रेलवे में शिकायत निवारण व्यवस्था (Grievance Handling Machinery)
प्रश्न: भारतीय रेल में सामाजिक कल्याण निरीक्षकों (Social Welfare Inspectors—S&WIs) की भूमिका एवं कर्तव्यों के अंतर्गत शिकायत निवारण व्यवस्था (Grievance Handling Machinery) का वर्णन कीजिए।
भारतीय रेल में Staff & Welfare Inspector (S&WI) अथवा Welfare Inspector, कर्मचारी और प्रशासन के बीच संपर्क कड़ी के रूप में कार्य करता है। उसकी भूमिका विशेष रूप से कर्मचारियों की शिकायतों को समझने, प्रारंभिक परीक्षण करने, संबंधित विभाग से समन्वय स्थापित करने और शिकायत के निस्तारण में सहायता करने की है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य केवल शिकायत दर्ज करना नहीं, बल्कि कर्मचारियों को उचित प्रशासनिक प्रक्रिया के माध्यम से निष्पक्ष एवं प्रभावी समाधान उपलब्ध कराना भी है।
2. Objectives of Grievance Handling Machinery (उद्देश्य)
शिकायत निवारण व्यवस्था के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं—
कर्मचारियों की सेवा-संबंधी शिकायतों का उचित एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करना।
कर्मचारियों और रेलवे प्रशासन के बीच प्रभावी संवाद स्थापित करना।
कर्मचारियों को उनके अधिकारों, पात्रता और लागू सेवा नियमों की जानकारी देना।
शिकायतों के कारण उत्पन्न असंतोष को कम करना तथा औद्योगिक संबंधों (Industrial Relations) को बेहतर बनाना।
शिकायतों के निस्तारण की स्थिति की निगरानी करना और लंबित मामलों पर आवश्यक कार्रवाई कराना।
बार-बार उत्पन्न होने वाली शिकायतों के मूल कारणों की पहचान करके सुधारात्मक कदम उठाने में प्रशासन की सहायता करना।
3. Role and Duties of Staff & Welfare Inspector (S&WI)
S&WI की शिकायत निवारण संबंधी भूमिका को निम्नलिखित बिंदुओं में समझा जा सकता है।
3.1 Receiving and Listening to Grievances (शिकायत प्राप्त करना एवं सुनना)
S&WI कर्मचारियों की समस्याओं को व्यक्तिगत संपर्क, कार्यस्थल के दौरे, लिखित अभ्यावेदन तथा निर्धारित ऑनलाइन माध्यमों से समझता है। शिकायत सुनते समय उसे कर्मचारी के साथ निष्पक्ष और सम्मानजनक व्यवहार करना चाहिए।
शिकायतों में वेतन, भत्ते, वरिष्ठता, पदोन्नति, अवकाश, पेंशन, सेवानिवृत्ति देयक, कार्यस्थल की परिस्थितियाँ तथा अन्य सेवा-संबंधी विषय शामिल हो सकते हैं। इन मामलों में S&WI का कार्य शिकायत को समझना और उसे सही प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ाने में सहायता करना है।
3.2 Preliminary Examination of Grievances (शिकायतों का प्रारंभिक परीक्षण)
शिकायत प्राप्त होने के बाद S&WI को उसके विषय, संबंधित कार्यालय और उपलब्ध तथ्यों का प्रारंभिक परीक्षण करना चाहिए। आवश्यक होने पर संबंधित दस्तावेज या अतिरिक्त जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
यदि शिकायत में जानकारी अधूरी है, तो निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कर्मचारी से आवश्यक विवरण माँगा जा सकता है। शिकायत का परीक्षण करते समय किसी निष्कर्ष पर पहुँचने से पहले संबंधित नियमों और तथ्यों पर ध्यान देना चाहिए।
3.3 Forwarding the Grievance to the Competent Department (संबंधित विभाग को भेजना)
हर शिकायत का निस्तारण Welfare Inspector स्वयं नहीं करता। संबंधित विषय के अनुसार शिकायत को उचित विभाग अथवा नामित अधिकारी के पास भेजा जाता है।
उदाहरण के लिए—
वेतन एवं भत्ते संबंधी मामला — संबंधित कार्मिक या लेखा शाखा, विषय और अधिकार-विभाजन के अनुसार।
वरिष्ठता या पदोन्नति संबंधी मामला — संबंधित कार्मिक शाखा एवं सक्षम प्राधिकारी।
पेंशन अथवा सेवानिवृत्ति देयक — संबंधित कार्मिक एवं लेखा अधिकारी।
चिकित्सा या कार्यस्थल की सुविधा संबंधी मामला — संबंधित चिकित्सा या प्रशासनिक विभाग।
यह वर्गीकरण केवल सामान्य उदाहरण है। वास्तविक निस्तारण अधिकारी संबंधित रेलवे की कार्य-प्रणाली और लागू नियमों के अनुसार निर्धारित होगा।
3.4 Follow-up and Monitoring (अनुवर्ती कार्रवाई एवं निगरानी)
शिकायत को संबंधित अधिकारी के पास भेजने के बाद उसकी प्रगति पर निगरानी रखना भी प्रभावी शिकायत निवारण का महत्वपूर्ण भाग है।
S&WI को आवश्यकतानुसार लंबित शिकायतों की स्थिति ज्ञात करनी चाहिए, संबंधित अधिकारियों से समन्वय करना चाहिए और निर्धारित व्यवस्था के अंतर्गत मामले के निस्तारण में सहायता करनी चाहिए।
3.5 Guidance to Railway Employees (कर्मचारियों को मार्गदर्शन)
S&WI कर्मचारियों को उचित शिकायत मंच, आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज तथा संबंधित सेवा नियमों के बारे में मार्गदर्शन प्रदान कर सकता है। उसे कर्मचारी को नियमों के अनुसार उपलब्ध उपायों की जानकारी देनी चाहिए और किसी शिकायत को केवल मौखिक आश्वासन देकर समाप्त नहीं मानना चाहिए।
3.6 Maintenance of Records (अभिलेखों का रखरखाव)
शिकायतों का व्यवस्थित रिकॉर्ड रखने से लंबित मामलों की समीक्षा और जवाबदेही में सहायता मिलती है। जहाँ संबंधित प्रणाली में यह कार्य निर्धारित हो, वहाँ शिकायत की प्राप्ति, अग्रेषण, कार्रवाई और अंतिम स्थिति का रिकॉर्ड बनाए रखना चाहिए।
3.7 Analysis of Recurring Grievances (बार-बार आने वाली शिकायतों का विश्लेषण)
यदि किसी कार्यालय या इकाई से एक ही प्रकार की शिकायतें बार-बार प्राप्त होती हैं, तो उनके संभावित कारणों का विश्लेषण प्रशासन के लिए उपयोगी हो सकता है। उदाहरण के लिए, किसी प्रकार के भुगतान में बार-बार देरी होने पर संबंधित प्रक्रिया की समीक्षा की आवश्यकता हो सकती है।
इस प्रकार S&WI केवल व्यक्तिगत शिकायतों के निस्तारण में ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक सुधार के लिए समस्याओं की पहचान करने में भी सहयोग कर सकता है।
4. HRMS Grievance Module — Railway Board Instructions
यह विषय परीक्षा की दृष्टि से विशेष महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें Welfare Inspector की भूमिका का दस्तावेज-आधारित विवरण मिलता है।
प्रमुख संदर्भ: Railway Board Letter No. PC-VII/2022/HRMS/3, dated 17.03.2022, Subject: Launch of ‘Grievance’ Module of HRMS in Indian Railways.
4.1 Background (पृष्ठभूमि)
रेलवे बोर्ड ने अपने आदेश में बताया कि HRMS Grievance Module जून 2021 से रेलवे में उपयोग में था। 17 मार्च 2022 के पत्र द्वारा इसे सभी फील्ड इकाइयों में 1 अप्रैल 2022 से उपयोग में लाने का निर्णय किया गया। आदेश में Grievance Module की भूमिकाओं के निर्धारण तथा Welfare Inspectors की मैपिंग पूरी करने के निर्देश भी दिए गए।
4.2 Process Flow (शिकायत निवारण की प्रक्रिया)
1. Unit Admin
Grievance In-charge Officer (GIO) का गठन/निर्धारण
2. Grievance In-charge Officer (GIO)
Welfare Cell Members (GWM) का गठन
3. Welfare Cell Members (GWM)
विभिन्न विभागों के Dealing Clerks और Welfare Inspectors की क्षेत्रीय मैपिंग की व्यवस्था
4. Railway Employee
HRMS के Register Grievance विकल्प से शिकायत दर्ज करता है
5. Welfare Inspector
निर्धारित क्षेत्र के आधार पर प्राप्त शिकायत की जाँच करता है और संबंधित शिकायत निस्तारण कर्मचारी को अग्रेषित करता है
6. Grievance Dealing Clerk / संबंधित विभाग
शिकायत पर कार्रवाई एवं निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार निस्तारण
4.3 Important Functions of Welfare Inspector in HRMS
उपरोक्त आदेश और उसके संलग्न प्रक्रिया-विवरण के अनुसार मुख्य बिंदु हैं—
प्रत्येक Welfare Inspector के लिए निर्धारित स्टेशन, कार्यालय अथवा बिल यूनिट का क्षेत्र (Beat Combination) मैप किया जाता है।
कर्मचारी HRMS के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज कर सकता है तथा पहले दर्ज शिकायतों का इतिहास देख सकता है।
क्षेत्रीय मैपिंग के आधार पर शिकायत संबंधित Welfare Inspector तक पहुँचती है।
Welfare Inspector शिकायत का परीक्षण करके उसे संबंधित Grievance Dealing Clerk के पास निस्तारण के लिए भेजता है।
निर्धारित प्रक्रिया में शिकायत को कर्मचारी के पास वापस भेजने का प्रावधान भी दिया गया है।
संबंधित विभाग का Dealing Clerk शिकायत पर कार्रवाई करता है और प्रणाली में आवश्यक विवरण दर्ज करता है।
ये बिंदु रेलवे बोर्ड के आदेश में दिए गए HRMS Grievance Module के प्रक्रिया-विवरण पर आधारित हैं।
5. NIVARAN — Online Grievance Redressal System
NIVARAN भारतीय रेल के वर्तमान एवं पूर्व कर्मचारियों की सेवा-संबंधी शिकायतों के निवारण के लिए शुरू किया गया ऑनलाइन पोर्टल है। इसे 30 जून 2016 को तत्कालीन रेल मंत्री द्वारा प्रारंभ किया गया था।
प्रमुख विशेषताएँ
कर्मचारी अपनी सेवा-संबंधी शिकायत ऑनलाइन दर्ज कर सकता है।
शिकायत की प्रगति (Status) देख सकता है।
यदि संबंधित निर्णय से संतुष्टि नहीं होती, तो निर्धारित व्यवस्था के अंतर्गत उच्च प्राधिकारी के समक्ष अपील की सुविधा उपलब्ध है।
उच्च नियंत्रक अधिकारी भी फील्ड कार्यालयों में शिकायत निवारण की प्रगति की निगरानी कर सकते हैं।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य: NIVARAN रेलवे कर्मचारियों की सेवा-संबंधी शिकायतों का ऑनलाइन माध्यम है। इसे यात्रियों की शिकायतों के पोर्टल RailMadad के साथ भ्रमित नहीं करना चाहिए।
6. Other Grievance Redressal Mechanisms (अन्य शिकायत निवारण माध्यम)
6.1 Local Grievance Redressal
कर्मचारी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अपने पर्यवेक्षक, कार्यालय प्रभारी, कार्मिक अधिकारी अथवा सक्षम प्राधिकारी के समक्ष शिकायत प्रस्तुत कर सकते हैं। S&WI कर्मचारी को उचित माध्यम की जानकारी देने और शिकायत के निस्तारण में समन्वय करने में सहायता करता है।
6.2 Permanent Negotiating Machinery (PNM)
Permanent Negotiating Machinery (PNM) भारतीय रेल में प्रशासन और मान्यता प्राप्त कर्मचारी संगठनों के बीच कर्मचारियों से संबंधित विवादों एवं मतभेदों पर विचार-विमर्श का एक महत्वपूर्ण मंच है।
रेलवे की आधिकारिक परीक्षा सामग्री में भी PNM को श्रमिकों और प्रशासन के बीच विवादों तथा मतभेदों के समाधान के लिए स्थापित व्यवस्था के रूप में पूछा गया है।
S&WI, अपने निर्धारित कर्तव्यों के अंतर्गत, कर्मचारियों की समस्याओं की जानकारी प्रशासन तक पहुँचाने और आवश्यक समन्वय करने में योगदान कर सकता है। PNM में किसी मामले को उठाने की प्रक्रिया संबंधित नियमों और मान्यता प्राप्त कर्मचारी संगठन की भूमिका के अनुसार होगी।
6.3 CPGRAMS
CPGRAMS (Centralised Public Grievance Redress and Monitoring System) केंद्र सरकार की सार्वजनिक शिकायत निवारण व्यवस्था है। रेलवे संबंधी शिकायतें भी उपयुक्त परिस्थितियों में इस माध्यम से दर्ज की जा सकती हैं। यह NIVARAN से अलग व्यवस्था है। रेलवे की प्रकाशित सामग्री में NIVARAN, CPGRAMS तथा स्थानीय शिकायतों की अलग-अलग श्रेणियों का उल्लेख मिलता है।
6.4 Public Grievance Machinery — अलग व्यवस्था
यात्रियों तथा आम जनता की शिकायतों के लिए रेलवे में अलग सार्वजनिक शिकायत निवारण व्यवस्था है। 18 अगस्त 2011 को संसद में दिए गए रेलवे संबंधी विवरण में स्टेशन स्तर पर Station Managers, मंडल स्तर पर Additional Divisional Railway Managers, जोनल स्तर पर Additional General Managers तथा रेलवे बोर्ड स्तर पर संबंधित Executive Director की भूमिकाएँ बताई गई थीं।
7. Time Limit for Grievance Redressal (शिकायत निस्तारण की समय-सीमा)
समय-सीमा से संबंधित प्रश्न विभागीय परीक्षा में महत्वपूर्ण हो सकता है।
Central Railway की 2023 Personnel Department Question Bank में NIVARAN में शिकायत निस्तारण की अधिकतम अवधि के प्रश्न का उत्तर 30 दिन दिया गया है।
हालाँकि, यह परीक्षा प्रश्न बैंक का उत्तर है; इसे बिना संबंधित लागू निर्देश की पुष्टि के हर प्रकार की शिकायत पर लागू सार्वभौमिक समय-सीमा नहीं मानना चाहिए। HRMS के 17 मार्च 2022 के आदेश में शिकायतों की स्थिति रिपोर्ट के लिए 15, 30, 45, 60 दिन तथा 60 दिन से अधिक लंबित मामलों की श्रेणियाँ दी गई हैं। ये निगरानी की श्रेणियाँ हैं, अपने-आप में प्रत्येक मामले की अनिवार्य निस्तारण समय-सीमा नहीं।
8. Important Distinction for Departmental Examination
व्यवस्था | मुख्य उद्देश्य |
|---|---|
HRMS Grievance Module | रेलवे कर्मचारियों की शिकायतों का डिजिटल प्रबंधन और निस्तारण |
NIVARAN | वर्तमान एवं पूर्व कर्मचारियों की सेवा-संबंधी शिकायतें |
PNM | प्रशासन और मान्यता प्राप्त कर्मचारी संगठनों के बीच वार्ता |
CPGRAMS | केंद्र सरकार की सार्वजनिक शिकायत निवारण व्यवस्था |
RailMadad | यात्रियों की शिकायतें एवं यात्रा-संबंधी सहायता |
9. Conclusion (निष्कर्ष)
भारतीय रेल में Grievance Handling Machinery कर्मचारियों की समस्याओं के निष्पक्ष, व्यवस्थित और प्रभावी निस्तारण का महत्वपूर्ण माध्यम है। Staff & Welfare Inspector इस व्यवस्था में शिकायतों के प्रारंभिक परीक्षण, संबंधित विभाग को अग्रेषण, कर्मचारियों को मार्गदर्शन तथा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अनुवर्ती कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
Railway Board के 17 मार्च 2022 के आदेश के अनुसार HRMS Grievance Module में Welfare Inspector की भूमिका स्पष्ट रूप से निर्धारित क्षेत्र की शिकायत की जाँच करके उसे संबंधित Grievance Dealing Clerk तक पहुँचाने से जुड़ी है। अतः विभागीय परीक्षा में इस प्रक्रिया, NIVARAN की विशेषताओं और कर्मचारी शिकायत तथा सार्वजनिक शिकायत व्यवस्था के अंतर का उल्लेख करना विशेष रूप से उपयोगी होगा।
10. Exam-Oriented Questions & Answers
Quick Revision
मुख्य संदर्भ दस्तावेज
Railway Board Letter No. PC-VII/2022/HRMS/3 dated 17.03.2022 — HRMS Grievance Module का आदेश एवं Annexure-A
Ministry of Railways / PIB — NIVARAN पोर्टल की आधिकारिक जानकारी
Railway Factory / RWF — Staff & Welfare Inspector की आधिकारिक परीक्षा Question Bank (PDF)
Central Railway — Personnel Department Question Bank
