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Fixed Medical Allowance (FMA) (Eng / Hin)


Fixed Medical Allowance (FMA)

• Fixed Medical Allowance (FMA) @ ₹1,000/- per month is admissible to Railway Pensioners/Family Pensioners residing beyond 2.5 Kms from the nearest Railway Hospital/Health Unit.

• The allowance is intended to meet day-to-day medical expenses that do not require hospitalization.

• Pensioners/Family Pensioners drawing FMA are not entitled to avail regular Outdoor (OPD) treatment facilities from Railway Hospitals/Health Units, except in cases of Chronic Diseases.

General Rules - PME (नियत कालिक मेडिकल परीक्षा)

रेल कर्मचारी में लगातार ठीक एवं स्वस्थ बने रहे और अपना काम संरक्षा का ध्यान रखते हुए करते रहे, उन्हें समय – समय पर निश्चित अवधियो पर अपनी नौकरी के दौरान पुन: स्वास्थ परीक्षा के लिए जाना होगा और प्रमाण पत्र लाना होगा – 

(1) PME के लिए वर्ग ए – 1, ए – 2 और ए – 3 (मेडिकल श्रेणी)नियुक्ति के बाद 45 साल की उम्र तक प्रत्येक चार साल बाद और उसके बाद 55 साल आयु तक दो साल में एक बार और फिर नौकरी के अंत तक प्रत्येक साल में एक बारजाना होगा।

वर्ग ए के कर्मचारियों को संरक्षा के हित में विशेष परीक्षा के लिए नीचे दी गई परिस्थितियों में भेजा जाएगा, यदि वे रेलवे डॉक्टर के इलाज में न रहे हो – 

Railway Transfer Rules 8. स्वयं अनुरोध स्थानांतरण (Own Requested Transfer)

 यह अध्याय “भारतीय रेल स्थानांतरण नियम संहिता” पुस्तक पर आधारित है।

👉 पूरी पुस्तक यहाँ से खरीदे:
 
Paperback - https://bit.ly/Indian_Railways_Transfer_Rules_Code 
Ebook - https://books.google.co.in/books?id=Fk7SEQAAQBAJ



रेलवे सेवा में कर्मचारियों को उनकी व्यक्तिगत परिस्थितियों, जैसे पारिवारिक सुविधा, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य संबंधी कारण अथवा अन्य व्यावहारिक आवश्यकताओं के आधार पर स्थानांतरण हेतु आवेदन करने की अनुमति प्रदान की गई है। इस प्रकार के स्थानांतरण को Own Request Transfer कहा जाता है।

  • यह एक स्थापित नियमात्मक सिद्धांत है कि स्वयं अनुरोध पर किया गया स्थानांतरण कर्मचारी का वैधानिक अधिकार नहीं, बल्कि एक प्रशासनिक सुविधा है, जिसे सक्षम प्राधिकारी अपने विवेकाधिकार के आधार पर स्वीकार या अस्वीकार कर सकता है। इस प्रकार के स्थानांतरण में प्रशासनिक आवश्यकता, रिक्ति की उपलब्धता तथा संगठनात्मक हित सर्वोपरि माने जाते हैं।

    स्वयं अनुरोध स्थानांतरण के संबंध में निम्न प्रावधान लागू होते हैं—

    • IREM Vol. I, Para 312 – Transfer on Request
    • Master Circular No. 24
    • रेलवे बोर्ड द्वारा समय-समय पर जारी RBE निर्देश (Own Request Transfer Instructions)

    इन प्रावधानों के अनुसार, स्वयं अनुरोध स्थानांतरण को एक नियंत्रित एवं Conditional व्यवस्था के रूप में स्वीकार किया गया है, जिसमें कर्मचारी की सुविधा एवं प्रशासनिक हितों के मध्य संतुलन बनाए रखा जाता है।

Railways Reservation Roster - अध्याय 9 : रोस्टर से संबंधित न्यायिक निर्णय एवं उनका प्रभाव (Judicial Pronouncements on Reservation Roster and Their Impact)

 

अध्याय 9 : रोस्टर से संबंधित न्यायिक निर्णय एवं उनका प्रभाव

(Judicial Pronouncements on Reservation Roster and Their Impact)

 

9.1 न्यायिक हस्तक्षेप की पृष्ठभूमि

भारतीय रेलवे में आरक्षण रोस्टर प्रणाली के विकास में न्यायपालिका की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। जब-जब आरक्षण नीति के क्रियान्वयन में असंतुलन, भेदभाव या संवैधानिक उल्लंघन की आशंका उत्पन्न हुई, तब न्यायालयों ने हस्तक्षेप कर स्पष्ट दिशा-निर्देश प्रदान किए।

इन न्यायिक निर्णयों ने न केवल रोस्टर प्रणाली को स्पष्ट किया, बल्कि उसे संवैधानिक सीमाओं के भीतर भी रखा।

9.2 आरक्षण और संविधान की व्याख्या

न्यायालयों ने समय-समय पर यह स्पष्ट किया है कि आरक्षण नीति संविधान में निहित समानता के सिद्धांत का अपवाद नहीं, बल्कि उसका पूरक है। आरक्षण का उद्देश्य समान अवसर सुनिश्चित करना है, न कि असमानता को बढ़ावा देना।

रेलवे प्रशासन को इन संवैधानिक व्याख्याओं के अनुरूप अपनी नीतियों को ढालना पड़ा है।

ORDER REGARDING MACP

 



Paternity Leave– FAQs (प्रश्न और उत्तर)

 


प्रश्न १: Paternity Leave कितने दिनों की होती है?

उत्तर: यह  (पन्द्रह) दिन की होती है।

प्रश्न २: कौन-कौन कर्मचारी इसके पात्र हैं?

उत्तर: हर पुरुष Railway servant, जिसमें apprentice भी शामिल है, और casual Railway employee जिसे temporary status मिला हो, जिसके दो से कम जीवित बच्चे हों।

प्रश्न ३: यह Leave कब ली जा सकती है?

उत्तर: बच्चे के जन्म की तारीख से १५ दिन पहले या ६ माह के भीतर।

प्रश्न ४: Leave कितनी बार ली जा सकती है?

संशोधित सुनिश्चित स्तरोंन्न्यन योजना (MACP)

 1. MACPS योजना के अंतर्गत सीधे प्रविष्ट ग्रेड से क्रमश: 10, 20 और 30 वर्ष की सेवा के बाद तीन वित्तीय स्तरोंन्न्यन होंगे योजना के अंतर्गत जब कभी कोई व्यक्ति एकही ग्रेड - वेतन में लगातार 10 वर्ष व्यतीत करता है उसे वित्तीय स्तरोंन्न्यन स्वीकार्य होगा 

2. MACP योजना रेल सेवा (संशोधन वेतन) नियम, 2008 की प्रथम अनुसूची के भाग - I में सिफारिश किए गए वेतन बैडो और ग्रेड वेतन  दिए जाने का प्रावधान करती है इस प्रकार MACPS योजना के अंतर्गत वित्तीय स्तरोंन्न्यन के समय ग्रेड वेतन कतिपय मामलो में जहाँ दो अनुवर्ती ग्रेडो कके बीच नियमित पदोन्नति नही है, यह नियमित पदोन्नति के समय उपलब्ध ग्रेड वेतन से अलग हो सकता है ऐसे मामलो में, संबंध संवर्ग / संगठन के पदोन्नति क्रम में अगले पदोन्नति के पद से जुड़ा हुआ ग्रेड वेतन केवल नियमित पदोन्नति के समय ही दिया जाएगा 

Railways Reservation Roster अध्याय 2 : आरक्षण नीति – उद्देश्य और सिद्धांत (Reservation Policy – Objectives and Principles)

 

अध्याय 2 : आरक्षण नीति – उद्देश्य और सिद्धांत

(Reservation Policy – Objectives and Principles)

 

2.1 आरक्षण नीति की अवधारणा (Concept of Reservation Policy)

आरक्षण नीति भारत की प्रशासनिक एवं सामाजिक व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण अंग है। यह नीति इस सिद्धांत पर आधारित है कि समाज के सभी वर्ग समान ऐतिहासिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक परिस्थितियों से नहीं आए हैं। कुछ वर्ग लंबे समय तक वंचना, भेदभाव और अवसरों की कमी का सामना करते रहे हैं।

भारतीय रेलवे जैसी विशाल सार्वजनिक संस्था में आरक्षण नीति का उद्देश्य केवल नियुक्ति देना नहीं है, बल्कि समान अवसर (Equal Opportunity) को वास्तविक रूप में लागू करना है। रेलवे में आरक्षण नीति सामाजिक संतुलन, प्रशासनिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों का व्यावहारिक स्वरूप है।

2.2 आरक्षण नीति का ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य

भारत में आरक्षण की अवधारणा स्वतंत्रता से पहले भी विद्यमान थी, किंतु संविधान लागू होने के बाद इसे स्पष्ट संवैधानिक आधार मिला। संविधान निर्माताओं ने यह माना कि केवल विधिक समानता पर्याप्त नहीं है, जब तक सामाजिक और आर्थिक असमानताओं को दूर न किया जाए।

रेलवे, जो ब्रिटिश काल से ही एक बड़ा नियोक्ता रहा है, स्वतंत्र भारत में सामाजिक न्याय की नीति को लागू करने का एक प्रमुख माध्यम बना। इसी कारण रेलवे में आरक्षण नीति का विशेष महत्व है।

2.3 आरक्षण नीति के प्रमुख उद्देश्य (Objectives of Reservation Policy)

भारतीय रेलवे में आरक्षण नीति के मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं:

·        सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व देना

·        संविधान में निहित समान अवसर के सिद्धांत को व्यवहार में लागू करना

·        ऐतिहासिक अन्याय एवं असमानताओं की भरपाई करना

·        प्रशासन में विविधता (Diversity) और समावेशन (Inclusion) सुनिश्चित करना

आरक्षण नीति यह स्वीकार करती है कि सभी के लिए समान नियम तभी प्रभावी होंगे, जब प्रारंभिक असमानताओं को संतुलित किया जाए।

2.4 प्रतिनिधित्व का सिद्धांत

(Principle of Adequate Representation)

आरक्षण नीति का मूल आधार पर्याप्त प्रतिनिधित्व का सिद्धांत है। इसका अर्थ यह नहीं है कि प्रत्येक वर्ग को समान संख्या में पद दिए जाएँ, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी वर्ग सरकारी सेवाओं में नगण्य या शून्य प्रतिनिधित्व का शिकार न हो।

रेलवे में यह सिद्धांत रोस्टर प्रणाली के माध्यम से लागू किया जाता है, जिससे प्रत्येक संवर्ग (Cadre) में SC, ST, OBC एवं EWS का संतुलित प्रतिनिधित्व बना रहे।

2.5 सामाजिक न्याय और प्रशासनिक दक्षता

आरक्षण नीति के क्रियान्वयन में सामाजिक न्याय और प्रशासनिक दक्षता के बीच संतुलन अत्यंत आवश्यक है। रेलवे प्रशासन यह सुनिश्चित करता है कि आरक्षण नीति से कार्यक्षमता प्रभावित न हो, साथ ही सामाजिक न्याय के उद्देश्य भी पूर्ण हों।

इस संतुलन को बनाए रखने के लिए:

  • न्यूनतम योग्यता मानक तय किए जाते हैं
  • चयन प्रक्रिया निष्पक्ष रखी जाती है
  • प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जाता है

2.6 समान अवसर बनाम समान परिणाम

आरक्षण नीति का उद्देश्य समान परिणाम (Equal Outcome) सुनिश्चित करना नहीं है, बल्कि समान अवसर (Equal Opportunity) प्रदान करना है। रेलवे में सभी उम्मीदवारों के लिए चयन प्रक्रिया समान रहती है, किंतु आरक्षण नीति यह सुनिश्चित करती है कि सामाजिक पिछड़ेपन के कारण कोई वर्ग प्रतिस्पर्धा से बाहर न हो जाए।

यह सिद्धांत आरक्षण नीति को न्यायसंगत और संवैधानिक बनाता है।

2.7 रेलवे में आरक्षण नीति के व्यावहारिक सिद्धांत

भारतीय रेलवे में आरक्षण नीति निम्नलिखित व्यावहारिक सिद्धांतों पर आधारित है:

  • आरक्षण केवल निर्धारित प्रतिशत तक सीमित रहेगा
  • कुल आरक्षण 50% की सीमा से अधिक नहीं होगा
  • आरक्षण का क्रियान्वयन रोस्टर प्रणाली द्वारा किया जाएगा
  • मेरिट के आधार पर चयनित उम्मीदवार आरक्षित कोटे में नहीं गिने जाएँगे

ये सिद्धांत नीति के दुरुपयोग को रोकने में सहायक हैं।

2.8 रेलवे प्रशासन में आरक्षण नीति का अनुपालन

रेलवे में आरक्षण नीति का पालन करना केवल सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि विधिक अनिवार्यता है। प्रत्येक भर्ती, पदोन्नति या चयन में संबंधित रोस्टर बिंदु की जाँच करना आवश्यक होता है।

इस संदर्भ में कार्मिक विभाग (Personnel Department) की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि रोस्टर का सही रख-रखाव उसी के द्वारा किया जाता है।

2.9 आरक्षण नीति से संबंधित सामान्य भ्रांतियाँ

आरक्षण नीति को लेकर कुछ सामान्य भ्रांतियाँ प्रचलित हैं, जैसे:

  • आरक्षण से मेरिट समाप्त हो जाती है
  • आरक्षण से प्रशासनिक गुणवत्ता घटती है
  • आरक्षण स्थायी व्यवस्था है

वास्तविकता यह है कि यदि नीति को नियमों के अनुसार लागू किया जाए, तो यह न केवल सामाजिक संतुलन बनाती है, बल्कि संगठन को अधिक संवेदनशील और प्रतिनिधिक बनाती है।

2.10 आरक्षण नीति और न्यायिक दृष्टिकोण

न्यायालयों ने समय-समय पर यह स्पष्ट किया है कि आरक्षण नीति का उद्देश्य सामाजिक संतुलन है, न कि किसी वर्ग को अनुचित लाभ देना। इसलिए रेलवे में आरक्षण नीति न्यायालयों के निर्देशों के अनुरूप लागू की जाती है।

इस अध्याय में भारतीय रेलवे की आरक्षण नीति की अवधारणा, उद्देश्य और सिद्धांतों का विस्तृत विवेचन किया गया है। यह स्पष्ट किया गया है कि आरक्षण नीति सामाजिक न्याय, समान अवसर और प्रशासनिक दक्षता के बीच संतुलन स्थापित करने का माध्यम है।

National Holiday Allowance (NHA) राष्ट्रीय अवकाश भत्ता संबंधी सामान्य नियम (Hi/Eng)


राष्ट्रीय अवकाश दिन, राष्ट्रीय अवकाश भत्ता, राष्ट्रीय अवकाश के बदले छति पूर्ति अवकाश के सामान्य नियम

निम्नलिखित तीन दिनों को राष्ट्रीय अवकाश दिन माना जाता है:-

(1) 26 जनवरी,  गणतन्त्र दिवस,

(2) 15 अगस्त, स्वतंत्रता दिवस; और

(3) 2 अक्तूबर, महात्मा गांधी जन्म दिवस।

ये तीनों राष्ट्रीय अवकाश अनिवार्य हैं।

(Ref. Railway Board’s letter No. E/50/HL1/11 dt.1.12.1950 and E(LR)III/78/HL1/9 dated 30.10.1978)

Railways Reservation Roster - अध्याय 1 : संवैधानिक आधार (Constitutional Basis)

 अध्याय 1 : भूमिका एवं संवैधानिक आधार


1.1 भूमिका (Introduction)


भारतीय रेलवे देश का सबसे बड़ा सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है, जहाँ लाखों कर्मचारियों की नियुक्ति एवं पदोन्नति होती है। इतनी विशाल व्यवस्था में सामाजिक न्याय एवं समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए आरक्षण नीति को सुव्यवस्थित रूप से लागू करना अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से भारतीय रेलवे में आरक्षण रोस्टर प्रणाली (Reservation Roster System) अपनाई जाती है।


आरक्षण रोस्टर केवल प्रशासनिक औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह संविधान में निहित समानता, प्रतिनिधित्व और सामाजिक संतुलन के सिद्धांतों का व्यावहारिक रूप है। यह प्रणाली यह सुनिश्चित करती है कि अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) को उनके निर्धारित अनुपात में अवसर प्राप्त हों।

APPOINTMENT ON COMPASSIONATE GROUND

Appointment on Compassionate Ground

1. Compassionate Ground Appointment Mean: -

Appointments on compassionate ground are those appointments that can be made to the dependents of Railway servants.

Who lost their lives in the course of duty.
Or die in harness,
Or became crippled while in service.
Or medically incapacitated or de-categorized
Or dues to sickness like heart troubles, cancer.
Or such a diseases where no alternative appointment on reasonable emolument could be offered. Due to such incidents the appointment that are given to family member of deceased Railway employees are called as appointments on compassionate ground.

General Rules of MACP - In Cases of Refusal of Promotion ( Hindi / English)



MACP in Cases of Refusal of Promotion

As annexure to RBE 101/2009

1. If a regular promotion has been offered but was refused by the employee before becoming entitled to a financial upgradation, no financial upgradation shall be allowed as such an employee has not been stagnated due to lack of opportunities. If, however, financial upgradation has been allowed due to stagnation and the employee subsequently refuse the promotion, it shall not be a ground to withdraw the financial upgradation. He shall, however, not be eligible to be considered for further financial upgradation till he agrees to be considered for promotion again and the second or the next financial upgradation shall also be deferred to the extent of period of debarment due to the refusal.

PNM (Permanent Negotiation Machinery) (Hindi/English)


P N M (Permanent Negotiation Machinery)
रेलवे में संवाद और समाधान का स्थायी तंत्र


भारतीय रेलवे देश का सबसे बड़ा सरकारी संस्थान है, जिसमें लाखों कर्मचारी विभिन्न पदों पर कार्यरत हैं। इतने विशाल संगठन में कर्मचारियों के हितों का संरक्षण, उनकी शिकायतों का समाधान और प्रशासन तथा यूनियनों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखना अत्यंत आवश्यक होता है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए वर्ष 1951 में एक महत्वपूर्ण तंत्र की स्थापना की गई जिसे Permanent Negotiation Machinery (PNM) कहा जाता है। इसे स्थापित करने का उद्देश्य रेलवे प्रशासन और संगठित मजदूर संगठनों (Labour Unions) के बीच निरंतर संवाद और विवादों का शांतिपूर्ण समाधान सुनिश्चित करना था। इस प्रणाली को स्थापित करने का श्रेय श्री V.V. Giri को जाता है, जब श्री लाल बहादुर शास्त्री रेल मंत्री थे।

TRADE UNION ACT

TRADE UNION ACT

A Trade Union is a continuous association of wage earners for the purpose of maintaining and improving the conditions of workers and their lives. Salient features of the Trade Union Act, 1926 are -
1. This act was passed in 1926 to be implemented from 1.6.27.
2. Any seven or more persons can form an Association and get registration.
3. Registrar can withdraw or cancel the registration of union.
4. Legal protection shall be given to union office bearers against criminal proceedings, but that must be for union working only.
5. The union may raise separate funds other than subscriptions on purely voluntary basis for promotion of social or political interest.
6. Unions are to define their aim and objects for its constitution and maintain and get it audited of accounts.

FACILITIES TO SC/ST RLY & EMPLOYEES ASSOCIATION

FACILITIES TO SC/ST RLY & EMPLOYEES 

ASSOCIATION 

Supply of circulars on Reservation Rules & Establishment or other relevant matters. Maximum two informal meetings in a year. Two card passes in 1st Class/AC Sleeper to President /General Secretary at Central and Zonal levels. Stay Facilities as available as per eligibility on payment of usual charges. Allotment of a suitable office accommodation at Board, Zone and Divisional levels. Special Casual Leave and special passes to not more than 20 office bearers to attend informal meetings at Divl./Workshop level.
Recognized Unions - Registered under Trade Union Act & recognized by the Government

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