भाग–2 : नौकरी के दौरान उच्च शिक्षा (Higher Studies During Service)
प्रस्तावना
रेलवे कर्मचारी सेवा में रहते हुए अपनी शैक्षणिक योग्यता बढ़ाना चाहते हैं। कोई Graduation या Post Graduation करना चाहता है, कोई Professional Course, Diploma या अन्य उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहता है।
सबसे बड़ा प्रश्न यह होता है—
- क्या नौकरी के दौरान पढ़ाई की जा सकती है?
- क्या पहले अनुमति (Permission) लेनी होगी?
- क्या Distance Education और Regular Course के नियम अलग हैं?
- क्या पढ़ाई करने से विभागीय कार्य प्रभावित नहीं होना चाहिए?
इन प्रश्नों के उत्तर रेलवे सेवक (आचरण) नियम, सेवा शर्तों तथा Railway Board द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों के आधार पर समझे जाने चाहिए।
Case–1 : क्या रेलवे कर्मचारी नौकरी के दौरान पढ़ाई कर सकता है?
स्थिति
एक रेलवे कर्मचारी सेवा में रहते हुए अपनी शैक्षणिक योग्यता बढ़ाना चाहता है। वह स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा अथवा अन्य मान्यता प्राप्त Course करना चाहता है।
प्रश्न
क्या रेलवे कर्मचारी नौकरी के दौरान पढ़ाई कर सकता है?
वर्तमान नियम क्या कहते हैं?
रेलवे सेवा नियमों में ऐसा कोई सामान्य प्रतिबंध नहीं है जो रेलवे कर्मचारी को नौकरी के दौरान उच्च शिक्षा प्राप्त करने से रोकता हो।
अर्थात, कर्मचारी उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकता है, बशर्ते उसकी पढ़ाई से उसकी सरकारी ड्यूटी, कार्यकुशलता तथा सेवा दायित्व प्रभावित न हों तथा वह लागू सेवा नियमों का उल्लंघन न करे।
इस नियम से कर्मचारी को क्या लाभ मिलेगा?
- कर्मचारी अपनी शैक्षणिक योग्यता बढ़ा सकता है।
- भविष्य के विभागीय चयन, प्रतियोगी परीक्षाओं अथवा व्यक्तिगत विकास के लिए स्वयं को तैयार कर सकता है।
- मान्यता प्राप्त संस्थान से प्राप्त योग्यता का उपयोग वहाँ किया जा सकता है जहाँ संबंधित भर्ती/चयन नियम उसकी अनुमति देते हों।
इस नियम से क्या लाभ नहीं मिलेगा?
- नौकरी के दौरान पढ़ाई करने मात्र से स्वतः पदोन्नति का अधिकार नहीं बनता।
- स्वतः वेतन वृद्धि या अतिरिक्त वित्तीय लाभ नहीं मिलता।
- विभागीय कार्य की उपेक्षा करने की अनुमति नहीं मिलती।
नियम का सरल अर्थ
रेलवे कर्मचारी पढ़ाई कर सकता है, लेकिन उसकी पहली जिम्मेदारी सरकारी कार्य है। पढ़ाई के कारण कार्यालय, ड्यूटी या सेवा अनुशासन प्रभावित नहीं होना चाहिए।
निष्कर्ष
उत्तर – हाँ। रेलवे कर्मचारी नौकरी के दौरान उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकता है, बशर्ते वह सेवा नियमों का पालन करे और उसकी ड्यूटी प्रभावित न हो।
Case–2 : क्या नौकरी के दौरान पढ़ाई शुरू करने से पहले विभागीय अनुमति लेना अनिवार्य है?
स्थिति
एक कर्मचारी किसी विश्वविद्यालय में प्रवेश लेना चाहता है। प्रवेश लेने से पहले वह जानना चाहता है कि क्या विभाग की पूर्व अनुमति आवश्यक है।
प्रश्न
क्या प्रत्येक Course के लिए पूर्व अनुमति (Prior Permission) लेना अनिवार्य है?
वर्तमान नियम क्या कहते हैं?
इस विषय पर सभी प्रकार के Courses एवं सभी परिस्थितियों पर समान रूप से लागू होने वाला Railway Board का कोई सामान्य आदेश उपलब्ध नहीं है, जिसमें यह कहा गया हो कि प्रत्येक कर्मचारी को हर प्रकार की पढ़ाई शुरू करने से पहले अनिवार्य रूप से पूर्व अनुमति लेनी होगी।
विभिन्न परिस्थितियों—जैसे Regular Course, Distance Education, कार्यालय समय में कक्षाओं में उपस्थित होना, Study Leave, Duty Hours पर प्रभाव आदि—पर अलग-अलग नियम लागू हो सकते हैं।
इस नियम से कर्मचारी को क्या लाभ मिलेगा?
इस विषय में कोई एक समान सामान्य नियम उपलब्ध न होने के कारण कर्मचारी के मामले का निर्णय संबंधित परिस्थितियों एवं लागू सेवा नियमों के अनुसार किया जाएगा।
इस नियम से क्या लाभ नहीं मिलेगा?
- यह नहीं कहा जा सकता कि बिना अनुमति हर स्थिति में पढ़ाई वैध है।
- यह भी नहीं कहा जा सकता कि हर Course के लिए पूर्व अनुमति अनिवार्य है।
नियम का सरल अर्थ
Railway Board ने इस विषय पर सभी परिस्थितियों के लिए एक जैसा सामान्य नियम जारी नहीं किया है। इसलिए प्रत्येक स्थिति का निर्णय उसके अपने तथ्यों और लागू नियमों के आधार पर किया जाएगा।
निष्कर्ष
इस विषय पर सभी परिस्थितियों पर लागू कोई सामान्य Railway Board निर्देश उपलब्ध नहीं है। इसलिए इसे एक निश्चित "हाँ" या "नहीं" में नहीं बताया जा सकता।
Case–3 : क्या कार्यालय समय (Office Hours) में नियमित (Regular) कॉलेज या विश्वविद्यालय की कक्षाओं में भाग लिया जा सकता है?
स्थिति
एक रेलवे कर्मचारी किसी नियमित (Regular) Degree Course में प्रवेश लेना चाहता है। उस Course की कक्षाएँ कार्यालय समय (Office Hours) के दौरान संचालित होती हैं। कर्मचारी अपनी ड्यूटी के साथ-साथ कक्षाओं में भी उपस्थित होना चाहता है।
प्रश्न
क्या रेलवे कर्मचारी ड्यूटी के समय नियमित कक्षाओं में भाग ले सकता है?
वर्तमान नियम क्या कहते हैं?
रेलवे सेवक का प्रथम दायित्व अपने पद के कर्तव्यों का निर्वहन करना है। यदि किसी Regular Course की कक्षाओं में भाग लेने के कारण कर्मचारी अपनी निर्धारित ड्यूटी, कार्यालय समय या सरकारी कार्य से अनुपस्थित रहता है, तो ऐसा कार्य संबंधित सेवा नियमों, अवकाश नियमों तथा सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के अधीन होगा।
Railway Board द्वारा ऐसा कोई सामान्य आदेश उपलब्ध नहीं है जो सभी कर्मचारियों को ड्यूटी के समय नियमित कॉलेज या विश्वविद्यालय की कक्षाओं में भाग लेने की सामान्य अनुमति प्रदान करता हो।
इस नियम से कर्मचारी को क्या लाभ मिलेगा?
- कर्मचारी नियमित Course करना चाहता है तो वह ऐसा विकल्प चुन सकता है जिससे उसकी सरकारी ड्यूटी प्रभावित न हो।
- यदि किसी विशेष परिस्थिति में सक्षम प्राधिकारी द्वारा वैधानिक अनुमति प्रदान की जाती है, तो मामला उस अनुमति की शर्तों के अनुसार चलेगा।
इस नियम से क्या लाभ नहीं मिलेगा?
- कर्मचारी स्वयं निर्णय लेकर ड्यूटी छोड़कर नियमित कक्षाओं में उपस्थित नहीं हो सकता।
- Regular Course में प्रवेश लेने मात्र से कार्यालय समय में अनुपस्थित रहने का अधिकार प्राप्त नहीं हो जाता।
- Railway Board ने इस विषय में सभी कर्मचारियों के लिए कोई सामान्य छूट (General Exemption) नहीं दी है।
नियम का सरल अर्थ
नियमित शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार अलग विषय है, जबकि सरकारी ड्यूटी का पालन अलग दायित्व है। दोनों में टकराव होने पर सरकारी ड्यूटी और लागू सेवा नियमों का पालन आवश्यक होगा।
निष्कर्ष
उत्तर – नहीं (सामान्य रूप से)। Railway Board का ऐसा कोई सामान्य आदेश उपलब्ध नहीं है जो ड्यूटी के समय नियमित कक्षाओं में भाग लेने की सार्वभौमिक अनुमति देता हो।
Case–4 : क्या Distance Education (दूरस्थ शिक्षा) से पढ़ाई करने पर भी वही नियम लागू होंगे जो Regular Course पर लागू होते हैं?
स्थिति
एक कर्मचारी किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से Distance Education या Online Mode के माध्यम से पढ़ाई करना चाहता है। इस प्रकार की पढ़ाई में नियमित रूप से कॉलेज जाने की आवश्यकता नहीं होती।
प्रश्न
क्या Distance Education और Regular Course को रेलवे नियमों में समान माना जाता है?
वर्तमान नियम क्या कहते हैं?
उपलब्ध Railway Board के आदेशों में ऐसा कोई सामान्य निर्देश नहीं है जिसमें यह कहा गया हो कि Distance Education तथा Regular Course सभी परिस्थितियों में समान माने जाएंगे या उन पर बिल्कुल समान नियम लागू होंगे।
दोनों प्रकार की शिक्षा की प्रकृति अलग है। यदि Distance Education से कर्मचारी की सरकारी ड्यूटी प्रभावित नहीं होती, तो उसका मूल्यांकन उस विशेष मामले के तथ्यों और लागू नियमों के आधार पर किया जाएगा।
इस नियम से कर्मचारी को क्या लाभ मिलेगा?
- कर्मचारी ऐसी शिक्षा प्राप्त कर सकता है जिसमें नियमित कक्षाओं में उपस्थित रहने की आवश्यकता कम या नहीं होती।
- ड्यूटी प्रभावित न होने की स्थिति में व्यावहारिक कठिनाइयाँ अपेक्षाकृत कम हो सकती हैं।
इस नियम से क्या लाभ नहीं मिलेगा?
- यह नहीं माना जाएगा कि Distance Education के लिए किसी भी परिस्थिति में कोई नियम लागू नहीं होंगे।
- केवल Distance Mode होने से सभी प्रकार की विभागीय औपचारिकताओं से स्वतः छूट नहीं मिल जाती।
- Railway Board ने इस विषय पर सभी परिस्थितियों के लिए कोई एक समान सामान्य आदेश जारी नहीं किया है।
नियम का सरल अर्थ
Distance Education और Regular Course की परिस्थितियाँ अलग हो सकती हैं। इसलिए प्रत्येक मामले का निर्णय उसके तथ्यों तथा लागू नियमों के अनुसार किया जाएगा।
निष्कर्ष
उत्तर – दोनों को स्वतः समान नहीं माना जा सकता। उपलब्ध सामान्य Railway Board निर्देशों के आधार पर प्रत्येक मामले का अलग-अलग परीक्षण किया जाएगा।
भाग–2 से अब तक की प्रमुख बातें
- रेलवे कर्मचारी उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकता है, यदि उसकी सरकारी ड्यूटी प्रभावित न हो।
- प्रत्येक Course के लिए पूर्व अनुमति अनिवार्य है—ऐसा कोई सामान्य Railway Board आदेश उपलब्ध नहीं है।
- ड्यूटी के समय Regular Course की कक्षाओं में भाग लेने की सामान्य अनुमति उपलब्ध नहीं है।
- Distance Education और Regular Education के संबंध में सभी परिस्थितियों पर लागू कोई समान सामान्य Railway Board निर्देश उपलब्ध नहीं है।
Case–5 : क्या परीक्षा (Examination) में सम्मिलित होने के लिए रेलवे कर्मचारी को विशेष अवकाश (Special Leave) का अधिकार है?
स्थिति
एक रेलवे कर्मचारी किसी विश्वविद्यालय अथवा अन्य शैक्षणिक संस्थान की परीक्षा में सम्मिलित होना चाहता है। परीक्षा कार्य दिवस (Working Day) में आयोजित है। कर्मचारी जानना चाहता है कि क्या उसे परीक्षा देने के लिए विशेष अवकाश (Special Leave) स्वतः मिल जाएगा।
प्रश्न
क्या रेलवे कर्मचारी को अपनी शैक्षणिक परीक्षा देने के लिए विशेष अवकाश प्राप्त करने का अधिकार है?
वर्तमान नियम क्या कहते हैं?
रेलवे के उपलब्ध सामान्य नियमों एवं Railway Board के आदेशों में ऐसा कोई प्रावधान उपलब्ध नहीं है, जिसके अनुसार प्रत्येक रेलवे कर्मचारी को अपनी निजी शैक्षणिक परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए विशेष अवकाश (Special Leave) का स्वतः अधिकार प्राप्त हो।
यदि कर्मचारी परीक्षा में सम्मिलित होना चाहता है, तो उसके लिए उपलब्ध अवकाश (जैसे Casual Leave, LAP, LHAP आदि) तथा संबंधित अवकाश नियमों के अनुसार ही मामला देखा जाएगा।
इस नियम से कर्मचारी को क्या लाभ मिलेगा?
- कर्मचारी उपलब्ध एवं स्वीकृत अवकाश का उपयोग करके परीक्षा में सम्मिलित हो सकता है।
- यदि सक्षम प्राधिकारी नियमानुसार अवकाश स्वीकृत करता है, तो कर्मचारी विधिवत परीक्षा दे सकता है।
इस नियम से क्या लाभ नहीं मिलेगा?
- केवल परीक्षा होने के आधार पर विशेष अवकाश का स्वतः अधिकार नहीं बनता।
- कर्मचारी बिना स्वीकृत अवकाश के ड्यूटी से अनुपस्थित नहीं रह सकता।
- Railway Board ने सभी कर्मचारियों के लिए परीक्षा हेतु स्वतः विशेष अवकाश का कोई सामान्य आदेश जारी नहीं किया है।
नियम का सरल अर्थ
परीक्षा देना कर्मचारी का व्यक्तिगत निर्णय हो सकता है, लेकिन उसके लिए अवकाश भी लागू अवकाश नियमों के अनुसार ही लेना होगा।
निष्कर्ष
उत्तर – नहीं। रेलवे कर्मचारियों के लिए निजी शैक्षणिक परीक्षा हेतु स्वतः विशेष अवकाश का कोई सामान्य Railway Board प्रावधान उपलब्ध नहीं है।
Case–6 : क्या Study Leave प्रत्येक रेलवे कर्मचारी को मिल सकती है?
स्थिति
एक कर्मचारी उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए लंबे समय तक अध्ययन करना चाहता है। वह जानना चाहता है कि क्या उसे Study Leave मिल सकती है।
प्रश्न
क्या प्रत्येक रेलवे कर्मचारी अपनी इच्छानुसार Study Leave प्राप्त कर सकता है?
वर्तमान नियम क्या कहते हैं?
रेलवे कर्मचारियों के लिए Study Leave का प्रावधान सामान्य अवकाश नहीं है। यह केवल निर्धारित नियमों, पात्रता, सेवा की शर्तों तथा सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के अधीन दी जाने वाली विशेष प्रकार की छुट्टी है।
अर्थात् प्रत्येक कर्मचारी केवल आवेदन करने मात्र से Study Leave का अधिकारी नहीं बन जाता।
इस नियम से कर्मचारी को क्या लाभ मिलेगा?
यदि कर्मचारी संबंधित नियमों के अंतर्गत पात्र पाया जाता है और सक्षम प्राधिकारी Study Leave स्वीकृत करता है, तो वह स्वीकृत अवधि में अध्ययन कर सकता है।
इस नियम से क्या लाभ नहीं मिलेगा?
- प्रत्येक Course के लिए Study Leave का अधिकार नहीं है।
- प्रत्येक कर्मचारी को Study Leave मिलना अनिवार्य नहीं है।
- केवल उच्च शिक्षा प्राप्त करने की इच्छा के आधार पर Study Leave स्वीकृत नहीं की जाती।
नियम का सरल अर्थ
Study Leave एक विशेष सुविधा है, सामान्य अधिकार नहीं। इसकी स्वीकृति संबंधित नियमों एवं प्रशासनिक आवश्यकता पर निर्भर करती है।
निष्कर्ष
उत्तर – नहीं। Study Leave प्रत्येक कर्मचारी का स्वतः प्राप्त अधिकार नहीं है; यह केवल निर्धारित नियमों के अनुसार पात्र मामलों में ही स्वीकृत की जाती है।
Case–7 : क्या Service Record में दर्ज उच्च शैक्षणिक योग्यता के आधार पर कर्मचारी स्वतः विभागीय परीक्षा (LDCE/GDCE/Selection) में बैठ सकता है?
स्थिति
एक कर्मचारी की Graduation Degree अब Service Record में दर्ज हो चुकी है। वह जानना चाहता है कि क्या अब वह प्रत्येक विभागीय परीक्षा या चयन प्रक्रिया में स्वतः पात्र (Eligible) हो जाएगा।
प्रश्न
क्या केवल Service Record में शैक्षणिक योग्यता दर्ज होने से विभागीय परीक्षा में बैठने का अधिकार मिल जाता है?
वर्तमान नियम क्या कहते हैं?
RBE No. 191/2017 एवं RBE No. 07/2018 का उद्देश्य केवल पात्र मामलों में उच्च शैक्षणिक योग्यता को Service Record में दर्ज करने की अनुमति देना है।
इन आदेशों में कहीं भी यह नहीं कहा गया है कि Service Record में योग्यता दर्ज होते ही कर्मचारी सभी विभागीय परीक्षाओं, चयनों अथवा पदोन्नतियों के लिए स्वतः पात्र हो जाएगा।
किसी भी विभागीय परीक्षा, LDCE, GDCE, Selection या Promotion की पात्रता संबंधित Recruitment Rules, Promotion Rules तथा Railway Board के उस चयन से संबंधित आदेशों द्वारा निर्धारित की जाती है।
इस नियम से कर्मचारी को क्या लाभ मिलेगा?
- विभाग के अभिलेखों में उसकी वास्तविक शैक्षणिक योग्यता उपलब्ध रहेगी।
- जहाँ संबंधित भर्ती या चयन नियम उस योग्यता को स्वीकार करते हैं, वहाँ उसका Service Record प्रमाण के रूप में उपयोग किया जा सकेगा।
इस नियम से क्या लाभ नहीं मिलेगा?
- प्रत्येक विभागीय परीक्षा में स्वतः पात्रता नहीं मिलेगी।
- केवल Degree दर्ज होने से Promotion का अधिकार नहीं बनेगा।
- किसी चयन के अन्य पात्रता मानदंड (सेवा अवधि, वरिष्ठता, चिकित्सा श्रेणी, अनुभव आदि) समाप्त नहीं होंगे।
नियम का सरल अर्थ
Service Record में Qualification दर्ज होना और किसी चयन के लिए पात्र होना, दो अलग-अलग विषय हैं। पात्रता का निर्णय हमेशा संबंधित भर्ती या चयन नियमों से होगा।
निष्कर्ष
उत्तर – नहीं। केवल Service Record में उच्च शैक्षणिक योग्यता दर्ज होने से कर्मचारी सभी विभागीय परीक्षाओं या चयनों के लिए स्वतः पात्र नहीं हो जाता।
Case–8 : क्या Service Record में दर्ज शैक्षणिक योग्यता के आधार पर स्वतः वेतन (Pay) या वेतनमान (Pay Level) बदल जाएगा?
स्थिति
एक कर्मचारी ने नौकरी के दौरान या ज्वाइनिंग से पहले प्राप्त अपनी उच्च शैक्षणिक योग्यता Service Record में दर्ज करा ली है।
अब वह जानना चाहता है कि क्या इससे उसके वेतन या Pay Level में कोई परिवर्तन होगा।
प्रश्न
क्या केवल उच्च शैक्षणिक योग्यता दर्ज होने से वेतन सम्बन्धी लाभ मिल जाता है?
वर्तमान नियम क्या कहते हैं?
RBE No. 191/2017 एवं RBE No. 07/2018 केवल उच्च शैक्षणिक योग्यता को Service Record में दर्ज करने से संबंधित हैं।
इन आदेशों में कहीं भी यह प्रावधान नहीं है कि केवल Service Record में शैक्षणिक योग्यता दर्ज होने के कारण कर्मचारी को अतिरिक्त वेतन, उच्च वेतनमान, विशेष वेतनवृद्धि अथवा Pay Level में परिवर्तन का लाभ मिलेगा।
इस नियम से कर्मचारी को क्या लाभ मिलेगा?
- कर्मचारी की वास्तविक शैक्षणिक योग्यता विभागीय अभिलेखों में दर्ज रहेगी।
- भविष्य में जहाँ किसी नियम के अंतर्गत इस अभिलेख की आवश्यकता होगी, वहाँ इसका उपयोग किया जा सकेगा।
इस नियम से क्या लाभ नहीं मिलेगा?
- अतिरिक्त वेतन नहीं मिलेगा।
- अतिरिक्त वेतनवृद्धि (Increment) नहीं मिलेगी।
- Pay Matrix Level में स्वतः परिवर्तन नहीं होगा।
- केवल Degree दर्ज होने के आधार पर वित्तीय लाभ प्राप्त नहीं होगा।
नियम का सरल अर्थ
Railway Board का यह आदेश Record Correction से संबंधित है, Financial Upgradation से नहीं।
निष्कर्ष
उत्तर – नहीं। केवल Service Record में उच्च शैक्षणिक योग्यता दर्ज होने से कोई स्वतः वित्तीय लाभ प्राप्त नहीं होता।
Case–9 : क्या Service Record में दर्ज शैक्षणिक योग्यता का उपयोग भविष्य में किया जा सकता है?
स्थिति
एक कर्मचारी की उच्च शैक्षणिक योग्यता अब Service Record में दर्ज हो चुकी है।
वह जानना चाहता है कि भविष्य में इसका क्या महत्व होगा।
प्रश्न
Service Record में शैक्षणिक योग्यता दर्ज होने का वास्तविक उपयोग क्या है?
वर्तमान नियम क्या कहते हैं?
Railway Board के आदेशों का उद्देश्य पात्र कर्मचारियों की वास्तविक शैक्षणिक योग्यता को आधिकारिक सेवा अभिलेखों में दर्ज करना है।
इससे विभाग के पास कर्मचारी की प्रमाणित शैक्षणिक योग्यता का आधिकारिक रिकॉर्ड उपलब्ध रहता है।
इस नियम से कर्मचारी को क्या लाभ मिलेगा?
- Service Record में सही शैक्षणिक विवरण उपलब्ध रहेगा।
- बार-बार शैक्षणिक योग्यता के संबंध में विवाद की संभावना कम होगी।
- जहाँ संबंधित भर्ती, चयन या प्रशासनिक प्रक्रिया में इस रिकॉर्ड की आवश्यकता होगी, वहाँ विभाग प्रमाणित अभिलेख का उपयोग कर सकेगा।
इस नियम से क्या लाभ नहीं मिलेगा?
- यह प्रविष्टि अपने आप किसी सेवा लाभ का स्रोत नहीं है।
- भविष्य में किसी भी लाभ के लिए संबंधित नियम अलग से लागू होंगे।
नियम का सरल अर्थ
इस आदेश का सबसे बड़ा उद्देश्य कर्मचारी की शैक्षणिक योग्यता का आधिकारिक एवं प्रमाणित रिकॉर्ड तैयार करना है।
निष्कर्ष
उत्तर – Service Record में दर्ज शैक्षणिक योग्यता का मुख्य महत्व उसका आधिकारिक रिकॉर्ड होना है। इससे आगे मिलने वाले किसी भी लाभ का निर्णय संबंधित सेवा नियमों के अनुसार ही होगा।

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