भारतीय रेल जैसे विशाल संगठन में प्रत्येक पद (Post) का सृजन (Creation), संधारण (Maintenance) तथा उपयोग एक सुव्यवस्थित प्रशासनिक प्रक्रिया के अंतर्गत किया जाता है। किसी भी विभाग में कितने पद स्वीकृत हैं, कितने कर्मचारी कार्यरत हैं तथा कितने पद रिक्त हैं—इन सभी का आधार Sanctioned Strength (स्वीकृत पदों की संख्या) है।
Personnel Department के लिए Sanctioned Strength केवल एक संख्या नहीं है, बल्कि यह भर्ती (Recruitment), पदोन्नति (Promotion), स्थानांतरण (Transfer), कैडर प्रबंधन (Cadre Management) तथा मानव संसाधन योजना (Manpower Planning) का मूल आधार है।
Sanctioned Strength क्या है?
Sanctioned Strength से आशय किसी विशेष श्रेणी (Category), ग्रेड (Grade), कार्यालय, मंडल (Division), जोन (Zone) या इकाई (Unit) के लिए सक्षम प्राधिकारी (Competent Authority) द्वारा स्वीकृत कुल पदों (Total Approved Posts) से है।
सरल शब्दों में,
जिस संख्या तक किसी पद पर नियुक्ति की अनुमति सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रदान की गई हो, वही उस पद की Sanctioned Strength कहलाती है।
Sanctioned Strength का उद्देश्य
स्वीकृत पदों का निर्धारण निम्नलिखित उद्देश्यों की पूर्ति के लिए किया जाता है—
संगठन की मानव संसाधन आवश्यकता निर्धारित करना।
प्रत्येक विभाग में आवश्यक कर्मचारियों की संख्या सुनिश्चित करना।
भर्ती एवं पदोन्नति की योजना बनाना।
कार्यभार के अनुसार स्टाफ उपलब्ध कराना।
वित्तीय नियंत्रण बनाए रखना।
कैडर प्रबंधन को सुव्यवस्थित करना।
Sanctioned Strength कैसे निर्धारित की जाती है?
किसी भी पद की स्वीकृत संख्या निर्धारित करते समय सामान्यतः निम्नलिखित बिंदुओं पर विचार किया जाता है—
कार्यभार (Workload)
कार्य का स्वरूप (Nature of Work)
सुरक्षा आवश्यकताएँ (Safety Requirements)
परिचालन आवश्यकताएँ (Operational Needs)
नई परियोजनाएँ
रेलवे बोर्ड की नीतियाँ
वित्तीय स्वीकृति
Work Study एवं Yardsticks (जहाँ लागू हों)
Sanctioned Strength में परिवर्तन कब होता है?
Sanctioned Strength स्थायी नहीं होती। आवश्यकता के अनुसार इसमें परिवर्तन किया जा सकता है।
मुख्य परिस्थितियाँ—
नए पदों का सृजन (Creation of Posts)
पदों का समर्पण (Surrender of Posts)
पदों का समाप्तीकरण (Abolition of Posts)
Cadre Review
Cadre Restructuring
नई परियोजनाएँ
कार्यभार में वृद्धि या कमी
Personnel Department की भूमिका
Sanctioned Strength के संबंध में Personnel Department की प्रमुख जिम्मेदारियाँ—
Cadre Register का संधारण।
प्रत्येक श्रेणी की स्वीकृत पद संख्या का रिकॉर्ड रखना।
समय-समय पर अद्यतन (Update) करना।
रिक्तियों का निर्धारण करना।
Recruitment एवं Promotion Planning करना।
Cadre Review के लिए आँकड़े उपलब्ध कराना।
संबंधित विभाग एवं Finance Department के साथ समन्वय करना।
Sanctioned Strength एवं Men in Position में अंतर
| Sanctioned Strength | Men in Position |
|---|---|
| स्वीकृत कुल पद | वास्तविक कार्यरत कर्मचारी |
| सक्षम प्राधिकारी द्वारा स्वीकृत | वास्तविक स्थिति दर्शाता है |
| भर्ती की सीमा निर्धारित करता है | उपलब्ध मानव संसाधन बताता है |
उदाहरण
यदि किसी कार्यालय में Office Superintendent के 20 पद स्वीकृत हैं और 17 कर्मचारी कार्यरत हैं, तो—
Sanctioned Strength = 20
Men in Position = 17
Vacancy = 3
Sanctioned Strength का महत्व
स्वीकृत पदों की सही जानकारी के बिना—
भर्ती नहीं की जा सकती।
पदोन्नति की योजना प्रभावित होती है।
रिक्तियों का सही निर्धारण संभव नहीं होता।
Manpower Planning प्रभावित होती है।
Cadre Review नहीं किया जा सकता।
इसलिए Sanctioned Strength, Personnel Administration का आधार मानी जाती है।
Practical Example
किसी मंडल में Senior Clerk के 150 पद स्वीकृत हैं।
कार्यरत कर्मचारी = 142
रिक्तियाँ = 8
यदि रेलवे बोर्ड 10 अतिरिक्त पद स्वीकृत करता है, तो—
नई Sanctioned Strength = 160
कार्यरत कर्मचारी = 142
कुल रिक्तियाँ = 18
इसके आधार पर भर्ती अथवा पदोन्नति की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है।
महत्वपूर्ण बिंदु
Sanctioned Strength का अर्थ स्वीकृत कुल पदों की संख्या है।
प्रत्येक भर्ती प्रक्रिया का प्रारंभ इसी आधार से होता है।
Cadre Register में इसका रिकॉर्ड रखा जाता है।
समय-समय पर इसकी समीक्षा की जाती है।
Personnel Department इसका संधारण एवं अद्यतन करता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
1. Sanctioned Strength क्या है?
सक्षम प्राधिकारी द्वारा स्वीकृत कुल पदों की संख्या को Sanctioned Strength कहते हैं।
2. क्या Sanctioned Strength बदल सकती है?
हाँ। आवश्यकता के अनुसार नए पदों के सृजन, Cadre Review या पुनर्गठन के माध्यम से इसमें परिवर्तन किया जा सकता है।
3. Sanctioned Strength और Vacancy में क्या अंतर है?
Sanctioned Strength कुल स्वीकृत पदों की संख्या है, जबकि Vacancy उन पदों की संख्या है जो वर्तमान में रिक्त हैं।
4. Sanctioned Strength का रिकॉर्ड कौन रखता है?
मुख्य रूप से Personnel Department, संबंधित विभागों के समन्वय से।
5. भर्ती प्रक्रिया में Sanctioned Strength का क्या महत्व है?
भर्ती के लिए उपलब्ध रिक्तियों का निर्धारण Sanctioned Strength के आधार पर ही किया जाता है।

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