।

नियम का सरल अर्थ

Study Leave एक सुविधा है, अनिवार्यता नहीं।

निष्कर्ष

रेलवे कर्मचारी बिना Study Leave के भी उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकता है, यदि उसकी पढ़ाई सरकारी कार्य को प्रभावित नहीं करती। Study Leave केवल उन परिस्थितियों में प्रासंगिक होती है जहाँ अध्ययन के लिए नियमित समय की आवश्यकता हो और लागू नियम उसकी अनुमति देते हों।

संबंधित नियम (Reference)

  • Indian Railway Establishment Code (Study Leave संबंधी प्रावधान)।
  • Railway Board द्वारा समय-समय पर जारी निर्देश।

Case–2 : क्या Study Leave प्रत्येक कर्मचारी का अधिकार (Right) है?

स्थिति

एक कर्मचारी का चयन उच्च अध्ययन के लिए किसी प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में हो गया है। वह मानता है कि अब विभाग को अनिवार्य रूप से Study Leave स्वीकृत करनी होगी।

प्रश्न:  क्या Study Leave माँगने पर रेलवे प्रशासन उसे स्वीकृत करने के लिए बाध्य है?

वर्तमान नियम क्या कहते हैं?

नहीं।

Study Leave सामान्य अवकाश (Casual Leave, LAP, LHAP आदि) की तरह स्वतः प्राप्त होने वाला अधिकार नहीं है।

यह एक विवेकाधीन (Discretionary) सुविधा है, जिसकी स्वीकृति संबंधित नियमों, पात्रता, प्रशासनिक आवश्यकता तथा सक्षम प्राधिकारी के निर्णय पर निर्भर करती है।

यदि कर्मचारी सभी पात्रता शर्तें पूरी करता है, तब भी प्रत्येक मामले में Study Leave स्वतः स्वीकृत होगी, ऐसा कोई नियम उपलब्ध नहीं है।

इस नियम से कर्मचारी को क्या लाभ मिलेगा?

  • पात्र कर्मचारी Study Leave के लिए आवेदन कर सकता है।
  • यदि सभी शर्तें पूरी हों और प्रशासनिक दृष्टि से संभव हो, तो उसका आवेदन विचारार्थ स्वीकार किया जा सकता है।

इस नियम से क्या लाभ नहीं मिलेगा?

  • आवेदन करने मात्र से Study Leave का अधिकार प्राप्त नहीं होता।
  • विश्वविद्यालय में प्रवेश मिल जाना अपने-आप में Study Leave की स्वीकृति का आधार नहीं है।
  • कर्मचारी विभाग को Study Leave देने के लिए बाध्य नहीं कर सकता।

नियम का सरल अर्थ

Study Leave माँगी जा सकती है, लेकिन उसे प्राप्त करना स्वतः अधिकार नहीं है।

निष्कर्ष

Study Leave का निर्णय प्रत्येक मामले के तथ्यों, लागू नियमों तथा प्रशासनिक आवश्यकता को ध्यान में रखकर किया जाता है।

संबंधित नियम (Reference)

  • Indian Railway Establishment Code (Study Leave प्रावधान)।
  • Railway Board के लागू निर्देश।

Case–3 : क्या प्रतिनियुक्ति (Deputation) के दौरान रेलवे कर्मचारी उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकता है?

स्थिति

एक रेलवे कर्मचारी किसी अन्य मंत्रालय, विभाग, सार्वजनिक उपक्रम (PSU), स्वायत्त निकाय (Autonomous Body) अथवा अन्य संगठन में प्रतिनियुक्ति (Deputation) पर कार्यरत है। वह इस अवधि में उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहता है और जानना चाहता है कि क्या प्रतिनियुक्ति के दौरान अध्ययन करने पर कोई विशेष नियम लागू होते हैं।

प्रश्न: क्या प्रतिनियुक्ति (Deputation) के दौरान उच्च शिक्षा प्राप्त की जा सकती है?

वर्तमान नियम क्या कहते हैं?

Railway Board द्वारा ऐसा कोई सामान्य आदेश उपलब्ध नहीं है जिसमें यह कहा गया हो कि प्रतिनियुक्ति पर गया रेलवे कर्मचारी उच्च शिक्षा प्राप्त नहीं कर सकता।

किन्तु प्रतिनियुक्ति के दौरान कर्मचारी केवल भारतीय रेलवे के प्रशासनिक नियंत्रण में नहीं रहता, बल्कि जिस संगठन में वह कार्य कर रहा है, वहाँ के सेवा नियम एवं प्रशासनिक निर्देश भी उस पर लागू हो सकते हैं।

अतः ऐसी स्थिति में निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना आवश्यक है—

  1. अध्ययन के कारण प्रतिनियुक्ति पर सौंपे गए सरकारी कार्य प्रभावित नहीं होने चाहिए।
  2. यदि Course के कारण कार्यालय समय, उपस्थिति, अवकाश या अन्य प्रशासनिक सुविधा की आवश्यकता हो, तो संबंधित सक्षम प्राधिकारी के लागू नियमों का पालन करना होगा।
  3. यदि प्राप्त शैक्षणिक योग्यता का भविष्य में रेलवे सेवा में उपयोग किया जाना है, तो उसकी मान्यता तथा संबंधित सेवा नियमों की शर्तें भी पूरी करनी होंगी।

इस नियम से कर्मचारी को क्या लाभ मिलेगा?

  • प्रतिनियुक्ति के दौरान भी उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर उपलब्ध हो सकता है।
  • वैध एवं मान्यता प्राप्त शैक्षणिक योग्यता का भविष्य में सेवा प्रयोजन के लिए उपयोग किया जा सकता है।
  • कर्मचारी अपने व्यावसायिक एवं शैक्षणिक विकास को जारी रख सकता है।

इस नियम से क्या लाभ नहीं मिलेगा?

  • प्रतिनियुक्ति पर होने से स्वतः अतिरिक्त छूट प्राप्त नहीं होगी।
  • कार्यालय समय में अध्ययन करने का अधिकार स्वतः नहीं मिलेगा।
  • प्रतिनियुक्ति के संगठन के नियमों की उपेक्षा नहीं की जा सकती।

नियम का सरल अर्थ

प्रतिनियुक्ति उच्च शिक्षा प्राप्त करने में बाधा नहीं है, लेकिन कर्मचारी को रेलवे तथा प्रतिनियुक्ति संगठन—दोनों के लागू नियमों का पालन करना होगा।

निष्कर्ष

प्रतिनियुक्ति के दौरान उच्च शिक्षा प्राप्त की जा सकती है, बशर्ते सरकारी कार्य प्रभावित न हो तथा संबंधित संगठन एवं लागू सेवा नियमों का पालन किया जाए।

संदर्भ (Reference)

  • Railway Establishment Rules relating to Deputation (जहाँ लागू हों)।
  • संबंधित Borrowing Organisation के सेवा नियम।
  • Railway Board के लागू निर्देश।

Case–4 : क्या प्रशिक्षण (Training) के दौरान उच्च शिक्षा प्राप्त की जा सकती है?

स्थिति

एक रेलवे कर्मचारी प्रारम्भिक प्रशिक्षण (Initial Training), रिफ्रेशर कोर्स (Refresher Course), प्रमोशन प्रशिक्षण (Promotional Training) अथवा अन्य विभागीय प्रशिक्षण में भाग ले रहा है। इसी दौरान वह किसी Degree या Diploma Course में प्रवेश लेना चाहता है।

प्रश्न: क्या Training के दौरान पढ़ाई की जा सकती है?

वर्तमान नियम क्या कहते हैं?

Railway Board द्वारा ऐसा कोई सामान्य आदेश उपलब्ध नहीं है जिसमें प्रशिक्षण अवधि के दौरान उच्च शिक्षा पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया हो।

किन्तु प्रशिक्षण रेलवे सेवा का अभिन्न भाग है। प्रशिक्षण अवधि में कर्मचारी का प्रमुख दायित्व निर्धारित प्रशिक्षण कार्यक्रम में नियमित उपस्थिति, अध्ययन तथा मूल्यांकन में भाग लेना होता है।

यदि किसी शैक्षणिक Course के कारण प्रशिक्षण प्रभावित होता है, तो कर्मचारी प्रशिक्षण संबंधी दायित्वों की उपेक्षा नहीं कर सकता।

इस नियम से कर्मचारी को क्या लाभ मिलेगा?

  • यदि अध्ययन निजी समय में किया जा रहा है और प्रशिक्षण प्रभावित नहीं हो रहा है, तो सामान्यतः कोई बाधा नहीं है।
  • कर्मचारी प्रशिक्षण के साथ-साथ अपनी शैक्षणिक उन्नति भी जारी रख सकता है।

इस नियम से क्या लाभ नहीं मिलेगा?

  • प्रशिक्षण छोड़कर कक्षाओं में जाने का अधिकार प्राप्त नहीं होगा।
  • प्रशिक्षण में अनुपस्थिति को केवल इस आधार पर उचित नहीं माना जाएगा कि कर्मचारी किसी अन्य Course में अध्ययन कर रहा था।
  • विभागीय प्रशिक्षण पर व्यक्तिगत शिक्षा को प्राथमिकता नहीं दी जा सकती।

नियम का सरल अर्थ

Training पहले, निजी अध्ययन बाद में।

रेलवे द्वारा आयोजित प्रशिक्षण सेवा का अनिवार्य भाग है, इसलिए उसे प्रभावित नहीं किया जा सकता।

निष्कर्ष

प्रशिक्षण के दौरान उच्च शिक्षा प्राप्त की जा सकती है, लेकिन प्रशिक्षण कार्यक्रम, उपस्थिति एवं मूल्यांकन किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होने चाहिए।

संदर्भ (Reference)

  • Railway Training संबंधी लागू निर्देश।
  • Railway Servants (Conduct) Rules, 1966.
  • Railway Board के समय-समय पर जारी प्रशासनिक आदेश।

Case–5 : क्या Bond Period के दौरान रेलवे कर्मचारी उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकता है?

स्थिति

एक रेलवे कर्मचारी ने विभागीय प्रशिक्षण, विशेष प्रशिक्षण या अन्य कारणों से रेलवे के पक्ष में Bond निष्पादित किया है। Bond की अवधि अभी समाप्त नहीं हुई है। इसी बीच वह किसी विश्वविद्यालय में प्रवेश लेकर उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहता है।

प्रश्न:  क्या Bond Period के दौरान उच्च शिक्षा प्राप्त करने पर कोई प्रतिबंध है?

वर्तमान नियम क्या कहते हैं?

Railway Board द्वारा ऐसा कोई सामान्य आदेश उपलब्ध नहीं है जिसमें यह कहा गया हो कि Bond Period के दौरान रेलवे कर्मचारी किसी भी प्रकार की उच्च शिक्षा प्राप्त नहीं कर सकता।

Bond का उद्देश्य सामान्यतः यह सुनिश्चित करना होता है कि कर्मचारी निर्धारित अवधि तक सेवा देगा या Bond की शर्तों का पालन करेगा। Bond स्वयं उच्च शिक्षा पर सामान्य प्रतिबंध नहीं लगाता।

हाँ, यदि कर्मचारी उच्च शिक्षा के लिए ऐसी सुविधा चाहता है जिससे Bond की शर्तें प्रभावित हों, जैसे—

  • दीर्घकालीन Study Leave,
  • विदेशी प्रशिक्षण,
  • सेवा से त्यागपत्र,
  • प्रतिनियुक्ति,
  • अथवा Bond की शर्तों के विपरीत कोई अन्य व्यवस्था,

तो संबंधित Bond तथा लागू नियमों का पालन आवश्यक होगा।

इस नियम से कर्मचारी को क्या लाभ मिलेगा?

  • Bond Period में भी कर्मचारी निजी समय में उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकता है।
  • Distance, Online अथवा अन्य उपयुक्त माध्यम से अध्ययन जारी रखा जा सकता है।
  • Bond की अवधि समाप्त होने की प्रतीक्षा प्रत्येक Course के लिए आवश्यक नहीं है।

इस नियम से क्या लाभ नहीं मिलेगा?

  • Bond की शर्तों की उपेक्षा नहीं की जा सकती।
  • केवल उच्च शिक्षा के आधार पर Bond से स्वतः मुक्ति नहीं मिलेगी।
  • यदि अध्ययन के कारण Bond की शर्तें प्रभावित होती हैं, तो संबंधित नियम लागू होंगे।

नियम का सरल अर्थ

Bond सेवा से संबंधित दायित्व है, शिक्षा पर सामान्य प्रतिबंध नहीं।

निष्कर्ष

Bond Period के दौरान उच्च शिक्षा प्राप्त की जा सकती है, किन्तु कर्मचारी को Bond की सभी शर्तों तथा लागू सेवा नियमों का पालन करना होगा।

संदर्भ (Reference)

  • संबंधित Bond की शर्तें।
  • Railway Board के लागू आदेश।
  • Indian Railway Establishment Code (जहाँ लागू हो)।

Case–6 : क्या उच्च शिक्षा के लिए NOC या विभागीय अनुमति आवश्यक होती है?

स्थिति

एक कर्मचारी MBA, LL.B., M.Tech., Ph.D. अथवा अन्य उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहता है। उसे अलग-अलग लोगों से अलग-अलग सलाह मिलती है। कोई कहता है कि NOC अनिवार्य है, जबकि कोई कहता है कि इसकी आवश्यकता नहीं है।

प्रश्न: क्या प्रत्येक उच्च शिक्षा के लिए NOC या विभागीय अनुमति लेना अनिवार्य है?

वर्तमान नियम क्या कहते हैं?

Railway Board द्वारा ऐसा कोई सामान्य आदेश उपलब्ध नहीं है जिसमें यह कहा गया हो कि प्रत्येक रेलवे कर्मचारी को प्रत्येक प्रकार की उच्च शिक्षा के लिए अनिवार्य रूप से NOC या पूर्व अनुमति लेनी होगी।

वास्तविक स्थिति संबंधित परिस्थितियों पर निर्भर करती है।

यदि कर्मचारी—

  • केवल अपने निजी समय में अध्ययन कर रहा है,
  • उसकी ड्यूटी प्रभावित नहीं हो रही,
  • कार्यालय समय में किसी प्रकार की छूट नहीं चाहता,

तो सभी परिस्थितियों में NOC अनिवार्य है, ऐसा कोई सामान्य Railway Board आदेश उपलब्ध नहीं है।

किन्तु यदि कर्मचारी—

  • कार्यालय समय में अध्ययन करना चाहता है,
  • Study Leave चाहता है,
  • विशेष प्रशासनिक सुविधा चाहता है,
  • या ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है जहाँ विभागीय स्वीकृति आवश्यक है,

तो संबंधित सेवा नियम एवं प्रशासनिक आदेश लागू होंगे।

इस नियम से कर्मचारी को क्या लाभ मिलेगा?

  • प्रत्येक Course के लिए अनावश्यक NOC प्राप्त करने की बाध्यता नहीं मानी जाएगी।
  • जहाँ नियम अनुमति देते हैं, वहाँ कर्मचारी निजी समय में अध्ययन कर सकता है।

इस नियम से क्या लाभ नहीं मिलेगा?

  • कर्मचारी यह दावा नहीं कर सकता कि किसी भी परिस्थिति में विभागीय अनुमति की आवश्यकता कभी नहीं होगी।
  • यदि सेवा दायित्व प्रभावित होते हैं, तो लागू नियमों का पालन करना होगा।

नियम का सरल अर्थ

NOC का प्रश्न Course से अधिक परिस्थितियों पर निर्भर करता है।

निष्कर्ष

प्रत्येक उच्च शिक्षा के लिए NOC अनिवार्य है, ऐसा कोई सामान्य Railway Board आदेश उपलब्ध नहीं है। आवश्यकता का निर्धारण संबंधित परिस्थितियों एवं लागू सेवा नियमों के आधार पर किया जाएगा।

संदर्भ (Reference)

  • Railway Servants (Conduct) Rules, 1966.
  • Indian Railway Establishment Code.
  • Railway Board के लागू प्रशासनिक निर्देश।

Case–7 : क्या Shift Duty करने वाला कर्मचारी Regular Course कर सकता है?

स्थिति

एक कर्मचारी स्टेशन, लोको, परिचालन, सिग्नल, ट्रैक, अस्पताल या अन्य ऐसे विभाग में कार्यरत है जहाँ 8 घंटे की निश्चित ड्यूटी के स्थान पर Shift Duty लागू है। वह किसी Regular College में प्रवेश लेना चाहता है।

प्रश्न: क्या Shift Duty करने वाला कर्मचारी Regular Course कर सकता है?

वर्तमान नियम क्या कहते हैं?

Railway Board द्वारा ऐसा कोई सामान्य आदेश उपलब्ध नहीं है जिसमें Shift Duty करने वाले कर्मचारियों को Regular Course करने से प्रतिबंधित किया गया हो।

किन्तु Shift Duty की प्रकृति ऐसी होती है कि कर्मचारी की ड्यूटी का समय बदलता रहता है। इसलिए यदि किसी Regular Course में प्रतिदिन निश्चित समय पर उपस्थित होना अनिवार्य है, तो कर्मचारी को यह सुनिश्चित करना होगा कि—

  • उसकी सरकारी ड्यूटी प्रभावित न हो।
  • बिना स्वीकृत अवकाश के अनुपस्थिति न हो।
  • विभागीय कार्य में बाधा उत्पन्न न हो।

इस नियम से कर्मचारी को क्या लाभ मिलेगा?

  • यदि कर्मचारी अपने ड्यूटी रोस्टर के अनुसार अध्ययन का प्रबंधन कर सकता है, तो उच्च शिक्षा प्राप्त करने में सामान्यतः कोई प्रतिबंध नहीं है।
  • Evening, Distance या Online Courses ऐसे कर्मचारियों के लिए अधिक व्यावहारिक विकल्प हो सकते हैं।

इस नियम से क्या लाभ नहीं मिलेगा?

  • Regular College की कक्षाओं के कारण ड्यूटी से अनुपस्थित रहने का अधिकार प्राप्त नहीं होगा।
  • ड्यूटी रोस्टर को केवल अध्ययन के कारण बदलने का स्वतः अधिकार नहीं होगा।

नियम का सरल अर्थ

Shift Duty और पढ़ाई साथ-साथ की जा सकती है, लेकिन सरकारी कार्य को प्राथमिकता देना अनिवार्य है।

निष्कर्ष

Shift Duty करने वाला रेलवे कर्मचारी भी उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकता है, बशर्ते उसकी ड्यूटी, उपस्थिति और सेवा दायित्व प्रभावित न हों।

संदर्भ (Reference)

  • Railway Servants (Conduct) Rules, 1966.
  • संबंधित विभाग के Duty Roster एवं प्रशासनिक निर्देश।
  • Railway Board के लागू आदेश।

Case–8 : क्या विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही (DAR) लंबित होने पर रेलवे कर्मचारी उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकता है?

स्थिति

एक रेलवे कर्मचारी के विरुद्ध Railway Servants (Discipline & Appeal) Rules, 1968 के अंतर्गत विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही (DAR Proceedings) चल रही है। इसी दौरान वह किसी विश्वविद्यालय में प्रवेश लेकर उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहता है।

प्रश्न: क्या DAR Proceedings लंबित होने पर उच्च शिक्षा प्राप्त करने पर रोक लग जाती है?

वर्तमान नियम क्या कहते हैं?

Railway Board द्वारा ऐसा कोई सामान्य आदेश उपलब्ध नहीं है जिसमें यह कहा गया हो कि विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही लंबित होने मात्र से कर्मचारी उच्च शिक्षा प्राप्त नहीं कर सकता।

विभागीय कार्यवाही और उच्च शिक्षा दो अलग-अलग विषय हैं। केवल DAR Proceedings लंबित होने से कर्मचारी का अध्ययन करने का अधिकार स्वतः समाप्त नहीं हो जाता।

हाँ, यदि कर्मचारी अध्ययन के लिए कोई विशेष प्रशासनिक सुविधा, जैसे—

  • Study Leave,
  • कार्यालय समय में छूट,
  • विदेश जाने की अनुमति,
  • प्रतिनियुक्ति,
  • अथवा अन्य विशेष स्वीकृति

चाहता है, तो उस स्थिति में संबंधित नियमों तथा मामले की परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लिया जाएगा।

इस नियम से कर्मचारी को क्या लाभ मिलेगा?
  • केवल DAR Proceedings लंबित होने के आधार पर उच्च शिक्षा पर स्वतः प्रतिबंध नहीं माना जाएगा।
  • कर्मचारी निजी समय में अध्ययन जारी रख सकता है, यदि उससे सेवा दायित्व प्रभावित नहीं होते।
इस नियम से क्या लाभ नहीं मिलेगा?
  • DAR Proceedings लंबित होने पर विशेष प्रशासनिक सुविधा का स्वतः अधिकार प्राप्त नहीं होगा।
  • कर्मचारी अनुशासनात्मक कार्यवाही की उपेक्षा नहीं कर सकता।
  • यदि किसी विशेष अनुमति की आवश्यकता है, तो उसका निर्णय अलग से किया जाएगा।
नियम का सरल अर्थ

DAR Proceedings और उच्च शिक्षा दो अलग-अलग विषय हैं।

निष्कर्ष

विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही लंबित होने मात्र से उच्च शिक्षा प्राप्त करने पर सामान्य प्रतिबंध नहीं लगता। किन्तु विशेष प्रशासनिक सुविधाओं का निर्णय संबंधित नियमों एवं परिस्थितियों के अनुसार किया जाएगा।

संदर्भ (Reference)
Railway Servants (Discipline & Appeal) Rules, 1968.
Railway Servants (Conduct) Rules, 1966.

Case–9 : क्या Vigilance Case या Criminal Case लंबित होने पर उच्च शिक्षा प्राप्त की जा सकती है?

स्थिति

एक रेलवे कर्मचारी के विरुद्ध Vigilance Investigation अथवा Criminal Case लंबित है। वह नौकरी के दौरान उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहता है।

प्रश्न:  क्या Vigilance Case या Criminal Case लंबित होने से उच्च शिक्षा पर प्रतिबंध लग जाता है?

वर्तमान नियम क्या कहते हैं?

Railway Board द्वारा ऐसा कोई सामान्य आदेश उपलब्ध नहीं है जिसमें यह कहा गया हो कि Vigilance Case अथवा Criminal Case लंबित होने मात्र से कर्मचारी किसी शैक्षणिक Course में प्रवेश नहीं ले सकता।

हाँ, यदि कर्मचारी को किसी विशेष प्रशासनिक सुविधा, विदेश यात्रा, Study Leave अथवा अन्य स्वीकृति की आवश्यकता हो, तो संबंधित नियमों, न्यायिक आदेशों तथा मामले के तथ्यों के अनुसार निर्णय लिया जाएगा।

इस नियम से कर्मचारी को क्या लाभ मिलेगा?
  • केवल मामले के लंबित होने से अध्ययन का सामान्य अधिकार स्वतः समाप्त नहीं होता।
  • कर्मचारी अपने निजी समय में अध्ययन जारी रख सकता है।
इस नियम से क्या लाभ नहीं मिलेगा?
  • लंबित मामले के कारण यदि किसी प्रशासनिक अनुमति पर प्रतिबंध या शर्त लागू है, तो उसका पालन करना होगा।
  • कर्मचारी यह दावा नहीं कर सकता कि अध्ययन के कारण Vigilance या Criminal Proceedings स्थगित कर दी जाएँ।
  • नियम का सरल अर्थ

लंबित जाँच और उच्च शिक्षा अलग-अलग विषय हैं, लेकिन जहाँ प्रशासनिक अनुमति आवश्यक होगी, वहाँ मामले की स्थिति को ध्यान में रखा जा सकता है।

निष्कर्ष

Vigilance अथवा Criminal Case लंबित होने मात्र से उच्च शिक्षा पर सामान्य प्रतिबंध नहीं माना जा सकता। प्रत्येक विशेष प्रशासनिक निर्णय संबंधित नियमों एवं परिस्थितियों के आधार पर लिया जाएगा।

संदर्भ (Reference)
Railway Vigilance Manual.
Railway Servants (Conduct) Rules, 1966.
Railway Board के लागू निर्देश।

प्रमुख निष्कर्ष (Key Takeaways)

इस अध्याय में हमने उन विशेष परिस्थितियों का अध्ययन किया जिनमें सामान्य नियमों के अतिरिक्त प्रशासनिक विवेक (Administrative Discretion) भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

इस अध्याय से निम्नलिखित प्रमुख निष्कर्ष निकलते हैं—

  • Study Leave और Higher Studies एक ही विषय नहीं हैं।
  • प्रत्येक उच्च शिक्षा के लिए Study Leave आवश्यक नहीं होती।
  • Study Leave कर्मचारी का स्वतः प्राप्त होने वाला अधिकार नहीं है।
  • प्रतिनियुक्ति (Deputation) के दौरान भी उच्च शिक्षा प्राप्त की जा सकती है, परन्तु संबंधित संगठन के नियमों का पालन करना होगा।
  • प्रशिक्षण (Training) के दौरान रेलवे प्रशिक्षण को प्राथमिकता दी जाएगी।
  • Bond Period सामान्यतः उच्च शिक्षा पर स्वतः प्रतिबंध नहीं लगाता।
  • प्रत्येक Course के लिए NOC अनिवार्य है, ऐसा कोई सामान्य Railway Board आदेश उपलब्ध नहीं है।
  • Shift Duty करने वाले कर्मचारी भी उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं, यदि उनकी ड्यूटी प्रभावित न हो।
  • DAR Proceedings, Vigilance Case या Criminal Case लंबित होने मात्र से उच्च शिक्षा पर स्वतः प्रतिबंध नहीं लगता।
  • जहाँ विशेष प्रशासनिक सुविधा या अनुमति की आवश्यकता होगी, वहाँ संबंधित नियमों एवं प्रत्येक मामले के तथ्यों के आधार पर निर्णय लिया जाएगा।

नौकरी के दौरान उच्च शिक्षा से संबंधित अनेक प्रश्न ऐसे होते हैं जिनका उत्तर केवल एक सामान्य नियम से नहीं दिया जा सकता। प्रत्येक विशेष परिस्थिति का मूल्यांकन उसके तथ्यों, लागू रेलवे नियमों तथा प्रशासनिक आवश्यकताओं के आधार पर किया जाता है। इसलिए कर्मचारियों को किसी भी निर्णय से पहले संबंधित नियमों का अध्ययन करना चाहिए और केवल प्रचलित धारणाओं या अनौपचारिक सलाह पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।

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