रेलवे कर्मचारियों के लिए Injury on Duty (IOD) नियमावली
भाग–2 : Injury on Duty (IOD) का कानूनी आधार एवं लागू नियम
महत्वपूर्ण सूचना: इस अध्याय में केवल Injury on Duty (IOD) से संबंधित मूल कानूनी एवं प्रशासनिक आधार का अध्ययन किया गया है। आगामी अध्यायों में प्रत्येक Rule, Railway Board Letter एवं RBE का क्रमवार विश्लेषण किया जाएगा।
1. Injury on Duty (IOD) का उद्देश्य
भारतीय रेलवे में लाखों कर्मचारी विभिन्न प्रकार के जोखिमपूर्ण कार्य करते हैं, जैसे—
- ट्रैक रखरखाव
- लोको संचालन
- यार्ड शंटिंग
- सिग्नल एवं दूरसंचार कार्य
- ओएचई (OHE) अनुरक्षण
- दुर्घटना राहत कार्य (ART/ARME)
- पुल एवं भवन निर्माण
- विद्युत एवं यांत्रिक कार्य
इन कार्यों के दौरान यदि कोई कर्मचारी घायल हो जाता है, तो उसके उपचार, अवकाश तथा अन्य प्रशासनिक कार्यवाही के लिए रेलवे ने विभिन्न नियम बनाए हैं।
2. Injury on Duty के लिए एक ही नियम नहीं है
यह समझना आवश्यक है कि "Injury on Duty Rules" नाम से रेलवे में कोई एक स्वतंत्र नियमावली (Single Code) नहीं है।
IOD से संबंधित प्रावधान विभिन्न नियम पुस्तकों एवं रेलवे बोर्ड के आदेशों में दिए गए हैं।
मुख्य स्रोत हैं—
- Indian Railway Establishment Code (IREC)
- Railway Services (Leave) Rules
- Railway Board Instructions
- Injury on Duty Policy & Procedure
- Indian Railway Medical Manual (IRMM)
इसलिए किसी भी IOD मामले का निर्णय केवल एक नियम देखकर नहीं किया जा सकता।
3. IREC का महत्व
IOD मामलों में सबसे अधिक उद्धृत नियमों में से एक है—
IREC Volume-I
Rule 615
इस नियम में ड्यूटी के दौरान घायल रेलवे कर्मचारियों के लिए विशेष नर्सिंग (Special Nursing) का प्रावधान किया गया है।
यदि अधिकृत रेलवे चिकित्साधिकारी यह प्रमाणित करता है कि विशेष नर्सिंग आवश्यक है, तो नियमानुसार उसका व्यय रेलवे द्वारा वहन किया जा सकता है।
4. Leave Rules का महत्व
IOD का अर्थ केवल चिकित्सा सुविधा नहीं है।
यदि कर्मचारी कार्य करने में असमर्थ हो जाता है, तो उसके अवकाश (Leave) का प्रश्न भी उत्पन्न होता है।
इसी उद्देश्य से रेलवे Leave Rules में विशेष प्रावधान किए गए हैं।
समय-समय पर रेलवे बोर्ड ने इन नियमों में संशोधन भी किए हैं।
5. Work Related Illness & Injury Leave (WRIIL)
सातवें वेतन आयोग के बाद रेलवे बोर्ड ने Leave Rules में संशोधन करते हुए Work Related Illness & Injury Leave (WRIIL) लागू की।
यह व्यवस्था उन मामलों के लिए है जहाँ बीमारी अथवा चोट का संबंध कर्मचारी के सरकारी कार्य से हो।
Railway Board Letter
No. E(P&A)I-2019/CPC/LE-2
Date : 23.04.2019
6. IOD घोषित कौन करता है?
यह अत्यंत महत्वपूर्ण प्रश्न है।
किसी कर्मचारी के आवेदन मात्र से Injury on Duty घोषित नहीं किया जाता।
निर्णय संबंधित सक्षम रेलवे प्राधिकारी द्वारा उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर लिया जाता है।
सामान्यतः निम्नलिखित दस्तावेज देखे जाते हैं—
- Accident Report
- Medical Report
- Supervisor Report
- Duty Record
- Attendance
- उपलब्ध साक्ष्य
7. Railway Medical Officer की भूमिका
Railway Medical Officer सामान्यतः निम्न बिंदुओं पर अपनी राय देता है—
- चोट की प्रकृति
- गंभीरता
- उपचार की अवधि
- कार्य करने की क्षमता
- अस्थायी अथवा स्थायी अक्षमता
- Fitness / Unfitness
यह रिपोर्ट आगे की पूरी प्रशासनिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण आधार बनती है।
8. IOD स्वीकार होने पर क्या होता है?
यदि सक्षम प्राधिकारी मामले को Injury on Duty स्वीकार करता है, तो मामले की प्रकृति एवं लागू नियमों के अनुसार कर्मचारी को निम्न लाभ प्राप्त हो सकते हैं—
- चिकित्सा सुविधा
- WRIIL (जहाँ लागू हो)
- विशेष नर्सिंग (IREC Rule 615 के अनुसार)
- मेडिकल बोर्ड
- अन्य वैधानिक लाभ
इनमें से प्रत्येक लाभ संबंधित नियमों की पात्रता पर निर्भर करता है।
9. किन विषयों पर अभी चर्चा नहीं की जा रही?
इस अध्याय में जानबूझकर निम्न विषय शामिल नहीं किए गए हैं—
- Home to Duty Accident
- Duty to Home Accident
- Notional Extension Theory
- Court Judgments
इन विषयों पर अलग अध्याय लिखा जाएगा और केवल वहीं शामिल किया जाएगा जहाँ रेलवे बोर्ड के आधिकारिक निर्देश या लागू विधिक आधार उपलब्ध हों।
इस अध्याय के मुख्य बिंदु
✔ Injury on Duty कोई एक नियम नहीं, बल्कि विभिन्न नियमों का समुच्चय है।
✔ IREC Rule 615 चिकित्सा एवं विशेष नर्सिंग से संबंधित महत्वपूर्ण नियम है।
✔ Leave संबंधी मामलों में WRIIL लागू होती है।
✔ प्रत्येक IOD मामले का निर्णय तथ्यों एवं सक्षम प्राधिकारी द्वारा किया जाता है।
✔ Injury on Duty का प्रत्येक दावा अलग-अलग तथ्यों के आधार पर परीक्षण किया जाता है।
संदर्भ (References)
- Indian Railway Establishment Code (IREC), Volume-I – Rule 615 (Railway Employees Injured on Duty).
- Railway Board Letter No. E(P&A)I-2019/CPC/LE-2 dated 23.04.2019 – Work Related Illness & Injury Leave (WRIIL) संबंधी संशोधन.

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