निलम्बन (Suspension) – रेलवे कर्मचारियों के लिए संपूर्ण नियम
निलम्बन (Suspension) रेलवे प्रशासन द्वारा अपनाई जाने वाली एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्यवाही (Administrative Action) है। इसका उद्देश्य किसी कर्मचारी को दण्डित करना नहीं, बल्कि विभागीय जांच, आपराधिक मामले अथवा प्रशासनिक हितों की रक्षा करते हुए निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना है। निलम्बन के दौरान कर्मचारी सेवा (Service) में बना रहता है, किन्तु उसे अपने पद के कार्यों का निर्वहन करने तथा सामान्य रूप से कार्यालय में कार्य करने की अनुमति नहीं होती। अतः निलम्बन को दण्ड (Punishment) नहीं माना जाता, बल्कि यह केवल एक अंतरिम (Interim) व्यवस्था है।
निलम्बन का कानूनी आधार
रेलवे कर्मचारियों के निलम्बन से संबंधित प्रमुख प्रावधान निम्नलिखित हैं—
- Railway Servants (Discipline & Appeal) Rules, 1968 – Rule 4 एवं Rule 5
- Fundamental Rule (FR) 53 – Subsistence Allowance
- Fundamental Rule (FR) 54 – Reinstatement एवं Suspension Period का निस्तारण
- Railway Board Master Circular No. 64 – Suspension of Railway Employees
- Railway Board Master Circular No. 67 – Disciplinary & Appeal Matters
- Railway Board के समय-समय पर जारी RBE एवं अन्य निर्देश।
निलम्बन करने का अधिकार (Rule 4)
Rule 4 के अनुसार किसी रेलवे कर्मचारी को वही प्राधिकारी निलम्बित कर सकता है जिसे Railway Servants (Discipline & Appeal) Rules, 1968 की अनुसूचियों (Schedules) के अनुसार यह अधिकार प्राप्त हो। असाधारण परिस्थितियों में उच्च प्राधिकारी अधीनस्थ कर्मचारी को निलम्बित कर सकता है, किन्तु उसे सक्षम प्राधिकारी को तत्काल सूचना देकर अनुमोदन प्राप्त करना आवश्यक होता है। यदि कर्मचारी उच्च पद पर कार्यवाहक (Officiating) रूप में कार्य कर रहा है, तो निलम्बन का अधिकार उसके कार्यवाहक पद के आधार पर निर्धारित किया जाएगा।
किन परिस्थितियों में निलम्बन किया जा सकता है? (Rule 5(1))
Rule 5(1) के अनुसार सक्षम प्राधिकारी निम्न परिस्थितियों में कर्मचारी को निलम्बित कर सकता है—
(1) विभागीय कार्यवाही प्रस्तावित या लंबित हो
यदि कर्मचारी के विरुद्ध विभागीय जांच (Departmental Proceedings) प्रस्तावित है अथवा पहले से चल रही है और प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि आरोप गंभीर हैं तथा प्रमुख दण्ड (Major Penalty) की कार्यवाही हो सकती है, तो निलम्बन किया जा सकता है।
(2) राज्य की सुरक्षा के प्रतिकूल गतिविधियाँ
यदि सक्षम प्राधिकारी की राय में कर्मचारी ऐसी गतिविधियों में संलिप्त है जो राज्य की सुरक्षा अथवा राष्ट्रीय हित के प्रतिकूल हैं, तो उसे निलम्बित किया जा सकता है।
(3) आपराधिक मामला
यदि कर्मचारी के विरुद्ध किसी आपराधिक अपराध (Criminal Offence) में जांच, विवेचना, पूछताछ या न्यायालय में मुकदमा लंबित है, तो भी निलम्बन किया जा सकता है। केवल एफआईआर दर्ज होना प्रत्येक मामले में स्वतः निलम्बन का आधार नहीं है; सक्षम प्राधिकारी मामले की प्रकृति और प्रशासनिक आवश्यकता के आधार पर निर्णय लेता है।
Deemed Suspension (Rule 5(2))
कुछ परिस्थितियों में अलग से निलम्बन आदेश जारी करने की आवश्यकता नहीं होती और कर्मचारी स्वतः (Deemed) निलम्बित माना जाता है।
(क) 48 घंटे से अधिक हिरासत
यदि कर्मचारी किसी आपराधिक आरोप या अन्य कारण से 48 घंटे से अधिक पुलिस अथवा न्यायिक हिरासत में रहता है, तो वह हिरासत की तिथि से ही निलम्बित माना जाएगा।
(ख) दोषसिद्धि (Conviction)
यदि किसी अपराध में कर्मचारी को दोषी ठहराकर 48 घंटे से अधिक कारावास की सजा दी जाती है तथा उसे तत्काल पदच्युत, पद से हटाया या अनिवार्य सेवानिवृत्त नहीं किया जाता, तो वह दोषसिद्धि की तिथि से निलम्बित माना जाएगा। 48 घंटे की अवधि कारावास प्रारम्भ होने के समय से गणना की जाती है।
अपील या न्यायालय द्वारा दण्ड निरस्त होने पर (Rule 5(3) एवं Rule 5(4))
यदि किसी कर्मचारी को पदच्युत (Dismissal), पद से हटाने (Removal) या अनिवार्य सेवानिवृत्ति (Compulsory Retirement) का दण्ड दिया गया था और बाद में—
- अपीलीय अथवा पुनरीक्षण प्राधिकारी दण्ड निरस्त कर आगे जांच का आदेश देता है, अथवा
- न्यायालय दण्ड को निरस्त कर देता है तथा अनुशासनिक प्राधिकारी पुनः जांच कराने का निर्णय लेता है,
तो कर्मचारी मूल दण्डादेश की तिथि से निलम्बित माना जाएगा तथा आगे के आदेश तक उसका निलम्बन जारी रहेगा।
निलम्बन की अवधि एवं समीक्षा (Rule 5(5), 5(6) एवं 5(7))
निलम्बन अनिश्चितकाल तक नहीं चल सकता। Railway Board ने समयबद्ध समीक्षा (Timely Review) पर विशेष बल दिया है।
मुख्य प्रावधान निम्न हैं—
- निलम्बन आदेश की 90 दिनों के भीतर समीक्षा अनिवार्य है।
- यदि समीक्षा के बाद निलम्बन जारी रखना आवश्यक हो, तो सक्षम प्राधिकारी आदेश द्वारा इसे आगे बढ़ा सकता है।
- प्रत्येक विस्तार (Extension) अधिकतम 180 दिनों के लिए किया जा सकता है।
- प्रत्येक विस्तार से पूर्व पुनः समीक्षा आवश्यक होगी।
- यदि समय पर समीक्षा नहीं की जाती, तो Rule 5 के प्रावधानों के अनुसार निलम्बन की वैधता प्रभावित हो सकती है। Railway Board ने इस विषय पर समय-समय पर विस्तृत निर्देश जारी किए हैं।
नवीनतम संशोधन (RBE No. 125/2025)
Rule 5(2) के अंतर्गत Deemed Suspension के मामलों में 90 दिन की समीक्षा अवधि अब कर्मचारी की हिरासत से रिहाई की तिथि अथवा सक्षम प्राधिकारी को उसकी रिहाई की जानकारी मिलने की तिथि, जो भी बाद की हो, उससे गणना की जाएगी। यह Railway Board द्वारा जारी नवीनतम संशोधन है।
निलम्बन अवधि में निर्वाह भत्ता (Subsistence Allowance)
निलम्बन अवधि में कर्मचारी को वेतन के स्थान पर निर्वाह भत्ता (Subsistence Allowance) दिया जाता है।
सामान्यतः—
- प्रारम्भिक 90 दिनों तक मूल वेतन का 50% निर्वाह भत्ता देय होता है।
- इस पर नियमानुसार महंगाई भत्ता (Dearness Allowance) भी देय होता है।
- यदि जांच में विलम्ब कर्मचारी के कारण नहीं है, तो समीक्षा के बाद निर्वाह भत्ता 75% तक बढ़ाया जा सकता है।
- यदि विलम्ब कर्मचारी के कारण है, तो इसे 25% तक घटाया जा सकता है।
निर्वाह भत्ता प्राप्त करने के लिए कर्मचारी को यह प्रमाणित करना होता है कि वह निलम्बन अवधि में किसी अन्य रोजगार, व्यापार अथवा व्यवसाय में संलग्न नहीं है।
निलम्बन अवधि में कर्मचारी के अधिकार एवं प्रतिबंध
निलम्बन का अर्थ सेवा समाप्त होना नहीं है। कर्मचारी के कुछ अधिकार बने रहते हैं, वहीं कुछ प्रतिबंध भी लागू होते हैं।
अधिकार
- निर्वाह भत्ता प्राप्त करने का अधिकार।
- विभागीय जांच में अपना पक्ष रखने का अधिकार।
- नियमानुसार अपील करने का अधिकार।
- सक्षम प्राधिकारी द्वारा निलम्बन की समीक्षा का अधिकार।
प्रतिबंध
- बिना पूर्व अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ सकता।
- विभागीय जांच में सहयोग करना आवश्यक है।
- अन्य रोजगार, व्यापार अथवा व्यवसाय नहीं कर सकता।
- सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी अन्य वैध निर्देशों का पालन करना होगा।
निलम्बन समाप्त होने पर
जब निलम्बन समाप्त किया जाता है, तो कर्मचारी को पुनः सेवा में लिया जाता है। इसके पश्चात निलम्बन अवधि का निस्तारण FR 54 तथा संबंधित रेलवे नियमों के अनुसार किया जाता है। सक्षम प्राधिकारी यह निर्णय करता है कि उक्त अवधि को ड्यूटी माना जाएगा, अवकाश माना जाएगा अथवा अन्य प्रकार से नियमित किया जाएगा। इसी आदेश के आधार पर वेतन, भत्तों एवं अन्य सेवा लाभों का निर्धारण किया जाता है।
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण तथ्य
- निलम्बन दण्ड नहीं, बल्कि प्रशासनिक कार्यवाही है।
- निलम्बन का मुख्य प्रावधान Rule 5 में है।
- 48 घंटे से अधिक हिरासत होने पर Deemed Suspension लागू होता है।
- निलम्बन की पहली समीक्षा 90 दिनों के भीतर अनिवार्य है।
- प्रत्येक विस्तार अधिकतम 180 दिनों के लिए किया जा सकता है।
- निर्वाह भत्ता सामान्यतः 50% से प्रारम्भ होकर परिस्थितियों के अनुसार 75% तक बढ़ाया या 25% तक घटाया जा सकता है।
- RBE No. 125/2025 के अनुसार Deemed Suspension की समीक्षा हेतु 90 दिनों की गणना में संशोधन किया गया है।
निलम्बन का उद्देश्य कर्मचारी को दण्डित करना नहीं, बल्कि निष्पक्ष विभागीय अथवा न्यायिक प्रक्रिया सुनिश्चित करना है। Railway Servants (Discipline & Appeal) Rules, 1968 के Rule 4 एवं Rule 5, Fundamental Rules तथा Railway Board द्वारा जारी नवीनतम निर्देशों के अनुसार निलम्बन, उसकी समीक्षा, निर्वाह भत्ता तथा पुनर्बहाली की पूरी प्रक्रिया निर्धारित है। किसी भी प्रशासनिक निर्णय में सदैव Railway Board के नवीनतम आदेश, RBE एवं संशोधित नियमों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
