Labels

Establishment Rule Leave Rules PAY Rail Management Guide Discipline & Appeal Rules Employee ALLOWANCES Transfer Rules Rules Running Allowance Travel Allowance Service Rules Question Bank Study Leave Rules Reservation Policy Reservation in Service RETIREMENT BENEFITS Pass Rule QUESTION & ANSWER Railways Reservation Roster MACP Railway quarter Seniority Video - ESTABLISHMENT Vigilance Employee's Facilities & Benefit Encashment of Leave FAQ INCREMENT The Minimum Wages Act promotion Appointment Rule Conduct Rule Dearness Allowance Employee's Health Facilities House Rent Allowance JOINING TIME (कार्य ग्रहण अवधि) NPS Paternity Leave Paternity Leave Rule for Child Adoption Short Notes 016. STAFF BENEFIT FUND & OTHER WELFARE ACTIVITIES 024. J C M (JOINT CONSULTATIVE MACHINERY) 10 घंटे की ड्यूटि के नियम ( रनिंग कर्मचारी के लिए ) ANNUAL CONFIDENTIAL REPORTS Advances Agreed List & Secret List Appointment on Compassionate Ground Attendants Rule Breakdown Allowance CADRE CREATION OF POSTS Clarification Conveyance Allowance Customer Relationship Management Departmental Examination Deputation Disputes Related to Reservation Roster EMPLOYEE’S COMPENSATION ACT Extra Ordinary Leave FACTORY ACT 1948 Facilities To Sc/St Rly & Employees Association Gati Shakti HRMS Holiday Home INDUSTRIAL DISPUTE ACT Income Tax & Its Head Injured onDuty (IOD) Judicial Pronouncements LTC Management Maternity Leave Mutual Transfer NIP NPS (New Pension Scheme) Next Below Rule Notional Increment P N M P R E M PAYMENT OF WAGES ACT 1936 PME Pay Fixation Periodical Transfer Permanent Negotiation Machinery Public Relations Q Bank विवरणात्मक प्रश्न RELHS RESS RTI Act Railway Board & Attached / Subordinate Offices Recruitment Restricted Holidays School Pass Special Casual leave Stepping up Tenure posts Trade Union Act Transport Allowance Umid Voluntary Retirement industrial Disputes Act 1947 प्रशिक्षण व अन्य सेवा शर्तें राजभाषा

विविध अग्रिम एवं गृह निर्माण अग्रिम

विविध अग्रिम

भारत सरकार की समेकित निधि में से सरकारी कर्मचारियों को विभिन्न प्रयोजनों के लिए निम्नलिखित अग्रिम प्रदान किये जाते हैं। इनमें से कतिपय ब्याज रहित भी प्रदान किये जाते हैं।

साइकिल अग्रिम   -5000 रुपये तक वेतन पाने वाले ग्रुप ‘सी’ एवं ‘डी’ कर्मचारियों को मिलेगा। 1500 रुपये या वास्तविक कीमत जो भी कम हो प्रदान किया  जाता है। वसूली 30 किश्तों मे होती है। दूसरी बार अग्रिम 3 वर्ष बाद मिलता है।

मोटर साइकिल/ मोपेड - 4,600 रुपये या अधिक वेतन पाने वाले कर्मचारी को 30000 रुपये या 6 माह का वेतन या  संभावित मूल्य जो भी कम हो, प्रदान किया  जाता है। दसरी बार अग्रिम - 24000 रुपये या 5 माह का वेतन जो भी कम हो - वसूली 70   किश्तों में होती है।


मोटर कार अग्रिम - 10500 रुपये या अधिक वेतन पानेवाले को 1. 80 लाख या 11 माह का वेतन या संभावित मूल्य जो भी कम हो, प्रदान किया जाता है दूसरी बार 1.60 लाख या 11 माह का वेतन। वसूली 200 किश्तों मे होती है। एक माह म  खरीदना आवश्यक।  बन्धक रखना आवश्यक। दूसरी बार 4 वर्ष बाद मिलता है।

टेबल पंखा अग्रिम ‘डी’-  वर्ग कर्मचारी जिनके रेलवे आवास मे  पंखानहीं हो, 1000 रुपये या संभावित मूल्य जो भीकम हो प्रदान किया जाता है। वसूली 10 किश्तों में की जाती है। दूसरी बार यह अग्रिम  10 वर्ष बाद मिलता हैं।
पर्सनल कम्प्यूटर अग्रिम - मोटर कार की तरह ही यह अग्रिम 60000 रुपये मिलता है। दसरी बार यह 55000 रुपये मिलताहै। इसकी वसूली 150 किश्तों में की जाती है। दूसरी बार यह अग्रिम 3 वर्ष के बाद मिलता है। बंधक रखना आवश्यक है।

 त्यौहार अग्रिम -  ग्रुप ‘सी’ एवं ‘डी’ के ग्रेड पे 4800 रूपये सेज्यादा नहीं तक वेतन पाने वाले कर्मचारी ही इस अग्रिम के लिए पात्र हैं। इसके अन्तर्गत 3000 रुपये अग्रिम मिलता है जिसकी वसूली 10 किश्तों में की जाती है। यह वर्ष में एक बार ही मिलता है जो ब्याज रहित है।

अवकाश अग्रिम - यह अग्रिम 30 दिन या अधिक छुट्टी पर जाने  वाले कर्मचारियों को मिलता है। इसके लिए    सभी कर्मचारी पात्र हैं। इसके अन्तर्गत कर्मचारी को 30 दिन का वेतन अग्रिम के रूप में दिया जाता है। इसकी वसूली आहरित किए जाने  वाले वेतन में से घटाकर की जाती है।

मुकदमे का खर्च -  सहकारी ड्यूटी के कारण प्राइवेट पार्टी द्वारा  मुकदमा करने पर बचाव करनेके लिए 3 माह का वेतन या 500 रुपये जो भी अधिक हो, मिलता है। इसकी वसूली मुकदमे के बाद प्राप्त होने वाले धन मे से घटाकर या 24 किश्तों मे की जाती है। यह ब्याज मुक्त अग्रिम है।

स्थानान्तरण पर अग्रिम -  लोक हित में स्थानान्तरण होने पर एक माह का वेतन अग्रिम के रूप में अनुमेय होता है। इसकी वसूली 3 किश्तों में होती है। इसे पुराने या नये स्टेशन कहीं से भी आहरित किया जा सकता है।

यात्रा अग्रिम -  इसके अन्तर्गत 75 प्रतिशत यात्रा भत्ता अग्रिम दिया जा सकता है। इसकी कटौती वास्तविक यात्रा भत्ता बिल मे से की जाती है।

विदेश मे प्रतिनियुक्ति पर अग्रिम -  इसके अन्तर्गत 2 माह का वेतन अग्रिम के रूप में मिलता है जिसकी वसूली 6 किश्तों में की जाती है।

अन्य विविध अग्रिम  - गर्म कपड़े खरीदने, बाढ़ या सूखा पड़ने पर, प्राकृतिक आपदा जैसे भूकम्प आने पर बच्चों की पोशाकें खरीदने पर,  केसर या टी.बी. का इलाज कराने इत्यादिके लिए नियमों एवं शर्तों के अनुसार अग्रिम प्रदान किया जाता है।

गृह निर्माण अग्रिम

सामान्यतः केन्द्र सरकार के कर्मचारियों को गृह निर्माण अग्रिम प्रदान करना शहरी विकास मंत्रालय द्वारा निर्धारित नियमों और विनियमों द्वारा विनिमित होता है तथा इसके तहत बजट का आवंटन सिविल ग्रांट में होता है।

प्रयोजन अथवा उद्देश्य 

प्रयोजन के लिए अग्रिम स्वीकृत किया जा सकता है -
  • कर्मचारी द्वारा अपने या संयुक्त रूप से अपनी पत्नी के स्वामित्व वाले प्लाॅट पर एक नए मकान का निर्माण अथवा
  • एक प्लाॅट खरीदना और उस पर मकान बनाना अथवा
  • सरकारी योजनाओं के अंतर्गत एक प्लाॅट खरीदना और उस पर मकान/फ्लैट का निर्माण करना या
  • सहकारी ग्रुप आवास समितियों की सदस्यता के माध्यम से आवास खरीदना अथवा
  • हाउसिंग बोर्डों, विकास प्राधिकरणों तथा अन्य वैधानिक और अर्द्ध सरकारी निकायों  तथा निजी पार्टियों यथा पंजीकृत विनिर्माताओं, आर्कि टेक्टरों, भवन निर्माण समितियों इत्यादि से, परन्त निजी व्यक्तियों से नहीं, बने बनाए नए आवासों की सीधी खरी करना अथवा
  • स्ववित्त पोषित योजनाओं के अन्तर्गत मकान की खरी/निर्माण अथवा
  • कर्मचारी स्वयं अथवा पत्नी केसाथ संयुक्त स्वामित्व वाले मौजदा मकान में रहने के स्थान का विस्तार करना अथवा
  • कतीपय शर्तों के अध्यधीन मकान बनाने के लिए सरकार अथवा हुडको अथवा गैर सरकार स्त्रोतों से लिये गये ऋण या अग्रिम की अदायगी, चाहे मकान का निर्माण शुरू कर दिया गया हो अथवा
  • इरवो की स्ववित्त पोषण योजना के तहत भवन की खरीद अथवा
  • निजी पार्टियों से घर/फ्लैट की शर्त होगी कि -
  • फ्लैट या मकान नया हो और उसमें कोई रहा न हो और
  • फ्लैट या मकान का मूल्यांकन पंजीकृत मूल्यांकन कर्ताओं द्वारा किया जाएगा (आई.आर.ई.एम. पैरा 1132)
  • निम्न के लिए हाउस बिल्डिंग एडवान्स अनुमेय नहीं है -
  1.  केवल भूमि की खरीद के लिए
  2. किराया क्रय प्द्धति के आधार पर मकान खरीदने हेत
  3. सहकारी समितियों/स्ववित्त योजनाओं को पेशगी की रकम या आरंभिक रजिस्ट्रेशन की राशि का भुगतान करने के लिए 
पात्रता -

सभी स्थायी रेल कर्मचारी
  • 10 वर्षों की अनवरत सेवा वाले अस्थायी रेल कर्मचारी बशर्ते स्वीकृति देने वाला प्राधिकारी इस बात से संतुष्ट हो कि कर्मचारी मकान निर्मित होने तक और प्रतिभूति के रूप में बंधक रखने तक वह सेवा में बने रहेगा।
  • 6 वर्षों से लगाताररेल सेवा में प्रतिनियुक्ति पर रहने वाले कर्मचारी जो अन्यथा शहरी विकास मंत्रालय द्वारा जारी हाउस बिल्डिंग एडवान्स नियमों के तहत पात्र हों।
  • जब पति पत्नी दोनों केन्द्र सरकार के कर्मचारी हों और दोनों पात्रता रखते हों तो दोनों में से एक को ही अग्रिम स्वीकार्य होगा। सीमा की गणना के लिए दोनों का वेतन सम्मिलित किया जाएगा। दोनों संयुक्त स्वामित्व के भूखण्डधारी हों तो दोनों  के बंधक रखनरे की सहमति होने पर अग्रिम दिया जाएगा।
  • भूतपूर्व सैनिकों को दोबारा रेल सेवा में रखने  के मामले में अग्रिम हेत पात्रता की गणना करने के प्रयोजन से उनकी पिछली सैनिक सेवा भी हिसाब में ली जाएगी
  • शर्ते उसने पूर्व सेवा में हाउस बिल्डिंग एडवान्स नहीं लिया हो तथा उसकी पुर्ननियुक्ति सेवा अवधि के दौरान ही हाउस बिल्डिंग एडवान्स ब्याज सहित वसूल हो जाएगा।
  • निलम्बन में रहने वाले कर्मचारियों को भी हाउस बिल्डिंग एडवान्स स्वीकृत किया जा सकता है बशर्ते है कि दो स्थायी रेल कर्मचारियों के बंधक पत्र के रूप में ऋणाधार प्रतिभूति देने पर ही ताकि कतिपय स्थिति में अपेक्षित धन की वसूली जमानतियों से की जा स के।

अग्रिम  के लिए शर्तें
  • कार्यस्थल पर अथवा उस स्थान पर जहां आवेदक सेवा निवृति के पश्चात अन्तिम रूप से बसना चाहता हो, हाउस बिल्डिंग एडवान्स स्वीकृत होगा।
  • सम्पूर्ण सेवा अवधि के दौरान केवल एक बार ही अग्रिम स्वीकार्य है।
  • भवन की लागत अधिकतम लागत सीमा से अधिक नहीं होनी चाहिए। इनमें सक्षम प्राधिकारी 25 प्रतिशत तक छूट दे सकता है।
  • एस.आर.पी.एफ. से निकाली गई राशि तथा हाउस बिल्डिंग एडवान्स की राशि दोनों मिलाकर अधिकतम लागत की सीमा के भीतर होनी चाहिए।
  • जहां मकान निर्माण प्रस्तावित हो उस शहर पर कर्मचारी का स्वयं अथवा परिवार का कोई मकान नहीं हो लेकिन एच.यू.एफ. के मामले में छू है परन्त वह राशि सामान्य पात्रता के 60 प्रतिशत तक सीमित होगी।
  • आवेदक के पास भूमि का स्पष्ट स्वामित्व होना चाहिए तथा भूमि ऋण, भार और कर्क से मुक्त हो।
  • व्यक्तिगत पार्टी से मकान खरीद के मामले में मकान नया होना चाहिए। उसमें पहले कोई अन्य व्यक्ति न रहा हो तथा आवेदक स्वयं के खर्चे पर पंजीकृत मूल्यांकक द्वारा इसका मूल्यांकन करवाएगा।

नोट - प्राइवेट व्यक्ति से मकान/फ्लैट खरीद के लिए हाउस बिल्डिंग एडवान्स नहीं दिया जाएगा भले ही वह शहर में हो या गाँव के क्षेत्र में।

हाउस बिल्डिंग एडवान्स स्वीकृत करने में सक्षम प्राधिकारी -

  • अराजपत्रित कर्मचारी - विभागाध्यक्ष/मंडलरेल प्रबंधक
  • राजपत्रित कर्मचारी - अपर महाप्रबंधक (एच.ओ.डी. को छोड़कर)
  • विभागाध्यक्ष, अपर महाप्रबंधक - महाप्रबंधक वरि. उपमहाप्रबंधक
  • महाप्रबंधक व इसके समकक्ष - रेलवे बोर्ड की स्वीकृति तथा सचिव रेलवे बोर्ड के हस्ताक्षर से स्वीकृति पत्र  जारी किया जाएगा।

अग्रिम की राशि:

अग्रिम की अधिकतम राशि निम्नलिखित होगी -
  • मेल वेतन का 35 गुना परन्त अधिकतम 7.5 लाख अथवा वास्तविक मूल्य अथवा भुगतान करने की क्षमता के अनसार राशि जो भी कम हो।
  • मौजूदा मकान के विस्तार में मूल वेतन का 35 गुना अथवा 1.8 लाख अथवा वास्तविक लागज जो भी कम हो।
  • ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भवन निर्माण या मकान विस्तार हेत राशि लागत के 80  प्रतिशत तक सीमित होगी लेकिन विभागाध्यक्ष यह प्रमाणित करे कि कथित गाँव क्षेत्र किसी शहर/कस्बे की परिधि में आता है तो 100 प्रतिशत हाउस बिल्डिंग एडवान्स की मंजूरी दी जा सकती है।

लागत सीमा -

  • हाउस बिल्डिंग एडवान्स के उद्देश्य से लागत सीमा संबंधित कर्मचारी के मूल वेतन का 135 गुना होगी बशर्ते है कि वह 18 लाख रुपये से अधिक नहीं हो। यह 135 गुना 7.5 लाख से कम आता हो तो सीमा 7.5 लाख रुपये लागत सीमा अनमेय होगी।
  • कतिपय मामलों में महाप्रबंधक/विभागाध्यक्ष लागत सीमा में 25 प्रतिशत की छूट दे सकते हैं।
  • लागत की अधिकतम सीमा का परिकलन करने के प्रयोजन के लिए पति व पत्नी दोनों के नियोजन में होने पर दोनों के वेतन को ध्यान में रखा जाएगा।

भुगतान की क्षमता - अग्रिम की पात्रता की गणना करने के प्रयोजन के लिए अग्रिम अदा करने की क्षमता निम्नानसार परिकलित की जाएगी -
  • 20 वर्ष बाद सेवानिवृत होने वाले कर्मचारी - मूल वेतन + स्थैतिक वेतन + एन.पी.ए.(चिकित्सको के मामले में) का 40 प्रतिशत
  • 10 वर्ष के बाद किन्त 20 वर्ष से पूर्व सेवा निवृत होने वाले कर्मचारी- डी.सी.आर.जी. 65 प्रतिशत समंजनउपरोक्त के अनुसार ही 40 प्रतिशत
  • 10 वर्ष के अन्दर सेवा निवृतहोने वाले कर्मचारी-डी.सी.आर.जी. का 75 प्रतिशत समंजन
  • उपरोक्त पहली शर्त के अनसार 50प्रतिशत
नोट - यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि ब्याज सहित अग्रिम की सम्पूर्ण राशि की वसूली कर्मचारी की सेवा निवृति से पूर्व ही हो जाए।

ब्याज -
  • पहली किश्त की अदायगी की तारीख से अग्रिम पर साधारण ब्याज लगेगा।
  • प्रत्येक माह की अंतिम तारीख को बकाया राशि पर ब्याज गणित किया जाएगा।
  • अधिवर्थिता या मृत्यु की तारीख के बाद कोई ब्याज वसूल नहीं किया जाएगा।
  • छोटे परिवार के आदर्श को प्रोत्साहन दने के लिए आधा प्रतिशत रियायत प्रदान की जाएगी।
  • ब्याज की वसूली 60 से अधिक मासिक किश्तों में अनमेय नहीं होगी।
  • मूलधन की पूरी वसूली होने के बाद ब्याज की गणना की जाएगी।
  • ब्याज समय समय पर निर्धारित दरों के अनसार लिया जाता है जिसकी घोषणा बजट में की जाती है।

हाउस बिल्डिंग एडवान्स की अदायगी -
  • आवेदक द्वारा निर्धारित फाॅर्म में करारनामा प्रस्तुत करने पर निर्मित मकान खरीद के लिए हाउस बिल्डिंग एडवान्स एक मुश्त रूप में प्रदान किया जाएगा लेकिन तीन माह के भीतर मकान खरीद कर बंधक किया जाना सुनिश्चित कर।
  • मकान निर्माण/विस्तार में 50 प्रतिशत की दो किश्तों में दय हागा। पहली किश्त मकान को रहन/बंधक रखे जाने पर तथा दसरी निर्माण कर्सी स्तर तक पहुँचने के पश्चात होगा। विस्तार के मामलों में दसरी किश्त निर्माण कार्य छत स्तर पर पहुँचने पर होगा।
प्लाॅट की खरीद व मकान निर्माण के मामलो में -
  • एक मंजिला मकान - करारनामा प्रस्तत किये जाने तथा जमानत बंध पत्र प्रस्तुत करने के बाद प्लाॅट क्रय हेत हाउस बिल्डिंग एडवान्स का 40 प्रतिशत अथवा वास्तविक लागत शेष राशि 2 समान किश्तों में अदायगी। इनमें से पहली रहन/बंधक रखने के बाद तथा दसरी निर्माण कुर्सी स्तर तक पहुँने पर।
  • दो मंजिला मकान - करारनामा प्रस्तत करने पर 30 प्रतिशत प्लाॅट की लागत के लिए शेष दो किश्तों में उक्तानुसार ही अर्थात
  • प्लाॅट की खरीद तथा एक/दो मंजिल भवन निर्माण कल किश्तें 3 यथा  40: 30: 30/30: 35: 35
  • भवन निर्माण/विस्तार हेत कल दो किश्तें। पहली रहन विलेख पर हस्ताक्षर करने पर तथा दूसरी निर्माण कार्य कुर्सी स्तर पर पहुँचने पर या विस्तार में निर्माण कार्य छत स्तर तक पहुँचने पर।
  • तयार मकान की खरीद में एक किश्त। निर्धारित फाॅर्म में करारनामें पर हस्ताक्षर करने तथा निर्धारित फाॅर्म में जमानत प्रस्तत करने पर।
  • नये फ्लैट की खरीद/निर्माण - विभागाध्यक्ष के विवेकानुसार एक या इससे अधिक सुविधाजनक किश्तों में जारी करें।
  प्रभार का सृजन -

मकान/फ्लैट की बकाया लागत पूरी करने के लिए सरकारी कर्मचारी सम्पति पर दूसरे प्रभार का सृजन करे बशर्ते निम्न शर्तें पूरी हो -
विभागाध्यक्ष की अनमति प्राप्त की जाए।
केवल बकाया लागत पूरी करने के लिए कर्ज  के संबंध में ही किया जाए।
कर्ज मान्यता प्राप्त वित्तीय संस्थाओं द्वारा दिया जाए जसे - बैंकिग संगठन, वित्त निगम, हाउसिंग सहकारी बैंक, एच.डी.एफ.सी. आदि।
दोनों कर्ज  अर्थात हाउस बिल्डिंग एडवान्स व दसरी प्रभार का कर्ज मिलाकर लागत की उच्च्तर सीमा से अधिक नहीं हो।

अग्रिम की वापसी -
अग्रिम तथा इसका ब्याज 20 वर्ष की अवधि केभीतर मासिक किश्तों में परा वापस करना होता है। इसकी अधिकतम 240 किश्तें नियत है जिसमें 180 किश्तें मूलधन की तथा 60 किश्तें ब्याज की होती है।

अन्य प्रावधान -
  • सभी मामलों में रहन विलेख के साथ विक्रय विलेख व अन्य मूल दस्तावेज भी प्राप्त किए जाएं व विभागाध्यक्ष के पास रखे जाएं।
  • अग्रिम व ब्याज की पूरी अदायगी केबाद रहन रखी गई सम्पति तत्काल वापस कर दी जाए और रहन विलेख को विधिवत रूप से रद्द कर दिया जावे तथा समस्त मूल दस्तावेज कर्मचारी को लौटा दिए जाएं।
  • पुनः लौटाने के विलेख (रिकन्वेयन्स डीड) को पंजीकृत कराया जाना अनिवार्य है। इसके निष्पादन व पंजीकरण का खर्चा कर्मचारी वहन करगा।
  • केवल वसीयत से कोई हक नहीं मिलता। हाउस बिल्डिंग एडवान्स तभी दिया जाए जब कर्मचारी का उस सम्पति पर स्पष्ट व पूर्ण और विक्रय सम्बन्धी हक हो।
  • पत्नी के नाम पर भूखण्ड होने पर कर्मचारी को हाउस बिल्डिंग एडवान्स व्यक्तिगत रूप से प्रदान नहीं किया जाता है चाहे वह पत्नी की ओर से अनापत्ति का घोषणा पत्र प्रस्तत कर तो भी हाउस बिल्डिंग एडवान्स अनुमेय नहीं होगा।
  • मकान निर्माण/खरीद के बाद कर्मचारी उसका बीमा कराएगा जिसकी राशि अग्रिम की राशि में से कम नहीं होगी और बीमा की अवधि अग्रिम की पूर्ण अदायगी तक जारी रहेगी और पाॅलिसी विभागाध्यक्ष के पास जमा करनी होगी।

No comments:

.

Disclaimer: The Information/News/Video provided in this Platform has been collected from different sources. We Believe that “Knowledge Is Power” and our aim is to create general awareness among people and make them powerful through easily accessible Information. NOTE: We do not take any responsibility of authenticity of Information/News/Videos.

Translate