पेंशन नियम
पेंशन एक सेवा निवृति लाभ है जो रेल सेवक को सेवा निवृति के उपरान्त प्रतिमाह प्रदान की जाती है। पेंशन भविष्य में अच्छे आचरण के अधीन होने पर अनुमेय होती है अर्थात यदि पेंशन भोगी को गम्भीर अपराध के लिए दोष सिद्ध पाया जाता है या घोर अवचार के लिए दोषी पाया जाता है तो नियुक्ति प्राधिकारी लिखित आदेश द्वारा राष्ट्रपति की अनुमति से पेंशन के भाग को स्थाई रूप से या निश्चित अवधि के लिए रोकने में सक्षम होता है। लेकिन ऐसे मामलो में न्युनतम पेंशन अनुमेय की जाती है।
रेल सेवा पेंशन नियम 1993 जो दिनांक 3.12.1993 से लागू किए गए, उन सभी रेल कर्मचारियों पर लागू होते हैं जिनकी नियुक्ति रेल सेवा में 31.12.2003 तक हुई हो।
