रेलवे कर्मचारियों के लिए Injury on Duty (IOD) नियमावली – भाग 1
Injury on Duty (IOD) क्या है? नियम, परिभाषा एवं कानूनी आधार
भारतीय रेलवे विश्व के सबसे बड़े नियोक्ताओं में से एक है। लाखों रेलवे कर्मचारी प्रतिदिन ट्रैक, लोको, कोचिंग, सिग्नल, विद्युत, इंजीनियरिंग, परिचालन, चिकित्सा, सुरक्षा तथा प्रशासनिक कार्यों में लगे रहते हैं। इन कार्यों की प्रकृति को देखते हुए ड्यूटी के दौरान दुर्घटना (Accident) या शारीरिक चोट (Injury) की संभावना बनी रहती है।
ऐसी परिस्थितियों में रेलवे कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए विभिन्न नियम बनाए गए हैं। इन नियमों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ड्यूटी के दौरान घायल कर्मचारी को उचित चिकित्सा सुविधा, अवकाश तथा अन्य वैधानिक लाभ उपलब्ध कराए जा सकें।
Injury on Duty (IOD) क्या है?सामान्य शब्दों में Injury on Duty (IOD) से आशय उस स्थिति से है जब कोई रेलवे कर्मचारी अपने अधिकृत सरकारी कर्तव्यों (Official Duty) का निर्वहन करते समय दुर्घटना का शिकार हो जाए अथवा उसे शारीरिक चोट पहुँच जाए।
IOD का प्रत्येक मामला अलग-अलग तथ्यों के आधार पर निर्धारित किया जाता है। केवल चोट लग जाना पर्याप्त नहीं है। सक्षम प्राधिकारी यह भी परीक्षण करता है कि चोट का संबंध कर्मचारी की अधिकृत ड्यूटी से था या नहीं।
Injury on Duty का उद्देश्य
रेलवे में Injury on Duty संबंधी प्रावधानों का उद्देश्य निम्नलिखित है—
- ड्यूटी के दौरान घायल कर्मचारियों को उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना।
- कार्य-संबंधी चोट के कारण कर्मचारी को अनावश्यक आर्थिक हानि से बचाना।
- आवश्यक होने पर विशेष प्रकार की अवकाश सुविधा उपलब्ध कराना।
- गंभीर मामलों में चिकित्सा परीक्षण, मेडिकल बोर्ड तथा आगे की प्रशासनिक कार्यवाही सुनिश्चित करना।
Injury on Duty से संबंधित प्रमुख नियम
रेलवे कर्मचारियों के Injury on Duty मामलों का अध्ययन करते समय निम्न प्रमुख स्रोतों का संदर्भ आवश्यक है—
(1) Indian Railway Establishment Code (IREC), Volume-I
Rule 615 – Railway Employees Injured on Duty
यह नियम ड्यूटी के दौरान घायल रेलवे कर्मचारियों के लिए चिकित्सा सुविधा एवं विशेष नर्सिंग (Special Nursing) से संबंधित प्रावधान करता है।
मुख्य बिंदु
- कर्मचारी ड्यूटी के दौरान घायल हुआ हो।
- अधिकृत रेलवे चिकित्साधिकारी (Authorised Railway Medical Officer) विशेष नर्सिंग की आवश्यकता प्रमाणित करे।
- ऐसी स्थिति में विशेष नर्सिंग सुविधा रेलवे के व्यय पर उपलब्ध कराई जा सकती है।
(2) Railway Leave Rules
ड्यूटी से संबंधित चोट अथवा बीमारी के मामलों में अवकाश संबंधी प्रावधान रेलवे Leave Rules के अंतर्गत दिए गए हैं।
समय-समय पर रेलवे बोर्ड द्वारा इन नियमों में संशोधन किए गए हैं।
(3) Work Related Illness & Injury Leave (WRIIL)
रेलवे बोर्ड ने Leave Rules में संशोधन करते हुए कार्य-संबंधी बीमारी एवं चोट के मामलों के लिए Work Related Illness & Injury Leave (WRIIL) की व्यवस्था लागू की।
संदर्भ
Railway Board Letter No. E(P&A)I-2019/CPC/LE-2
दिनांक : 23.04.2019
(अगले भाग में इस आदेश का विस्तृत क्लॉजवार विश्लेषण किया जाएगा।)
कौन निर्णय करता है कि मामला IOD है या नहीं?
यह एक महत्वपूर्ण प्रश्न है।
किसी भी दुर्घटना को केवल कर्मचारी के आवेदन के आधार पर Injury on Duty घोषित नहीं किया जाता।
सामान्यतः सक्षम रेलवे प्रशासन निम्नलिखित अभिलेखों का परीक्षण करता है—
- दुर्घटना प्रतिवेदन (Accident Report)
- विभागीय रिपोर्ट
- मेडिकल रिपोर्ट
- ड्यूटी संबंधी अभिलेख
- उपलब्ध साक्ष्य
इन सभी तथ्यों के आधार पर निर्णय लिया जाता है कि मामला Injury on Duty के अंतर्गत स्वीकार किया जा सकता है या नहीं।
Injury on Duty होने पर संभावित लाभ
यदि सक्षम प्राधिकारी किसी मामले को Injury on Duty स्वीकार करता है, तो लागू नियमों के अनुसार कर्मचारी को निम्नलिखित लाभ प्राप्त हो सकते हैं—
- रेलवे चिकित्सा सुविधा।
- आवश्यकता होने पर विशेष नर्सिंग (IREC Rule 615 के अनुसार)।
- Work Related Illness & Injury Leave (WRIIL), जहाँ लागू हो।
- मेडिकल बोर्ड द्वारा परीक्षण।
- अन्य वैधानिक लाभ, यदि संबंधित नियमों के अंतर्गत देय हों।
ध्यान रहे कि प्रत्येक लाभ संबंधित नियमों की पात्रता एवं सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति पर निर्भर करता है।

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