रेल सेवकों के कार्य के घंटे एवं विश्राम अवधि के नियम (HOER) : सम्पूर्ण मार्गदर्शिका
भारतीय रेल विश्व के सबसे बड़े रेल नेटवर्कों में से एक है, जहाँ लाखों रेल कर्मचारी विभिन्न श्रेणियों में चौबीसों घंटे कार्य करते हैं। रेल परिचालन की निरंतर प्रकृति के कारण सभी कर्मचारियों के लिए समान कार्य अवधि निर्धारित करना व्यावहारिक नहीं है। कुछ कर्मचारी अत्यधिक मानसिक एकाग्रता एवं सतत सावधानी वाले कार्य करते हैं, जबकि कुछ कर्मचारियों के कार्य में प्रतीक्षा अथवा कार्य के बीच अंतराल भी होता है। इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए रेलवे कर्मचारियों के कार्य के घंटे, विश्राम अवधि, साप्ताहिक विश्राम तथा ड्यूटी के वर्गीकरण को विनियमित करने के लिए Railway Servants (Hours of Work and Period of Rest) Rules, 2005, जिन्हें सामान्यतः HOER (Hours of Work and Period of Rest Rules) कहा जाता है, लागू किए गए हैं। ये नियम रेल कर्मचारियों के कार्य एवं विश्राम के बीच संतुलन स्थापित करने, परिचालन सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा अत्यधिक कार्यभार से उत्पन्न जोखिम को कम करने के उद्देश्य से बनाए गए हैं। ये नियम रेल कर्मचारियों की सभी श्रेणियों पर समान रूप से लागू नहीं होते, बल्कि केवल उन कर्मचारियों पर लागू होते हैं जो Railways Act, 1989 के अध्याय XIV के अंतर्गत आते हैं।
HOER क्या है?
HOER (Hours of Work and Period of Rest Rules) भारतीय रेलवे में कार्यरत पात्र रेल कर्मचारियों के लिए कार्य के घंटे (Hours of Work), विश्राम अवधि (Period of Rest), साप्ताहिक विश्राम, ड्यूटी वर्गीकरण, रोस्टर निर्माण तथा ओवरटाइम से संबंधित मूल वैधानिक नियमों का समूह है। इन नियमों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी कर्मचारी से उसकी निर्धारित श्रेणी के अनुरूप ही कार्य लिया जाए तथा उसे पर्याप्त विश्राम उपलब्ध कराया जाए, जिससे रेलवे परिचालन की सुरक्षा एवं दक्षता बनी रहे।
कानूनी आधार (Legal Basis)
रेल सेवकों के कार्य के घंटे एवं विश्राम अवधि से संबंधित नियम निम्नलिखित वैधानिक प्रावधानों पर आधारित हैं—
- Railways Act, 1989 का Chapter XIV (Hours of Work and Period of Rest)।
- Railway Servants (Hours of Work and Period of Rest) Rules, 2005।
- भारत सरकार द्वारा 28 फरवरी 2005 को अधिसूचित G.S.R. 75।
- रेलवे बोर्ड का RBE No. 131/2005, जिसके माध्यम से संशोधित नियम लागू किए गए।
HOER का उद्देश्य
HOER नियमों के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं—
- रेल कर्मचारियों के कार्य के घंटे विधिसम्मत रूप से निर्धारित करना।
- कर्मचारियों को पर्याप्त दैनिक एवं साप्ताहिक विश्राम उपलब्ध कराना।
- अत्यधिक कार्य अवधि के कारण होने वाली मानवीय त्रुटियों एवं दुर्घटनाओं की संभावना को कम करना।
- विभिन्न प्रकार के कार्यों के अनुसार कर्मचारियों का वैज्ञानिक वर्गीकरण करना।
- कार्य एवं विश्राम के बीच संतुलन स्थापित कर सुरक्षित एवं कुशल रेल संचालन सुनिश्चित करना।
- रेलवे प्रशासन एवं कर्मचारियों के अधिकारों एवं दायित्वों के बीच संतुलन बनाए रखना।
HOER क्यों महत्वपूर्ण है?
रेलवे में अनेक पद ऐसे हैं जहाँ कुछ क्षणों की असावधानी भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसलिए HOER केवल सेवा शर्तों से संबंधित नियम नहीं है, बल्कि यह रेल सुरक्षा (Railway Safety) से सीधे जुड़ा हुआ वैधानिक ढाँचा है। यही कारण है कि ड्यूटी के घंटे, विश्राम अवधि, रोस्टर, रात्रिकालीन ड्यूटी तथा कर्मचारियों के वर्गीकरण को स्पष्ट नियमों के माध्यम से नियंत्रित किया जाता है। इन नियमों का पालन कर्मचारियों के स्वास्थ्य, कार्यकुशलता तथा सुरक्षित रेल संचालन—तीनों के लिए समान रूप से आवश्यक है।
HOER किन कर्मचारियों पर लागू होता है?
Railway Servants (Hours of Work and Period of Rest) Rules, 2005 केवल उन रेल कर्मचारियों पर लागू होते हैं जिन पर Railways Act, 1989 का Chapter XIV (Hours of Work and Period of Rest) लागू होता है। अर्थात् प्रत्येक रेलवे कर्मचारी स्वतः HOER के अंतर्गत नहीं आता। जिन कर्मचारियों पर अन्य विशेष श्रम कानून लागू होते हैं अथवा जिन्हें विधिवत Excluded घोषित किया गया है, वे इन नियमों के दायरे से बाहर रहते हैं।
सामान्यतः संचालन (Operating), वाणिज्य (Commercial), इंजीनियरिंग, यांत्रिक (Mechanical), विद्युत (Electrical), सिग्नल एवं दूरसंचार (S&T) तथा अन्य परिचालन विभागों के अनेक कर्मचारी HOER के अंतर्गत आते हैं। किन्तु प्रत्येक पद का अंतिम निर्णय उसके कार्य की वास्तविक प्रकृति (Job Analysis) तथा रेलवे प्रशासन द्वारा किए गए Classification पर निर्भर करता है।
HOER किन कर्मचारियों पर लागू नहीं होता?
HOER निम्न प्रकार के कर्मचारियों पर लागू नहीं होता—
- जिन पर Factories Act अथवा अन्य विशेष अधिनियम लागू होते हैं।
- वे कर्मचारी जिन्हें नियमों के अंतर्गत Excluded घोषित किया गया है।
- अन्य ऐसी श्रेणियाँ जिन्हें रेलवे बोर्ड अथवा सक्षम प्राधिकारी द्वारा विधिवत अपवर्जित किया गया हो।
HOER के अंतर्गत कर्मचारियों का वर्गीकरण (Classification)
HOER का सबसे महत्वपूर्ण आधार Classification है। किसी कर्मचारी के कार्य के घंटे, विश्राम अवधि, साप्ताहिक विश्राम तथा अन्य सुविधाएँ उसी के वर्गीकरण पर निर्भर करती हैं।
रेल कर्मचारियों को सामान्यतः निम्न चार श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाता है—
- Intensive (गहन)
- Continuous (निरंतर)
- Essentially Intermittent (आवश्यक रूप से विरामी)
- Excluded (अपवर्जित)
1. Intensive (गहन)
गहन (Intensive) श्रेणी में वे कर्मचारी रखे जाते हैं जिनके कार्य में निरंतर मानसिक अथवा शारीरिक एकाग्रता की आवश्यकता होती है तथा कार्य के दौरान विश्राम या शिथिलता का अवसर अत्यंत कम या नगण्य होता है। ऐसे कार्य लगातार सतर्कता एवं त्वरित निर्णय की मांग करते हैं। किसी पद को Intensive घोषित करने से पूर्व सक्षम प्राधिकारी द्वारा उसका Work Study किया जाता है।
उदाहरण (संकेतात्मक):
- Section Controller / Train Controller
- ऐसे अन्य पद, जिन्हें Work Study के आधार पर Intensive वर्गीकृत किया गया हो।
ध्यान दें: किसी पद का अंतिम वर्गीकरण संबंधित रेलवे के स्वीकृत HOER Classification Order पर निर्भर करता है।
2. Continuous (निरंतर)
Continuous HOER का सामान्य (Default) वर्गीकरण है। सामान्य सिद्धांत यह है कि जो भी रोजगार HOER के अंतर्गत आता है, उसे प्रारम्भ में Continuous माना जाता है। यदि बाद में Work Study से यह सिद्ध हो कि वह गहन (Intensive) अथवा आवश्यक रूप से विरामी (Essentially Intermittent) है, तभी उसका वर्गीकरण बदला जाता है।
उदाहरण (संकेतात्मक):
- Station Master
- Pointsman
- Technician
- Booking Clerk / Commercial Clerk
नोट: उपर्युक्त पदों का वास्तविक वर्गीकरण संबंधित रेलवे के HOER आदेशों के अनुसार भिन्न हो सकता है।
3. Essentially Intermittent (आवश्यक रूप से विरामी)
इस श्रेणी में वे कर्मचारी आते हैं जिनकी ड्यूटी के दौरान पर्याप्त अवधि तक कार्य का अभाव (Inactivity Period) रहता है। कर्मचारी ड्यूटी पर उपस्थित रहता है, किन्तु कार्य के बीच ऐसे अंतराल आते हैं जिनमें सक्रिय कार्य अपेक्षाकृत कम होता है। किसी पद को Essentially Intermittent घोषित करने का निर्णय केवल Work Study के आधार पर ही किया जाता है।
उदाहरण (संकेतात्मक):
- कम यातायात वाले स्टेशनों के कुछ Station Master
- Track Maintainer (Trackman)
- कुछ Level Crossing Gateman
- अन्य पद, जिन्हें Work Study के आधार पर Essentially Intermittent घोषित किया गया हो।
4. Excluded (अपवर्जित)
कुछ श्रेणियों के कर्मचारियों को HOER के प्रावधानों से बाहर रखा जाता है। ऐसे कर्मचारियों को Excluded कहा जाता है। इसके अतिरिक्त, रेलवे बोर्ड आवश्यकता होने पर किसी अन्य श्रेणी को भी लिखित आदेश द्वारा Excluded घोषित कर सकता है।
उदाहरण (संकेतात्मक):
- वे कर्मचारी जिन्हें सक्षम प्राधिकारी द्वारा HOER से अपवर्जित घोषित किया गया हो।
- अन्य श्रेणियाँ, जिन पर HOER के स्थान पर अन्य लागू नियम प्रभावी हों।
महत्वपूर्ण: किसी भी कर्मचारी का अंतिम HOER वर्गीकरण उसके पदनाम से नहीं, बल्कि संबंधित रेलवे द्वारा स्वीकृत HOER Classification एवं Work Study के आधार पर निर्धारित किया जाता है।
सारणी : HOER के अंतर्गत वर्गीकरण
| वर्गीकरण | कार्य की प्रकृति | सामान्य रोस्टर ड्यूटी | साप्ताहिक विश्राम |
|---|---|---|---|
| Intensive | निरंतर मानसिक/शारीरिक एकाग्रता | 6 घंटे | 30 घंटे |
| Continuous | सामान्य निरंतर कार्य | 8 घंटे | 30 घंटे |
| Essentially Intermittent | कार्य के बीच पर्याप्त निष्क्रिय अवधि | 10–12 घंटे (श्रेणी अनुसार) | 24 घंटे (पूर्ण रात्रि सहित) |
| Excluded | HOER से अपवर्जित | लागू नहीं | संबंधित नियमों के अनुसार |
महत्वपूर्ण: ऊपर दी गई ड्यूटी अवधि सामान्य Rostered Hours को दर्शाती है। प्रत्येक श्रेणी के लिए अधिनियम में अलग Statutory Maximum Average Working Hours भी निर्धारित हैं। दोनों में अंतर समझना अत्यंत आवश्यक है।
Rostered Hours एवं Statutory Hours – अंतर, कार्य अवधि एवं साप्ताहिक सीमा
रेलवे कर्मचारियों के बीच 42/45, 48/54 तथा 60/72/75 घंटे को लेकर सबसे अधिक भ्रम देखा जाता है। अनेक कर्मचारी इन्हें प्रतिदिन की ड्यूटी अवधि या ओवरटाइम की सीमा समझ लेते हैं, जबकि वास्तव में ये Rostered Hours (रोस्टर कार्य अवधि) एवं Statutory Hours (वैधानिक औसत कार्य अवधि) से संबंधित हैं। HOER नियमों को सही ढंग से समझने के लिए इन दोनों अवधारणाओं का स्पष्ट ज्ञान आवश्यक है।
Rostered Hours (रोस्टर कार्य अवधि) क्या है?
Rostered Hours से आशय उस कार्य अवधि से है जिसे किसी कर्मचारी के लिए उसके वर्गीकरण के अनुसार ड्यूटी रोस्टर में नियमित रूप से निर्धारित किया जाता है। यह कर्मचारी की सामान्य कार्य अवधि होती है, जिसके आधार पर उसकी दैनिक ड्यूटी, साप्ताहिक कार्यक्रम तथा विश्राम अवधि निर्धारित की जाती है।
सामान्य रूप से—
Intensive – प्रतिदिन लगभग 6 घंटे
Continuous – प्रतिदिन लगभग 8 घंटे
Essentially Intermittent – प्रतिदिन 10 अथवा 12 घंटे (स्वीकृत वर्गीकरण के अनुसार)
यह सामान्य ड्यूटी अवधि है, जिसे कर्मचारी नियमित रूप से निभाता है।
Statutory Hours (वैधानिक औसत कार्य अवधि) क्या है?
Statutory Hours से आशय उस अधिकतम औसत कार्य अवधि से है, जिसकी अनुमति HOER के अंतर्गत संबंधित वर्ग के कर्मचारियों के लिए दी गई है। यह सामान्य ड्यूटी नहीं, बल्कि कानून द्वारा निर्धारित अधिकतम औसत सीमा है, जिसके भीतर ही कार्य रोस्टर बनाया जा सकता है।
यदि किसी कर्मचारी की कार्य अवधि इस वैधानिक सीमा से अधिक हो जाती है, तो संबंधित स्थिति में HOER के अन्य प्रावधान, जैसे अतिरिक्त कार्य, विश्राम अथवा ओवरटाइम के नियम लागू हो सकते हैं।
Rostered Hours एवं Statutory Hours में अंतर
| आधार | Rostered Hours | Statutory Hours |
|---|---|---|
| अर्थ | सामान्य निर्धारित ड्यूटी | कानून द्वारा अनुमत अधिकतम औसत कार्य अवधि |
| उद्देश्य | दैनिक/सामान्य कार्य व्यवस्था | कार्य अवधि की वैधानिक सीमा निर्धारित करना |
| निर्धारण | ड्यूटी रोस्टर द्वारा | HOER एवं संबंधित वैधानिक प्रावधानों द्वारा |
| परिवर्तन | प्रशासनिक आवश्यकता अनुसार (नियमों के भीतर) | नियमों के संशोधन के बिना नहीं |
42/45, 48/54 एवं 60/72/75 का क्या अर्थ है?
HOER के अंतर्गत विभिन्न वर्गों के कर्मचारियों के लिए सामान्य रोस्टर एवं वैधानिक औसत कार्य सीमा अलग-अलग निर्धारित की गई है।
| वर्गीकरण | सामान्य रोस्टर | वैधानिक औसत कार्य सीमा |
|---|---|---|
| Intensive | 42 घंटे प्रति सप्ताह | 45 घंटे प्रति सप्ताह |
| Continuous | 48 घंटे प्रति सप्ताह | 54 घंटे प्रति सप्ताह |
| Essentially Intermittent | 60 घंटे प्रति सप्ताह | 72 अथवा 75 घंटे प्रति सप्ताह (श्रेणी के अनुसार) |
महत्वपूर्ण: यहाँ दिए गए 45, 54, 72 एवं 75 घंटे सामान्य ड्यूटी नहीं हैं। ये HOER के अंतर्गत निर्धारित वैधानिक औसत कार्य सीमा (Statutory Average Working Hours) को दर्शाते हैं।
एक सरल उदाहरण
मान लीजिए किसी कर्मचारी का वर्गीकरण Continuous है।
उसका सामान्य रोस्टर 8 घंटे प्रतिदिन (48 घंटे प्रति सप्ताह) निर्धारित है।
किन्तु HOER के अंतर्गत उसकी वैधानिक औसत कार्य सीमा 54 घंटे प्रति सप्ताह तक हो सकती है।
अर्थात 48 घंटे उसकी सामान्य नियोजित ड्यूटी है, जबकि 54 घंटे कानून द्वारा निर्धारित अधिकतम औसत सीमा है। दोनों का उद्देश्य अलग-अलग है और इन्हें समान नहीं माना जाना चाहिए।
महत्वपूर्ण नोट
HOER के अंतर्गत कार्य अवधि, रोस्टर निर्माण तथा औसत कार्य सीमा का निर्धारण संबंधित वैधानिक प्रावधानों एवं रेलवे प्रशासन द्वारा अनुमोदित वर्गीकरण के अनुसार किया जाता है। किसी भी प्रशासनिक निर्णय के लिए सदैव लागू HOER Rules, Railway Board के प्रचलित निर्देशों तथा संबंधित प्राधिकार द्वारा स्वीकृत रोस्टर का पालन किया जाना चाहिए।
Short Off, Long On, Split Duty एवं Night Duty
HOER के अंतर्गत केवल कार्य के घंटे निर्धारित करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी आवश्यक है कि कर्मचारियों को पर्याप्त विश्राम मिले तथा ड्यूटी का स्वरूप परिचालन सुरक्षा के अनुरूप हो। इसी उद्देश्य से Short Off, Long On, Split Duty तथा Night Duty जैसी अवधारणाओं का प्रावधान किया गया है। इनका सही ज्ञान रेलवे कर्मचारियों, पर्यवेक्षकों तथा विभागीय परीक्षाओं के अभ्यर्थियों के लिए समान रूप से महत्वपूर्ण है।
Short Off (शॉर्ट ऑफ)
Short Off से आशय ऐसी स्थिति से है जब किसी कर्मचारी को दो लगातार ड्यूटी अवधियों के बीच निर्धारित सामान्य विश्राम अवधि से कम विश्राम प्राप्त होता है। ऐसी स्थिति में कर्मचारी को अपेक्षित विश्राम नहीं मिल पाता, जिससे उसकी कार्यक्षमता एवं सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।
रेलवे प्रशासन के लिए यह आवश्यक है कि ड्यूटी रोस्टर तैयार करते समय अनावश्यक Short Off से बचा जाए तथा केवल अपरिहार्य परिस्थितियों में ही ऐसी व्यवस्था की जाए। जहाँ नियमों के अनुसार आवश्यक हो, वहाँ इसका अभिलेख (Record) भी रखा जाता है।
उदाहरण
यदि किसी कर्मचारी की ड्यूटी रात्रि 10:00 बजे समाप्त होती है और उसे अगले दिन प्रातः बहुत कम अंतराल के बाद पुनः ड्यूटी पर उपस्थित होना पड़ता है, तो ऐसी स्थिति Short Off की श्रेणी में आ सकती है, यदि वह निर्धारित विश्राम अवधि से कम हो।
Long On (लॉन्ग ऑन)
Long On ऐसी स्थिति है जिसमें किसी कर्मचारी की ड्यूटी अवधि सामान्य रोस्टर की तुलना में अधिक समय तक लगातार चलती है। यह परिस्थिति सामान्यतः परिचालन आवश्यकताओं, आकस्मिक परिस्थितियों या सेवा हित में उत्पन्न हो सकती है।
Long On की स्थिति में संबंधित कर्मचारी के लिए लागू HOER प्रावधानों, कार्य अवधि की वैधानिक सीमाओं तथा विश्राम संबंधी नियमों का पालन किया जाना आवश्यक है। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त कार्य से संबंधित प्रावधान भी लागू हो सकते हैं।
ध्यान दें: Long On का अर्थ यह नहीं है कि कर्मचारी से असीमित अवधि तक कार्य लिया जा सकता है। कार्य अवधि सदैव लागू HOER प्रावधानों एवं रेलवे बोर्ड के निर्देशों के अधीन रहती है।
Split Duty (विभाजित ड्यूटी)
Split Duty वह व्यवस्था है जिसमें कर्मचारी की एक ही दिन की ड्यूटी दो या अधिक भागों में विभाजित होती है तथा उनके बीच निर्धारित अंतराल रहता है।
इस प्रकार की ड्यूटी उन कार्यों में उपयोगी होती है जहाँ पूरे दिन निरंतर कार्य उपलब्ध नहीं रहता, परंतु दिन के अलग-अलग समय पर कार्य करना आवश्यक होता है।
उदाहरण
यदि किसी कर्मचारी की ड्यूटी—
प्रातः 6:00 बजे से 10:00 बजे तक,
तथा पुनः सायं 4:00 बजे से 8:00 बजे तक
निर्धारित है, तो यह Split Duty का उदाहरण हो सकता है।
Split Duty निर्धारित करते समय कुल कार्य अवधि, मध्यांतर तथा विश्राम संबंधी HOER प्रावधानों का पालन किया जाना आवश्यक है।
Night Duty (रात्रिकालीन ड्यूटी)
रेलवे में अनेक सेवाएँ 24 घंटे संचालित होती हैं। इसलिए विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारियों को रात्रिकालीन ड्यूटी भी करनी पड़ती है।
Night Duty करते समय विशेष सावधानी की आवश्यकता होती है क्योंकि रात्रि में कार्य करने से शारीरिक एवं मानसिक थकान बढ़ सकती है। इसी कारण HOER में कार्य अवधि, विश्राम तथा ड्यूटी रोस्टर के संबंध में विशेष प्रावधान किए गए हैं ताकि रेल संचालन की सुरक्षा प्रभावित न हो।
रात्रिकालीन ड्यूटी का रोस्टर तैयार करते समय कर्मचारी की श्रेणी, कार्य की प्रकृति तथा लागू HOER नियमों का ध्यान रखा जाता है।
तुलनात्मक सारणी
| विषय | संक्षिप्त विवरण |
|---|---|
| Short Off | दो ड्यूटी के बीच निर्धारित अवधि से कम विश्राम मिलना |
| Long On | सामान्य रोस्टर से अधिक समय तक लगातार ड्यूटी करना |
| Split Duty | एक दिन की ड्यूटी को दो या अधिक भागों में विभाजित करना |
| Night Duty | रात्रि अवधि में निर्धारित ड्यूटी का निर्वहन |
व्यवहारिक दृष्टि से महत्वपूर्ण
ड्यूटी रोस्टर बनाते समय कर्मचारी को पर्याप्त विश्राम उपलब्ध कराना आवश्यक है।
अनावश्यक Short Off से बचना चाहिए।
Long On केवल परिचालन आवश्यकता के कारण हो सकता है और यह भी HOER की वैधानिक सीमाओं के अधीन होता है।
Split Duty का उपयोग केवल उन कार्यों में किया जाता है जहाँ कार्य का स्वरूप इसकी आवश्यकता उत्पन्न करता है।
Night Duty के दौरान सुरक्षित रेल संचालन सर्वोच्च प्राथमिकता होती है।
Preparatory Work, Complementary Work, Inactivity Period, Work Study, Classification Review एवं अभिलेख (Registers)
किसी कर्मचारी की ड्यूटी केवल उस समय तक सीमित नहीं होती जब वह अपना मुख्य कार्य कर रहा होता है। ड्यूटी प्रारम्भ करने से पहले की कुछ आवश्यक गतिविधियाँ तथा ड्यूटी समाप्त होने के बाद की कुछ औपचारिक कार्यवाहियाँ भी सेवा का अभिन्न अंग होती हैं। HOER के अंतर्गत ऐसी गतिविधियों का भी महत्व है क्योंकि इन्हीं के आधार पर वास्तविक कार्य अवधि, रोस्टर एवं वर्गीकरण का सही आकलन किया जाता है।
Preparatory Work (प्रारंभिक कार्य)
Preparatory Work से आशय उन आवश्यक कार्यों से है जिन्हें कर्मचारी को अपना मुख्य कार्य प्रारम्भ करने से पहले करना पड़ता है, ताकि वह सुरक्षित एवं प्रभावी ढंग से अपनी ड्यूटी का निर्वहन कर सके।
इन कार्यों में पद एवं विभाग के अनुसार अंतर हो सकता है। उदाहरणस्वरूप—
- ड्यूटी ग्रहण करना (Taking Over Charge)
- आवश्यक रजिस्टर, लॉग बुक अथवा अभिलेखों का अवलोकन
- उपकरणों एवं यंत्रों की उपलब्धता एवं कार्यशीलता की जाँच
- आवश्यक निर्देशों एवं संदेशों की जानकारी प्राप्त करना
- कार्यस्थल का निरीक्षण
Preparatory Work मुख्य ड्यूटी से अलग नहीं माना जाता, बल्कि यह ड्यूटी का अभिन्न भाग है।
Complementary Work (पूरक कार्य)
Complementary Work से आशय उन कार्यों से है जिन्हें कर्मचारी मुख्य ड्यूटी समाप्त होने के बाद पूरा करता है ताकि अगली ड्यूटी सुचारु रूप से संचालित हो सके।
सामान्यतः इसमें शामिल हो सकते हैं—
- कार्यभार (Charge) का हस्तांतरण
- आवश्यक अभिलेखों में प्रविष्टि करना
- लॉग बुक या रजिस्टर पूर्ण करना
- उपकरणों को निर्धारित स्थान पर जमा करना
- आवश्यक रिपोर्ट प्रस्तुत करना
यह कार्य भी ड्यूटी का ही हिस्सा माना जाता है और कार्य अवधि के आकलन में इसकी उपेक्षा नहीं की जाती।
Inactivity Period (निष्क्रिय अवधि)
Inactivity Period वह अवधि है जिसके दौरान कर्मचारी ड्यूटी पर उपस्थित रहता है, किन्तु कार्य की प्रकृति के कारण उसे सक्रिय रूप से कार्य नहीं करना पड़ता।
इस अवधि में कर्मचारी कार्यस्थल छोड़ने के लिए स्वतंत्र नहीं होता तथा आवश्यकता पड़ने पर उसे तत्काल कार्य करने के लिए उपलब्ध रहना होता है।
यही निष्क्रिय अवधि (Inactivity) किसी पद को Essentially Intermittent वर्ग में रखने या न रखने के निर्धारण में महत्वपूर्ण आधार बन सकती है। अतः केवल कार्य का कम होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि निष्क्रिय अवधि का स्वरूप एवं अवधि भी महत्वपूर्ण होती है।
Work Study (कार्य अध्ययन)
किसी पद का HOER वर्गीकरण केवल पदनाम देखकर निर्धारित नहीं किया जाता। इसके लिए संबंधित कार्य का विस्तृत अध्ययन किया जाता है, जिसे Work Study या Job Analysis कहा जाता है।
Work Study का उद्देश्य यह निर्धारित करना होता है कि—
- कर्मचारी वास्तव में कितना समय सक्रिय कार्य करता है।
- कार्य के दौरान निष्क्रिय अवधि कितनी है।
- कार्य में निरंतर मानसिक अथवा शारीरिक एकाग्रता की आवश्यकता कितनी है।
- कार्य के आधार पर कर्मचारी को Intensive, Continuous अथवा Essentially Intermittent में से किस वर्ग में रखा जाना चाहिए।
इसी अध्ययन के आधार पर सक्षम प्राधिकारी वर्गीकरण का निर्णय लेता है।
Classification Review (वर्गीकरण की समीक्षा)
रेलवे में कार्य की प्रकृति समय के साथ बदल सकती है। नई तकनीक, स्वचालन (Automation), कार्य पद्धति में परिवर्तन अथवा परिचालन आवश्यकताओं के कारण किसी पद का वास्तविक कार्य भी बदल सकता है।
ऐसी स्थिति में संबंधित पद के HOER वर्गीकरण की समीक्षा की जा सकती है। यदि Work Study से यह सिद्ध होता है कि कार्य की प्रकृति पूर्व वर्गीकरण से भिन्न हो गई है, तो सक्षम प्राधिकारी नियमानुसार वर्गीकरण में परिवर्तन कर सकता है।
अर्थात् HOER का वर्गीकरण स्थायी नहीं माना जाता; आवश्यकता पड़ने पर नियमों के अनुसार इसकी समीक्षा संभव है।
HOER के अंतर्गत महत्वपूर्ण अभिलेख (Registers)
HOER के प्रभावी अनुपालन के लिए विभिन्न प्रकार के अभिलेखों का संधारण आवश्यक होता है। इनका उद्देश्य कार्य अवधि, रोस्टर, विश्राम तथा अतिरिक्त कार्य का सही रिकॉर्ड रखना है।
सामान्यतः निम्न प्रकार के अभिलेख रखे जाते हैं—
- Duty Roster
- Classification Register
- Extra Hours Register
- Attendance Register
- अन्य ऐसे अभिलेख, जिनका संधारण संबंधित नियमों अथवा रेलवे प्रशासन के निर्देशों के अनुसार आवश्यक हो।
ध्यान दें: विभिन्न रेलवे, मंडल अथवा इकाइयों में स्थानीय प्रशासनिक आवश्यकताओं के अनुसार अतिरिक्त अभिलेख भी निर्धारित किए जा सकते हैं।
विभागीय परीक्षा एवं त्वरित पुनरावृत्ति (Quick Revision)
HOER से संबंधित प्रश्न रेलवे की विभागीय परीक्षाओं, चयन प्रक्रियाओं तथा व्यावहारिक कार्यों में नियमित रूप से पूछे जाते हैं। नीचे दी गई सारणी संपूर्ण अध्याय का संक्षिप्त पुनरावलोकन प्रस्तुत करती है।
| विषय | महत्वपूर्ण तथ्य |
|---|---|
| HOER | कार्य के घंटे एवं विश्राम अवधि से संबंधित वैधानिक नियम |
| कानूनी आधार | Railways Act, 1989 एवं Railway Servants (Hours of Work and Period of Rest) Rules, 2005 |
| मुख्य वर्गीकरण | Intensive, Continuous, Essentially Intermittent एवं Excluded |
| Continuous | HOER का सामान्य (Default) वर्गीकरण |
| Rostered Hours | रोस्टर के अनुसार निर्धारित सामान्य कार्य अवधि |
| Statutory Hours | कानून द्वारा निर्धारित अधिकतम औसत कार्य सीमा |
| Short Off | दो ड्यूटी के बीच निर्धारित अवधि से कम विश्राम |
| Long On | सामान्य रोस्टर से अधिक समय तक लगातार ड्यूटी |
| Split Duty | एक दिन की ड्यूटी का दो या अधिक भागों में विभाजन |
| Preparatory Work | मुख्य कार्य प्रारम्भ होने से पूर्व किए जाने वाले आवश्यक कार्य |
| Complementary Work | मुख्य कार्य समाप्त होने के बाद किए जाने वाले आवश्यक कार्य |
| Work Study | कार्य की वास्तविक प्रकृति का अध्ययन |
| Classification Review | आवश्यकता होने पर वर्गीकरण की समीक्षा |
विभागीय परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण तथ्य
HOER का उद्देश्य सुरक्षित रेल संचालन के साथ कर्मचारियों को पर्याप्त विश्राम उपलब्ध कराना है।
प्रत्येक रेलवे कर्मचारी HOER के अंतर्गत नहीं आता।
किसी कर्मचारी का HOER वर्गीकरण उसके पदनाम (Designation) से नहीं, बल्कि कार्य की वास्तविक प्रकृति (Work Study / Job Analysis) के आधार पर निर्धारित किया जाता है।
Continuous HOER का सामान्य (Default) वर्गीकरण है।
Intensive तथा Essentially Intermittent वर्गीकरण केवल सक्षम प्राधिकारी द्वारा Work Study के आधार पर निर्धारित किए जाते हैं।
Rostered Hours और Statutory Hours समान नहीं हैं; विभागीय परीक्षाओं में इनका अंतर अक्सर पूछा जाता है।
42/45, 48/54 तथा 60/72/75 घंटे की सीमाओं को परस्पर भ्रमित नहीं करना चाहिए।
किसी कर्मचारी की कार्य अवधि, विश्राम अवधि तथा अन्य HOER प्रावधान उसके वर्गीकरण पर निर्भर करते हैं।
Short Off और Long On अलग-अलग अवधारणाएँ हैं; दोनों को एक-दूसरे का पर्याय नहीं माना जा सकता।
Split Duty का अर्थ अतिरिक्त ड्यूटी नहीं, बल्कि एक दिन की ड्यूटी का निर्धारित अंतरालों में विभाजन है।
Night Duty के दौरान भी HOER के कार्य घंटे एवं विश्राम संबंधी प्रावधान लागू रहते हैं।
Preparatory Work तथा Complementary Work मुख्य ड्यूटी का अभिन्न भाग हैं।
Inactivity Period मुख्यतः Essentially Intermittent वर्गीकरण का महत्वपूर्ण आधार है।
कार्य की प्रकृति में परिवर्तन होने पर Classification Review किया जा सकता है।
Duty Roster एवं Classification Register HOER के महत्वपूर्ण प्रशासनिक अभिलेख हैं।
रेलवे प्रशासन का दायित्व है कि कार्य के घंटे एवं विश्राम अवधि का निर्धारण HOER के अनुरूप सुनिश्चित करे।
HOER के प्रावधान कर्मचारियों के स्वास्थ्य, कार्यकुशलता तथा सुरक्षित रेल संचालन—तीनों के लिए समान रूप से महत्वपूर्ण हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. HOER का पूरा नाम क्या है?
HOER का पूरा नाम Hours of Work and Period of Rest Rules है।
2. HOER का मुख्य उद्देश्य क्या है?
रेल कर्मचारियों के कार्य के घंटे, विश्राम अवधि एवं कार्य वर्गीकरण को विनियमित कर सुरक्षित रेल संचालन सुनिश्चित करना।
3. क्या HOER सभी रेलवे कर्मचारियों पर लागू होता है?
नहीं। यह केवल उन कर्मचारियों पर लागू होता है जो संबंधित वैधानिक प्रावधानों के अंतर्गत आते हैं।
4. HOER के अंतर्गत कितने प्रकार का वर्गीकरण होता है?
चार प्रमुख वर्गीकरण—Intensive, Continuous, Essentially Intermittent एवं Excluded।
5. Continuous Classification का क्या महत्व है?
यह HOER के अंतर्गत सामान्य (Default) वर्गीकरण माना जाता है।
6. Rostered Hours क्या हैं?
ड्यूटी रोस्टर के अनुसार निर्धारित सामान्य कार्य अवधि।
7. Statutory Hours क्या हैं?
विधि द्वारा निर्धारित अधिकतम औसत कार्य अवधि।
8. Short Off क्या है?
जब दो ड्यूटी अवधियों के बीच कर्मचारी को निर्धारित विश्राम अवधि से कम विश्राम मिलता है।
9. Long On क्या है?
जब कर्मचारी सामान्य रोस्टर की अपेक्षा अधिक समय तक लगातार ड्यूटी करता है।
10. Split Duty क्या है?
जब एक दिन की ड्यूटी को दो या अधिक भागों में विभाजित किया जाता है।
11. Preparatory Work क्या है?
मुख्य कार्य प्रारम्भ होने से पहले किए जाने वाले आवश्यक कार्य।
12. Complementary Work क्या है?
मुख्य कार्य समाप्त होने के बाद किए जाने वाले आवश्यक कार्य।
13. Work Study क्यों किया जाता है?
किसी पद की वास्तविक कार्य प्रकृति का अध्ययन कर उचित HOER वर्गीकरण निर्धारित करने के लिए।
14. क्या किसी पद का वर्गीकरण बदला जा सकता है?
हाँ। यदि कार्य की प्रकृति में परिवर्तन हो तथा नियमानुसार समीक्षा की जाए, तो सक्षम प्राधिकारी वर्गीकरण में परिवर्तन कर सकता है।
15. क्या HOER केवल कर्मचारियों के हित के लिए बनाया गया है?
नहीं। इसका उद्देश्य कर्मचारियों के हितों की रक्षा के साथ-साथ सुरक्षित एवं कुशल रेल संचालन सुनिश्चित करना भी है।
रेलवे का परिचालन चौबीसों घंटे चलता है और इसकी सफलता का आधार प्रशिक्षित मानव संसाधन तथा सुरक्षित कार्य प्रणाली है। HOER इसी व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण वैधानिक आधार है, जो कार्य के घंटे, विश्राम अवधि, ड्यूटी वर्गीकरण तथा रोस्टर प्रणाली को संतुलित एवं व्यवस्थित रूप प्रदान करता है। इन नियमों का सही अनुपालन न केवल कर्मचारियों के स्वास्थ्य और कार्यकुशलता के लिए आवश्यक है, बल्कि सुरक्षित रेल संचालन, दुर्घटनाओं की रोकथाम तथा प्रशासनिक दक्षता के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रत्येक रेल कर्मचारी, पर्यवेक्षक एवं विभागीय परीक्षा के अभ्यर्थी के लिए HOER की मूल अवधारणाओं की स्पष्ट समझ आवश्यक है।
संदर्भ (References)
इस लेख की तैयारी में निम्न प्रमुख स्रोतों में निहित वैधानिक प्रावधानों एवं आधिकारिक निर्देशों का अध्ययन किया गया है—
- Railways Act, 1989 (Chapter XIV – Hours of Work and Period of Rest)।
- Railway Servants (Hours of Work and Period of Rest) Rules, 2005।
- Indian Railway Establishment Manual (IREM) (जहाँ विषयानुसार लागू)।
- Railway Board के प्रासंगिक RBE एवं प्रशासनिक निर्देश।
- अन्य उपलब्ध वैधानिक एवं आधिकारिक रेलवे संदर्भ सामग्री।
